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इतिहास प्रश्न पत्र हल सहित कक्षा 11 | Class 11 history solved question paper

आज हम इतिहास प्रश्न पत्र हल सहित डाल रहे है | Class 11 question paper of history with solution in hindi according to be cbse.

 

इतिहास प्रश्न पत्र हल सहित

 

विषय  – इतिहास

कक्षा  – 11 वीं

 

समय – 3 घंटा                                                                                                                         अंक  – 75 

सामान्य निर्देश –

( १ ) सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

( २ ) प्रत्येक प्रश्न के अंक उसके सामने लिखे हैं

( ३ ) 2 अंकों वाले प्रश्नों के उत्तर ‘ खंड क ‘ प्रश्न संख्या 1 – 4 , 30 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए।

( ४ ) 4 अंकों वाले प्रश्नों के उत्तर ‘ खंड ख ‘ प्रश्न संख्या 5 – 10 , 100 शब्दों से अधिक नहीं होनी चाहिए।

( ५ ) 8 अंकों वाले प्रश्नों के उत्तर ‘ खंड ग ‘ प्रश्न संख्या 11 – 15 ,  350 शब्दों से अधिक नहीं होनी चाहिए।

( ६ ) ‘ खंड घ ‘ वाले प्रश्न स्रोतों के आधार पर हैं , प्रश्न संख्या 16 – 17 |

( ७ )  ‘ खंड ड ‘  प्रश्न संख्या 18 , 18.1 और 18.2 मानचित्र संबंधित है। जिसमें लक्षणों को पहचानना तथा महत्वपूर्ण मद को दर्शाना शामिल है। मानचित्र को उत्तर पुस्तिका के साथ नत्थी कीजिए।

 

 

खंड ‘क’

 

नीचे दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर लिखिए                                                                                       2 * 4 = 8

प्रश्न 1 शिल्प कृतियों से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर   शिल्पकृतियां मानव निर्मित वस्तुएं होती है। इनमें अनेक प्रकार की चीजें शामिल होती है। जैसे – औजार , चित्रकारियां , मूर्तियां , उत्कीर्ण चित्र आदि।

( पृष्ठ संख्या 19 एनसीआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें  )

 

प्रश्न 2 यूरोप के यात्री और विद्व जन मेसोपोटामिया को एक तरह से अपने पूर्वजों की भूमि मानते थे , स्पष्ट कीजिए।

उत्तर  क्योंकि जब मेसोपोटामिया में पुरातत्वीय खोज की शुरुआत हुई तो , बाइबल के ओल्ड टेस्टामेंट को अक्षरस: सत्य सिद्ध करने का प्रयत्न किया गया।

( पृष्ठ संख्या 29 एनसीआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

प्रश्न 3 वर्ष वृत्तांत इतिहास का एक प्रमुख स्रोत क्यों माने जाते हैं ?

उत्तर  समकालीन व्यक्तियों द्वारा लिखे गए काल के इतिहास को वर्ष वृतांत कहा जाता था , क्योंकि यह वृत्तांत प्रतिवर्ष लिखे जाते थे। पत्र , व्याख्यान , प्रवचन , कानून आदि।

( पृष्ठ संख्या 58 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

प्रश्न 4  मंगोल कौन थे ?

उत्तर  मंगोल विविध जनसमुदाय का एक निकाय था। यह लोग उत्तर में तातार , खितान और मंचू लोगों से और पश्चिम में तुर्की कबीलों से भाषागत सामान्यता होने के कारण परस्पर संबंध थे। कुछ मंगोल पशुपालक और कुछ शिकारी संग्राहक थे।

( पृष्ठ संख्या 108 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

खंड ‘ख’

निम्नलिखित में से किन्ही 5 प्रश्नों के उत्तर लिखिए                                                                          4 * 5 = 20

प्रश्न 5 हम कैसे कह सकते हैं कि दो पैरों पर खड़े होकर चलने की क्षमता आदिकालीन मानव के लिए लाभदायक सिद्ध हुई।

उत्तर (१ )  एक हाथ बच्चों या चीजों को उठाकर ले जाने के लिए मुक्त हो गए ,

(२ )  जो – जो हाथ का इस्तेमाल बढ़ता गया त्यों – त्यों दो पैरों पर खड़े होकर चलने की कुशलता बढ़ती गई।

(३ )  चार पैरों के बजाय दो पैरों पर चलने से शारीरिक ऊर्जा की खपत भी कम होने लगी , लेकिन दौड़ते समय यह लाभ उल्टा हो गया।

(४ )  तिलोली , तंजानिया में मिले होमीनिड के पदचिन्हों के जीवाश्म और हादार इथिपेरिया से प्राप्त हड्डियों के जीवाश्म से पता चलता है कि तत्कालीन मानव दो पैरों पर चलने लगे थे।

(५)  कोई अन्य माननीय तथ्य

( पृष्ठ संख्या 13 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं विस्तार से लिखें )

 

 

प्रश्न 6 ‘उर’ नगर में नगर नियोजन पद्धती का अभाव था ? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर ( १ ) उर नगर में टेढ़ी-मेढ़ी व संकरी गलियां पाई गई और पहिए वाली गाड़ियां वहां के घरों तक नहीं पहुंच पाती थी।

( २ )  घरों के भूखंड एक जैसे आकार के नहीं थे।

( ३ ) जल निकासी की  नियोजित व्यवस्था नहीं थी।

( ४ )  लोग घर का सारा कूड़ा – कचरा बुहार कर गलियों में डाल देते थे , जहां वह आने – जाने वाले लोगों के पैरों के नीचे आता था। बाहर कूड़ा डालते रहने से गलियों की सतह उच्च ऊंची उठ गई थी। जिसके कारण कुछ समय बाद घरों की दहलीजों  को ऊपर उठाना पड़ता था , ताकि वर्षा के बाद कीचड़ बहकर घरों के अंदर ना जाए।

( ५ )  कोई अन्य माननीय तथ्य

( पृष्ठ संख्या एनसीआरटी 40 से अध्ययन कर स्वयं विस्तार से लिखें )

 

 

प्रश्न 7 समकालीन भारत की तरह रोमन साम्राज्य में सांस्कृतिक विविधता कई रूपों एवं स्तरों पर दिखाई देती है ? विश्लेषण कीजिए।

उत्तर  ( १ ) रोमन साम्राज्य में धार्मिक संप्रदायों तथा स्थानीय देवी – देवताओं की भरपूर विविधता थी। यह समकालीन भारत में देखने को मिलती है।

( २ )  बोलचाल की अनेक भाषाएं थी अरमाइक निकटवर्ती पूर्व कम से कम फरात  के पश्चिम में का प्रमुख भाषा समूह था।  मिस्र में कॉप्टिक , उत्तरी अफ्रीका में प्यूनिक तथा बरबर और स्पेन तथा उत्तर – पश्चिम में  केल्टिक भाषा बोली जाती थी।  समकालीन भारत में भी भाषा की विविधता है।

( ३ )  रोमन साम्राज्य में वेशभूषा की विभिन्न शैलियां थी जैसे समकालीन भारत में देखने को मिलती है।

( ४ )  तरह-तरह के भोजन और सामाजिक संगठनों के विविध रूप ( जनजाति और अन्य ) यहां तक की बस्तियों के अनेक रूप देखने को मिलते हैं।

( ५ )  कोई अन्य मान्य तथ्य

( पृष्ठ संख्या 65 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

प्रश्न 8 मध्यकालीन इस्लामी समाज पर यूनानी दर्शन और विज्ञान के प्रभाव का उल्लेख कीजिए।

उत्तर  ( १ ) इस्लामिक दार्शनिकों और वैज्ञानिकों ने यूनानी दर्शन और विज्ञान के प्रभाव में ईश्वर और विश्व की एक वैकल्पिक कल्पना विकसित की।

( २ ) सातवीं  शताब्दी के दौरान बाइन्जेटाइन और ससानी साम्राज्य में पिछले यूनानी संस्कृति के अवशेष पाए जा सकते थे , हालांकि वे धीरे-धीरे समाप्त हो रहे थे।

( ३ )   सिकंदरिया , सीरिया और मेसोपोटामिया के स्कूलों में जो कभी सिकंदर के साम्राज्य के भाग के अन्य विषयों के साथ – साथ यूनानी दर्शन , गणित और चिकित्सा की शिक्षा दी जाती थी।

( ४ )   उमय्यद और अब्बासी खलीफा ओने इसाई विद्वानों से यूनानी और सीरियाक भाषा की किताबों का अनुवाद करवाया।  अरस्तु की कृतियों यूक्लिड और एलिमेंट्स और टॉलमी  की पुस्तक एलमागेस्ट  की और अरबी बढ़ पढ़ने वाले विद्वानों का ध्यान दिलवाया।

( ५ )  धर्म वैज्ञानिक प्रवृत्तियों वाले विद्वानों ने इस्लामी विश्वासों की रक्षा के लिए यूनानी तर्क और विवेचना के तरीकों का इस्तेमाल किया।

( ६ )  कोई अन्य मान्य तथ्य

( पृष्ठ संख्या 97 से 99 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

 

प्रश्न 9 मंगोलो के इतिहास को जानने के साधन कौन से हैं ? स्पष्ट कीजिए।

उतर  ( १ )  स्टेपी प्रदेश के निवासियों ने अपना कोई साहित्य नहीं रचा , इसलिए इन यायावरी समाजों का ज्ञान मुख्यतः    वृत्तियों यात्रा वृतांतों और नगरीय साहित्यकारों के दस्तावेजों से प्राप्त होता है। इन लेखकों ने सूचनाएं गलत और पक्षपातपूर्ण ढंग से प्रस्तुत की।

( २ ) मंगोलो की साम्राजिक सफलताओं ने अनेक साहित्यकारों को अपनी और आकर्षित किया। उनमें से कुछ ने अपने अनुभवों के यात्रावृतांत लिखे और अनेक साहित्यकार मंगोल अधिपतियों  के राजाश्रय  में रहे।

( ३ )  कुछ ने मंगोलो के विषय में सहानुभूतिपरक  विवरण और कुछ ने उनकी प्रतियां भी लिखी। इसके विपरीत उनके विरोधियों ने स्टेपी लुटेरों के विषय में कटु वचन कहे।

( ४ )  मंगोलो पर सबसे बहुमूल्य शोध कार्य 18वीं और 19वीं शताब्दी में रूसी विद्वानों ने उस काल में किया जब ज़ार शासक मध्य एशियाई क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे थे। इन्हें यात्रियों , सैनिकों , व्यापारियों और पूराविदो ने तैयार किया था।

( ५ )  मार्क्सवादी इतिहास लेखन में चंगेज खान और मंगोल साम्राज्य को संक्रमण व्यवस्था के दायरे में रखा गया। जिसमें जनजातीय उत्पादन प्रणाली से सामंती उत्पादन प्रणाली की और परिवर्तन हो रहा था।

( ६ )   मंगोल से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्रियां चीनी , मंगोली  , फारसी , अरबी , इतावली , लातिनी , फ्रांसीसी और रूस भाषा में मिलती है।

( ७ )  अन्य कोई मान्य तथ्य

( पृष्ठ संख्या 104 से 6 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

प्रश्न 10 मेसोपोटामिया की भौगोलिक अवस्था का वर्णन कीजिए।

उत्तर 10 ( १ )   मेसोपोटामिया आजकल के इराक का भाग था। इराक भौगोलिक विविधता का देश है। यहां हरे-भरे ऊंचे नीचे मैदान थे।  पर्याप्त वर्षा होती थी।

( २ )  उत्तर में ऊंची भूमि है जहां स्टेपी घास के मैदान हैं। पशुपालन और खेती आजीविका के साधन हैं। दजला की सहायक नदियां ईरान के पहाड़ी प्रदेशों में जाने के लिए परिवहन का अच्छा साधन है।

( ३ )  दक्षिणी भाग रेगिस्तान है और यही वह स्थान है जहां सबसे पहले नगरों और लेखन प्रणाली की शुरुआत हुई। यहां दजला और फरात नदियां उत्तरी पहाड़ों से निकल कर अपने साथ उपजाऊ बारीक मिट्टी लाती है।

( ४ )  फरात नदी रेगिस्तान में प्रवेश करने के बाद कई धाराओं में बँटकर  बहने लगती है और पुराने जमाने में यह धाराएं सिंचाई की लहरों का काम देती थी। आवश्यकता पड़ने पर इनसे गेहूं , जौ , और मटर या मसूर के खेतों की सिंचाई की जाती थी।

( ५  )  खेती के अलावा भेड़ बकरियां स्टेपी  घास के मैदानों और उत्तरी मैदानों और पहाड़ों के ढालों  पर पाली जाती थी। इसके अलावा नदियों में मछलियां काफी मात्रा में थी और गर्मी में खजूर के पेड़ बहुत फलदायक होते थे।

( ६ )  कोई अन्य मान्य तथ्य ( कोई चार )

( पृष्ठ संख्या 30 से 31 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

खंड – ‘ग’

 

निम्नलिखित में से किन्ही 4 प्रश्नों के उत्तर लिखिए                                                                         8 * 4 = 32

प्रश्न 11 किस प्रकार भाषा के प्रयोग से शिकार करने , आश्रय बनाने के काम में आदिकालीन मानव को मदद मिली होगी

? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर ( १ ) भाषा के प्रयोग से शिकार का स्थान , तरीका , समय आदि के बारे में एक दूसरे के साथ सलाह की जा सकती होगी।

( २ )  शिकार करने में किस प्रकार से पशुओं का सामना करना है,  विचार करके मनुष्य ने एक – दूसरे की मदद की होगी।

( ३ )  जंगली जानवरों का शिकार संयुक्त रूप से करने के लिए भाषा के द्वारा योजनाएं बनाने में सहायता मिली होगी , जिससे मानव की कम से कम क्षति हो और अधिक से अधिक लाभ हो।

( ४ )  आश्रय बनाने के काम में भी भाषा काफी लाभदायक साबित हुई होगी। भाषा के प्रयोग से मानव ने आश्रय बनाने में एक – दूसरे की मदद की होगी क्योंकि कोई भी एक मानव अपने लिए अकेला आश्रय नहीं बना सकता। भिन्न-भिन्न वस्तुओं की आवश्यकता दूसरों की सहायता से पूरी की गई होगी।

( ५ )  प्राकृतिक खतरों जैसे बाढ़ , सूखा , भूकंप आदि का सामना कैसे किया जाए , सुरक्षित स्थान कौन से हैं इन विषय पर भाषा द्वारा विचार विमर्श किया गया होगा।

( ६ )   चित्रकारी का प्रयोग भी संवाद का एक तरीका है। चित्रकारी के द्वारा शिकार करने का स्थान शिकार कैसे , कब , कहां किस प्रकार संप्रेषित किया जा सकता है।

( ७ )  इसी प्रकार आश्रय बनाने में चित्रकारी द्वारा आश्रय का प्रकार , स्थिति आदि का वर्णन किया जा सकता है। जैसे आजकल भवनों के लिए योजना बनाई जाती है।

( पूर्ण इकाई के रूप में मूल्यांकन किया जाएगा अतः  स्पष्ट और ब्यौरा सहित लिखें )

 

 

प्रश्न 12 ‘ मारी नगर ‘ के मुख्य व्यापारिक नगर के रूप में उभरने के कारणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ( १ ) मारी नगर फरात नदी की ऊर्ध्वधरा  पर स्थित है।  इस ऊपरी क्षेत्र में खेती और पशुपालन साथ – साथ चलते थे।

( २ )  मारी  नगर से होकर लकड़ी , तांबा , रांगा , तेल , मदिरा और अन्य कई किस्मों का माल नाव के जरिए फरात नदी के रास्ते दक्षिण और तुर्की , सीरिया और लेबनान के ऊंचे इलाकों के बीच लाया ले जाए जाता था।

( ३ )  मारी नगर व्यापार के बल पर समृद्ध हुए शहरी केंद्रों का एक अच्छा उदाहरण है।

( ४ )  दक्षिणी नगरों  को घिसाई – पिसाई के पत्थर चकिया , लकड़ी और शराब तथा तेल के पीपे ले जाने वाले जलपात  मारी में रुका करते थे।

( ५ )  मारी के अधिकारी जलपोत पर जाया करते थे , उस पर लदे हुए सामान की जांच करते थे और उसे आगे बढ़ने की इजाजत देने से पहले उन में लदे सामानों की कीमत का लगभग 10% कर वसूलते थे।

( ६ )  जौ  एक विशेष किस्म की नौका में जाता था।

( ७ )  कुछ पत्रिकाओं में साइप्रस के द्वीप ‘ अलाशिया ‘ से आने वाले तांबे का उल्लेख मिलता है।

( ८ )  अलाशिया उन दिनों तांबे और टीन  के व्यापार के लिए मशहूर था। परंतु यहां रांगे का भी व्यापार होता था। कांसा औजार और हथियार बनाने के लिए एक मुख्य औद्योगिक सामग्री थी। इसलिए उसके व्यापार का बहुत महत्व था।  इस प्रकार मारी राज्य सैनिक दृष्टि से उतना सफल नहीं था , परंतु व्यापार और समृद्धि के मामले में वह अद्वितीय था।

( पृष्ठ संख्या 44 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

प्रश्न 13 ‘रोमन साम्राज्य’ में श्रम प्रबंधन तथा श्रमिकों पर नियंत्रण किस प्रकार रखा जाता था ? व्याख्या कीजिए।

उत्तर ( १ )   रोम के कृषि – विषयक लेखकों ने श्रम – प्रबंधन की और विशेष ध्यान दिया।

( २ )    एक लेखक कोलूमेल्ला  ने सिफारिश की थी कि जमींदारों को अपनी जरूरत से दुगनी संख्या में उपकरणों तथा और यारों का सुरक्षित भंडार रखना चाहिए ताकि उत्पादन लगातार होता रहे , क्योंकि दास संबंधी श्रम समय की हानि ऐसी मदों की लागत से अधिक बैठती है।

( ३ )   निरीक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया क्योंकि नियोक्ताओं में यह आम धारणा थी कि निरीक्षण के बिना कभी भी काम  ठीक से नहीं कराया जा सकता।  निरीक्षण को सरल बनाने के लिए कामगारों को कभी – कभी छोटे दलों में विभाजित कर दिया जाता था।

( ४ )  कोलूमेल्ला  ने दस – दस  श्रमिकों के समूह बनाने की सिफारिश की थी क्योंकि छोटे समूह में यह बताना अपेक्षाकृत आसान होता है कि कौन काम कर रहा है और कौन कामचोरी। इससे पता लगता है कि उन दिनों श्रम प्रबंधन पर विस्तार से विचार किया जाता था।

( ५ )  अलग-अलग समूहों में काम करने वाले दासों को प्रायः पैरों में जंजीर डालकर एक साथ रखा जाता था।

( ६ )  रोम साम्राज्य में कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने तो बहुत अधिक कई नियंत्रण लागू कर रखे थे।  सुगंधित राल की फैक्ट्रियों में कामगारों के एप्रोन पर एक सी लगा दी जाती थी। उन्हें अपने सिर पर एक गहरी जाली वाला मास्क या नेट भी पहनना पड़ता था। उन्हें फैक्ट्री से बाहर जाने के लिए अपने सभी कपड़े उतारने पड़ते थे। संभवत यह बात अधिकांश फैक्ट्रियों और कारखानों पर लागू होती थी।

( ७ )  398 ईसवी के एक कानून में कहा गया है कि कामगारों को दागा  जाता था ताकि यदि वे भागने  या छिपने का प्रयास करें तो उन्हें पहचाना जा सके।

( ८ )  कई निजी उद्यमी कामगारों के साथ ऋण संविदा के रूप में अनुबंध कर लेते थे। ताकि यह दावा कर सकेंगे कर्मचारी उनके कर्जदार हैं।

( ९ )  कोई अन्य मान्यता

( पृष्ठ संख्या 68 से 69 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

 

प्रश्न 14 मध्यकालीन इस्लाम के उदार धार्मिक विचारों वाले लोगों के एक समूह को सूफी कहा जाता था ? परख कीजिए।

उत्तर ( १ )   मध्यकालीन इस्लाम के धार्मिक विचारों वाले लोगों का एक समूह बन गया था। जिन्हें सूफी कहा जाता था।

( २ )   सूफी लोग तप और  रहस्यवाद के जरिए खुदा का अधिक गहरा और व्यक्तिगत अनुभव चाहते थे।

( ३ )  समाज जितना भौतिक सुखों की कामना करता , सुखी लोग संसार का त्याग उतना अधिक करना चाहते और केवल खुद पर भरोसा करना चाहते।

( ४ )  आठवीं और नौवीं शताब्दी में ईश्वर से मिलने की इच्छा गहरे तक और वैराग्य की प्रवृत्तियों से ऊपर उठकर रहस्यवाद में बदल गई।

( ५ )   ईश्वर से मिलन ईश्वर के साथ तीव्र प्रेम के जरिए ही प्राप्त किया जा सकता है।

( ६ )  इस इश्क का उपदेश एक महिला संत , बसरा की राबिया द्वारा अपनी शायरी में दिया गया था।

( ७ )   सूफी आनंद , प्रेम तथा भावावेश  जगाने के लिए संगीत समारोह का उपयोग करते थे।

( ८ )   सूफीवाद का द्वार सबके लिए खुला है , चाहे वह किसी भी धर्म हैसियत अथवा लिंग का हो।

( ९ )  सूफीवाद ने इस्लाम को अधिक निजी और कम संस्थागत बना दिया और इस प्रकार लोकप्रियता प्राप्त की तथा रूढ़िवादी इस्लाम के समक्ष चुनौती पेश की।

( १० )  कोई अन्य मान्य तथ्य ( कोई 8 )

( पृष्ठ संख्या 97 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

 

प्रश्न 15 ‘चंगेज खान’  की अभूतपूर्व सफलता उसकी सैनिक उपलब्धियां तथा फुर्तीली  हरकारा पद्धति का परिणाम थी।

इस कथन की पुष्टि कीजिए।

उत्तर ( १ )   चंगेज खां ने स्टेपी – युद्ध व्यवस्था को अपनी सैनिक युद्ध नीति में प्रयोग किया।

( २ )   मंगोलो और तुर्कों की घुड़सवारी कौशल ने उसकी सेना को गतिशीलता दी।

( ३ )  घोड़े पर सवार होकर तीरंदाजी का उसका कौशल शानदार था जिसे उसने अपने दैनिक जीवन में जंगलों में पशुओं का शिकार करते समय प्राप्त किया था।

( ४ )  इस घुड़सवारी तीरंदाजी ने उसकी सैनिक गति को बहुत तेज कर दिया।

( ५ )   स्टेपी  प्रदेश के घुड़सवार सदैव फुर्तीले और बड़ी तेज गति से यात्रा करते थे। अब उन्हें अपने आसपास के विभागों पर मौसम की जानकारी हो गई जिसने उन्हें अकल्पनीय कार्य करने की क्षमता प्रदान की।

( ६ )  उसने कठिन शीत ऋतु में युद्ध अभियान प्रारंभ किए और नगरों और शिविरों में प्रवेश करने के लिए बर्फ से जमी हुई नदियों का राजमार्गों के समान प्रयोग किया।

( ७ )  यायावर लोग अपनी परंपराओं के अनुसार प्राचीरों  के आरक्षित शिविरों में पैठ  बनाने में सक्षम नहीं थे , चंगेज खान ने घेराबंदी यंत्र और नेफ्ता  बमबारी के महत्व को समझा।

( ८ )  उसके इंजीनियरों ने उसके शत्रुओं के विरुद्ध अभियानों में हल्के चल उपस्कारों का निर्माण किया। जिसके युद्ध में घातक प्रभाव होते थे।

( ९ )  उसकी फुर्तीली हरकारा  पद्धति से राज्य के दूरदराज के स्थानों में परस्पर संपर्क तथा  निगरानी रखने में सहायता मिलती थी।

( १० )  कोई अन्य मान्य  तथ्य।

( पृष्ठ संख्या 112 से 116 एनसीईआरटी से अध्ययन कर स्वयं लिखें )

 

 

 

खंड – ‘घ’

स्रोत आधारित प्रश्न                                                                                                                5 * 2 = 10

प्रश्न 16 निम्नलिखित उद्धरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

कागज , गेनिजा , अभिलेख और इतिहास

कागज की उपलब्धता के कारण , सभी प्रकार के वाणिज्यिक और निजी दस्तावेजों को लिखना भी सुविधाजनक हो गया।  1896 में फुस्तात ( पुराना काहिरा ) में बेन एजरा के यहूदी प्रार्थना – भवन के एक सील बंद कमरे ( गेनिजा जिसका उच्चारण गनिजा के रूप में किया जाता है ) मे मध्यकाल के यहूदी दस्तावेजों का एक विशाल संग्रह मिला। यह दस्तावेज इस यहूदी प्रथा के कारण संभाल कर रखे गए थे कि ऐसी किसी भी लिखावट को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए , जिसमें परमेश्वर का नाम लिखा हुआ हो।  गेनिजा  में लगभग ढाई लाख पांडुलिपियों  और उनके टुकड़े थे , जिसमें कई आठवीं शताब्दी के मध्य काल की भी थी। अधिकांश सामग्री 10वीं से 13वीं शताब्दी तक की थी , अर्थात फातिमी , अयूबी और प्रारंभिक मामलुक  कल की थी। इनमें व्यापारियों , परिवार के सदस्यों और दोस्तों के बीच लिखे गए पत्र संविदा दहेज से जुड़े वादे , बिक्री दस्तावेज , धुलाई के कपड़ों की सूची और अन्य मामूली चीजें शामिल थी। अधिकतर दस्तावेज यहूदी – अरबी भाषा में लिखे गए थे जो हिब्रू अक्षरों में लिखी जाने वाली अरबी भाषा का ही रूप था , जिसका उपयोग समूचे मध्यकालीन भूमध्यसागरीय क्षेत्र में यहूदी समुदायों द्वारा आम तौर पर किया जाता था। गिनीजा दस्तावेज निजी और आर्थिक अनुभवों से भरे हुए है और वे भूमध्यसागरीय और इस्लामी संस्कृति की अंदरूनी जानकारी प्रस्तुत करते हैं। इन दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि मध्यकालीन इस्लामी जगत के व्यापारियों के व्यापारिक कौशल और वाणिज्यिक तकनीके उनके यूरोपीय प्रतिपक्षियों की तुलना में बहुत अधिक उन्नत थी। गेटिन ने गेनिजा अभिलेखों का प्रयोग करते हुए भूमध्य सागर का इतिहास कई संग्रहों में लिखा। गेनिजा के एक पत्र से प्रेरित होकर अमिताव घोष ने अपनी पुस्तक में  एन एंटीक लैंड में एक भारतीय दास की कहानी प्रस्तुत की है।

16.1  कागज की उपलब्धता के क्या लाभ हुए ?

उत्तर   सभी प्रकार के वाणिज्यिक और निजी दस्तावेजों को लिखना आसान हो गया।

 

16.2 मध्य काल के यहूदी दस्तावेजों का एक विशाल संग्रह कब और कहां से मिला ?

उत्तर   1896 में फुस्तात (पुराना काहिरा) में बेन एजर के यहूदी प्रार्थना – भवन के एक सील बंद कमरे में।

 

16.3  गेनिजा सामग्री से क्या जानकारी मिलती है ?

उत्तर    इसमें व्यापारियों , परिवार के सदस्यों और दोस्तों के बीच लिखे गए पत्र संविदा , दहेज से जुड़े विवाद , विक्री दस्तावेज , धुलाई के लिए कपड़ों की सूचियां आदि।

 

प्रश्न 17 निम्नलिखित उद्धरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

वार्का  शीर्ष

3000 ईसा पूर्व उरुक नगर में स्त्री का यह सिर एक सफेद संगमरमर को तराश कर बनाया गया था। इसकी आंखों और भोंहों में क्रमस: नीले  लाजवर्द  तथा सफेद सीपी और काले डामर की चढ़ाई की गई होगी। सिर के ऊपर एक खांचा बना हुआ है , जो शायद गहना पहनने के लिए बनाया गया था। यह मूर्तिकार का एक विश्व प्रसिद्ध नमूना है। इसके मुख , ठोड़ी  और गालों की सुकोमल सुंदर बनावट के लिए इसकी प्रशंसा की जाती है। यह एक ऐसे कठोर पत्थर में तराशा गया है जिसे काफी अधिक दूरी से लाना पड़ा होगा।

17.1 स्त्री का यह सिर कब और कहां बनाया गया था ?

उत्तर   3000 ईसा पूर्व उरुक  नगर में।

 

17.2 आंखों और भोंहो  पर कौन-कौन सा सजावट का सामान लगाया गया था ?

उत्तर   नीले लाजवर्द सफेद सीपी और काला डामर।

 

17.3 यह मूर्ति कला का विश्व प्रसिद्ध नमूना क्यों है ?

उत्तर   कलात्मक सौंदर्य के कारण , इसके मुख्य ठोढ़ी  और गालों की सुकोमल सुंदर बनावट के कारण।

खंड ड़ मानचित्र प्रश्न

18.1  अफ्रीका के दिए गए राजनीतिक रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को उपयुक्त चिन्हों से दर्शाइए और उसके नाम लिखिए –

( 1 ) इथियोपिया

( 2 ) तंजानिया

 

18.2 अफ्रीका के दिए गए इस मानचित्र पर A , B  और C  से तीन स्थलों को अंकित किया गया है। उन्हें पहचानिए और उसके नाम उसके पास खींची गई रेखाओं पर लिखिए।

 

नोट  निम्नलिखित प्रश्न केवल दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न संख्या 18 के स्थान पर है।

18.1  मंगोल साम्राज्य के दो प्रसिद्ध स्थलों के नाम लिखिए

18.2 अफ्रीका के किन्ही तीन स्थलों के नाम लिखिए जहां से हमें आदि मानव के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

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