छठ गीत chhath geet
त्यौहार

छठ गीत लिखा हुआ Chhath geet lyrics download audio video written

इस पोस्ट में आपको छठ गीत लिखे हुए मिलेंगे | ये सभी गीत छठ के पावन अवसर पर गाये जाते हैं | एक दिलचस्प बात ये है की यह लिखे सभी गानों को लगभग 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने इंटरनेट पर पसंद किया है | आप लोग भी इन गीतों लुत्फ़ उठाएं और अपने रिश्तेदारों के साथ शेयर अवश्य करें |

छठ गीत लिखा हुआ

गीत १ – काच्चे ही बांस के बहंगिया

काच्चे ही बांस के बहंगिया ,

बहंगी लचकत जाए,,,,,,,,,,,२

होए ना बलम जी कहरिया  ,

बहंगी घाटे पहुंचाए,,,,,,,,,,,,,२

कांच ही बांस के बहंगिया,

छठ पूजा विधि कहानी और महत्व

बहंगी लचकत जाए,,,,,,,,,,,,,२

बाट जे पूछे ना बटोहिया ,

बहंगी केकरा के जाय,,,,,,,,,,,२

तू तो आंध्र होवे रे बटोहिया ,

बहंगी छठ मैया के जाए,,,,,,,,,,,,,,२

वह रे जे बाड़ी छठी मैया ,

बहंगी उनका के जाए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,२

कांच ही बांस के बहंगिया

बहंगी लचकत जाए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,२

होए ना देवर जी कहरिया ,

बहंगी घाटे पहुंचाई ,,,,,,,,,,,,,२

वह रे जो बाड़ी छठी मैया

बहंगी उनका के जाए ,,,,,,,,,,,,२

बाटे जे पूछे ना बटोहिया

बहंगी केकरा के जाय ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,२

तू तो आन्हर  होय रे बटोहिया

बहंगी छठ मैया के जाए ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,२

वह रे जय भइली छठी मैया ,

बहंगी उनका के जाए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,२

निहित शब्द सरल रूप में –  काच्चे बांस – कच्चा बांस।  बहंगिया – कांवर ( जिसपर श्रवण कुमार अपने माता पिता को घूमते थे ) | लचकत – झूलता। कहरिया – कहार (जाति ) | घाटे – घाट ( नदी तालाब का किनारा ) |  बटोहिया – राहगीर। बाड़ी – है। आन्हर – अन्धा ( नेत्रहीन )

छठ गीत वीडियो ( chhath geet video ) –

गीत २ – केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल

केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके – झुके।

केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके – झुके। ।

के करेलू छठ बरतिया से झांके – झुके।

के करेलू छठ बरतिया से झांके – झुके। ।

हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी,

हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी। ।

 के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी।

 के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी। ।

हमरो जे बेटवा तोहन अइसन बेटावा से उनके लागी।

हमरो जे बेटवा तोहन अइसन बेटावा से उनके लागी। ।

से  करेली  छठ बरतिया से उनके लागी।

से  करेली  छठ बरतिया से उनके लागी। ।

अमरूदिया के पात पर उगे लन सुरुजमल झाके – झुके।

अमरूदिया के पात पर उगे लन सुरुजमल झाके – झुके। ।

के करेलू छठ बरतिया से झाके – झुके।

के करेलू छठ बरतिया से झाके – झुके।

हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी।

हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी।

के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी।

के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी। ।

हमरो जे स्वामी तोहन अइसन स्वामी से उनके लागी।

हमरो जे स्वामी तोहन अइसन स्वामी से उनके लागी।

से  करेली छठ बरतिया के उनके लागी।

से  करेली छठ बरतिया के उनके लागी।

नारियर के पात पर उगे लन सुरुजमल झाके – झुके।

नारियर के पात पर उगे लन सुरुजमल झाके – झुके। ।

के करेली छठ बरतिया से झांके – झुके।

के करेली छठ बरतिया से झांके – झुके। ।

हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी।

हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी।

के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी।

के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी।

हमरो जे बेटी तोहन बेटिया से उनके लागी।

हमरो जे बेटी तोहन बेटिया से उनके लागी।

से  करेली  छठ बरतिया से उनके लागी।

से करेली छठ बरतिया से उनके लागी।

छठ गीत वीडियो –

छठ गीत

गीत ३ – आठ ही के काठ के कोठरिया

आठ ही के काठ के कोठरिया  हो दीनानाथ , रूपे छा~ने लागल केवाड़।

आठ ही के काठ के कोठरिया हो दीनानाथ , रूपे छा~ने लागल केवाड़।

ताहि ऊपर चढ़ी सुतले हो दीनानाथ बांझी केवडूवा धइले ठाड़।

ताहि ऊपर चढ़ी सुतले हो दीनानाथ बांझी केवडूवा धइले ठाड़।

चदर उघारी जब देखले हो दीनानाथ , कौन संकट पडल तोहार।

चदर उघारी जब देखले हो दीनानाथ , कौन संकट पडल तोहार।

पुत्र संकट पडल , मोरा हो दीनानाथ ओहिला केवडूवा धईले ठाड़।

पुत्र संकट पडल , मोरा हो दीनानाथ ओहिला केवडूवा धईले ठाड़।

चदर उघारी जब देखले हो दीनानाथ , कौन संकट पडल तोहार।

चदर उघारी जब देखले हो दीनानाथ , कौन संकट पडल तोहार।

नैना संकट पड़ल मोरा हो दीनानाथ ओहिला केवडुआ धईले ठाड़।

नैना संकट पड़ल मोरा हो दीनानाथ ओहिला केवडुआ धईले ठाड़।

चदर उघारी जब देखले हो दीनानाथ , कौन संकट पडल तोहार।

चदर उघारी जब देखले हो दीनानाथ , कौन संकट पडल तोहार।

काया संकट पडल मोरा हो दीनानाथ ,ओहिला केवडुआ धईले ठाड़।

काया संकट पडल मोरा हो दीनानाथ ,ओहिला केवडुआ धईले ठाड़।

बांझीनी के पुत्र जब , दिहले दीनानाथ खेलत-कुदत घर जात।

बांझीनी के पुत्र जब , दिहले दीनानाथ खेलत-कुदत घर जात।

अन्हरा के आंख दिहले कोढ़िया के कायावा हसत बोलत घर जात।

अन्हरा के आंख दिहले कोढ़िया के कायावा हसत बोलत घर जात।

तू ही राम है तू रहीम है ,प्रार्थना ,सर्व धर्म प्रार्थना

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम प्रार्थना

तेरी है ज़मीन तेरा आसमान प्रार्थना 

सरस्वती वंदना माँ शारदे हंस वाहिनी

दया कर दान भक्ति का प्रार्थना

कृपया अपने सुझावों को लिखिए | हम आपके मार्गदर्शन के अभिलाषी है 

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