दिल्ली दर्शन दिल्ली का इतिहास

संसद भवन संसद सचिवालय प्रधानमंत्री कार्यालय।कार्यपालिका। sansad bhwan  

संसद भवन

 

राजधानी के बीच में बनी हुई प्रभावशाली इमारतों में एक गोलाकार स्तंभों से बनी इमारत है जो कि संसद भवन के नाम से प्रसिद्ध है। इसे सर एडमिन लुटियंस की योजना पर 1927 में बनाया गया। यह केंद्रीय सचिवालय के चित्रोंपम परिसर में स्थित है , तथा इसका व्यास 171 मीटर चौड़ा है।

 

यह भी पढ़ें – राष्ट्रपति भवन की खाशियत अद्भुत विशेषता जिसे आप नहीं जाते होंगे 

लाल पत्थर से बनी इस प्रभावशाली इमारत का बाहर का बरामदा गोलाकार स्तंभों से घिरा है। तीन मंजिलों की यह इमारत भारत की कानून बनाने की सर्वोच्च संस्था है जिसे संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा की बैठकें होती है।

 

यह भी पढ़ें – जंतर मंतर का इतिहास कब और किसने किस उद्देश्य के लिए बनवाया 

 

अंदर का भाग भी बहुत अच्छे तरीके से बना है इसके मध्य में एक सभागृह  है , जो की पेचीदा नकाशी से बने गुबंद से ढका हुआ है। मध्य सभाग्रह आसपास के तीन बड़े हॉलों से घिरा है। जोकि लोकसभा राज्यसभा और संसद पुस्कालय है। इन सभागृह के साथ का स्थान फव्वारों और पार्क से सजा है। जो इस इमारत को बहुत वैभवशाली बनाता है।

 

यह भी पढ़ें – इण्डिया गेट की अहमियत अमर जवान ज्योति की खाशियत

इसमें करीब 500 कमरे हैं जिसमें संसद सचिवालय  , प्रधानमंत्री कार्यालय  , बैंक  , डाकघर  , रेलवे आरक्षण कार्यालय आदि है।

राष्ट्रीय झंडा इस इमारत पर बड़े गर्व से लहराता है और भारतीय लोकतंत्र का महत्व दर्शाता है कि सरकार जनता की जनता के लिए और जनता द्वारा बनाई गई है।

 

 

अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसको ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं  |

व्हाट्सप्प और फेसबुक के माध्यम से शेयर करें |

और हमारा एंड्राइड एप्प भी डाउनलोड जरूर करें

कृपया अपने सुझावों को लिखिए हम आपके मार्गदर्शन के अभिलाषी है 

facebook page hindi vibhag

YouTUBE

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *