दिल्ली की वास्तुकला | सभी इमारतों की पूरी जानकारी | Delhi old buildings full information

Delhi old buildings full information     लौह स्तंभ (क़ुतुब मीनार) – Loh stambh कुतुब परिसर में स्थित यह 7. 20 मीटर ऊंचा लौह स्तंभ वास्तव में उतना साधारण नहीं है , जितना कि यह देखने में लगता है। अति शुद्ध लोहे को ढालकर बनाए गए इस स्तंभ को बने लगभग 1500  वर्ष हो गए …

Read moreदिल्ली की वास्तुकला | सभी इमारतों की पूरी जानकारी | Delhi old buildings full information

दिल्ली ऐतिहासिक प्राचीन नगर।Delhi historical cities full information | शाही महल से नगर तक का सफर

दिल्ली ऐतिहासिक प्राचीन नगर

दिल्ली के प्राचीन नगर Delhi old town / city     भारत की राजधानी दिल्ली भारत के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक नगरों में से एक है।  यह यमुना नदी के किनारे स्थित है। दिल्ली की पश्चिम – दक्षिण -पश्चिम सीमा पर राजस्थान का रेगिस्तान है। पूर्व में उत्तर प्रदेश के गंगा के मैदान और उत्तर …

Read moreदिल्ली ऐतिहासिक प्राचीन नगर।Delhi historical cities full information | शाही महल से नगर तक का सफर

गुरुद्वारा बंगला साहिब।भारतीय वास्तुकला।आठवें गुरु श्री हरिकिशन साहिब।राजा जय सिंह

गुरुद्वारा बंगला साहिब   गोल डाक खाने के पास बहुत बड़े स्थान में बना गुरुद्वारा बंगला साहिब दिल्ली में सिख समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल है। सफेद संगमरमर से बनी यह शानदार इमारत इस्लामी और भारतीय वास्तुकला का सम्मिश्रण है। सामने की दीवार गुबंददार छज्जों से सजी हुई है। बीच में गुबंद पर सोने का पानी चढ़ा …

Read moreगुरुद्वारा बंगला साहिब।भारतीय वास्तुकला।आठवें गुरु श्री हरिकिशन साहिब।राजा जय सिंह

कनॉट प्लेस सिंधिया हाउस जनपथ।कनॉट पैलेस कब और किसने बनाया। वास्तुकला

कनॉट प्लेस   राजधानी के मुख्य बाजार कनॉट प्लेस का नई दिल्ली के इतिहास में एक अलग ही स्थान है। अंग्रेजी राज्य के समय वायसराय ने इस बाज़ार को विशेष व्यक्तियों की जरूरतों के लिए बनवाया था। इसकी सफेद और गोल स्तंभों वाली गोल इमारतों को सर एडविन लुटियंस ने राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट के …

Read moreकनॉट प्लेस सिंधिया हाउस जनपथ।कनॉट पैलेस कब और किसने बनाया। वास्तुकला

संसद भवन संसद सचिवालय प्रधानमंत्री कार्यालय।कार्यपालिका। sansad bhwan  

संसद भवन   राजधानी के बीच में बनी हुई प्रभावशाली इमारतों में एक गोलाकार स्तंभों से बनी इमारत है जो कि संसद भवन के नाम से प्रसिद्ध है। इसे सर एडमिन लुटियंस की योजना पर 1927 में बनाया गया। यह केंद्रीय सचिवालय के चित्रोंपम परिसर में स्थित है , तथा इसका व्यास 171 मीटर चौड़ा …

Read moreसंसद भवन संसद सचिवालय प्रधानमंत्री कार्यालय।कार्यपालिका। sansad bhwan  

जंतर मंतर वेधशाला जयसिंह।jantar mantar architecture | जंतर मंतर का इतिहास

जंतर मंतर   संसद मार्ग से कनाट प्लेस की ओर चलने पर कुछ ही दूरी पर स्थित है। महाराजा जयसिंह द्वितीय की वेधशाला जिसमें गुलाबी आभा लिए अनेक विचित्र निर्माण स्थित है। राजा जयसिंह द्वितीय की खगोल शास्त्र के प्रति ललक इतनी अधिक थी कि उन्होंने इस वैद्यशाला के निर्माण से पहले अपने विद्वानों को विदेश …

Read moreजंतर मंतर वेधशाला जयसिंह।jantar mantar architecture | जंतर मंतर का इतिहास

राष्ट्रपति भवन सरकारी निवास।सर एडविन लुटियंस। rashtrpati bhawan in hindi

राष्ट्रपति भवन   राष्ट्रपति भवन भारत के महामहिम राष्ट्रपति का सरकारी निवास है। इसे मशहूर अंग्रेज वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने कल्पित कर प्रारूप दिया था। राष्ट्रपति भवन की प्रभावशाली इमारत इसके विशाल आकार और 330 एकड़ जमीन की सुंदर उपयोगिता के लिए मशहूर है। इस इमारत में इंग्लैंड ,  ग्रीस , रोम , भारत …

Read moreराष्ट्रपति भवन सरकारी निवास।सर एडविन लुटियंस। rashtrpati bhawan in hindi

इंडिया गेट ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल। अमर जवान ज्योति।history of india gate

इंडिया गेट   यदि आप केंद्रीय सचिवालय से राजपथ पर चलें तो आप बहुत ऊंची मेहराबों पर बनी इंडिया गेट की इमारत को देखेंगे। इस 42 मीटर ऊंची स्लेट रंग की इमारत का वास्तविक नाम ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल है। इसे प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सेना के 70,000 जवानों की याद में …

Read moreइंडिया गेट ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल। अमर जवान ज्योति।history of india gate

जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद।शाहजहां के द्वारा बनाया गया इमारत। मुग़ल शैली

जामा मस्जिद   मुगलों द्वारा दिल्ली में बनाई गई आखिरी इमारत में शाहजहां द्वारा बनाई गई जामा मस्जिद भी है , जोकि भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है। मशहूर लाल किले के सामने बनी यह प्रभावशाली इमारत 17 वी शताब्दी कि मुगल कला का एक शानदार नमूना है।   यह भी पढ़ें – लाहोरी दरवाजा …

Read moreजामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद।शाहजहां के द्वारा बनाया गया इमारत। मुग़ल शैली

You cannot copy content of this page