CBSE Class 12 question paper of Hindi subject with solution

कक्षा बारहवीं हिंदी प्रश्न पत्र हल सहित. In this post you will read Hindi Class 12 question paper with solution.

इस प्रश्न पत्र में सी.बी.एस.ई. द्वारा प्रश्न पत्र को जांच करने के बिंदुओं के आधार पर हल करने का संकेत दिया गया है। विद्यार्थी यह ध्यान रखें इस प्रश्न पत्र में  अधिकतर प्रश्नों को हल किया गया है , और शेष प्रश्नों के हल करने की विधि तथा बिंदुओं को बताया गया है। उसके अनुसार लिखकर विद्यार्थी परीक्षा में अधिकतम से अधिकतम अंक प्राप्त कर सकते हैं।

 

विषय हिंदी ( ऐच्छिक )

कक्षा 12

Contents

CBSE Class 12 question paper of Hindi subject with solution

 

 

निर्धारित समय 3 घंटे                                                                                                                    अधिकतम अंक 80

 

सामान्य निर्देश –

1 प्रश्न पत्र में कुल 15 प्रश्न है।
2 कृपया प्रश्न का उत्तर लिखना शुरू करने से पहले प्रश्न क्रमांक अवश्य लिखें।
3 विवरणात्मक उत्तर के स्थान पर बिंदुवार उत्तर लिखने को वरीयता दें।

 

खंड ‘ क ‘ – Class 12 question paper with solution

Below are the sample questions with detailed answers for practice.

1 निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –                          11 marks

प्रकृति में मौसम का परिवर्तन एक सहज और स्वाभाविक प्रक्रिया है। हर मौसम अपनी नई रंगत , नई ताजगी और नई विशेषताओं के साथ प्रकट होता है। अब पतझड़ को ही लें , पतझड़ ऋतु आने पर हमारे घर के आंगन में नीम के पेड़ से पत्तों के गिरने पर मन में कभी-कभी चिंता होने लगती है , कि यह पेड़ का काल आया है या उसका केवल कायापलट हो रहा है ? यूं तो पत्तों को गिरते देख कर मन में विषाद का भाव उत्पन्न होना चाहिए , किंतु ऐसा बिल्कुल नहीं होता उल्टा मजा आता है। पत्ते इतने झड़ते हैं मानो टिड्डी दल फैल गया हो , मालूम होता है पत्तों को कितने ही गोल – गोल चक्कर काटने पड़ते हैं उन्हें नीचे उतरने की थोड़ी भी जल्दी नहीं होती।

और फिर गिरने के बाद क्या वे चुपचाप पड़े रहेंगे ? नहीं कदापि नहीं। छोटे बच्चे जिस प्रकार दौड़ने का और एक – दूसरे को पकड़ने का खेल खेलते हैं , उसी प्रकार ये पत्ते भी इधर से उधर और उधर से इधर , गोल – गोल चक्कर काटते रहते हैं। हवा के झोंकों के साथ यह हंसते – कूदते  मेरी और दौड़ आते हैं। मुझे लगता है कि इन पत्तों को थोड़ी देर बाद पेड़ से फूटने वाली कोंपलो को झटपट जगह दे देने की ही अधिक जल्दी होती है। सांप जिस प्रकार अपनी केचुली उतारकर फिर से जवान बनता है , उसी प्रकार पुराने पत्ते त्याग कर पेड़ भी वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए फिर से जवान बनने की तैयारी करता होगा। इसलिए कहने का मन नहीं होता यह पत्ते टूटते हैं , यह तो छूट जाते हैं। विचार मन में आता है कि यह पत्ते गिरने वाले तो है ही तो फिर सब के सब एक साथ क्यों गिरते। पर्णहीन वृक्ष की मुक्त शोभा को देखने को मिलेगी। जिस पर एक भी पत्ता नहीं रहा और उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी करके जो पागल सामने खड़ा है और आकाश के परदे पर कालीन के चित्र के समान मालूम हो रहा है , उसकी शोभा कभी-कभी आपने ध्यान देकर निहारी है ? पर्णहीन टहनियों की जाली सचमुच ही बहुत सुंदर दिखाई देती है।

(क) पेड़ों से पत्तों का झड़ना- गिरना देखकर लेखक ने क्या सोचा ? 
उत्तर – सोचा कि पेड़ों का काल आया है अथवा उसका कायापलट हुआ है।

(ख) पत्तों की तुलना टिड्डी दल से क्यों की गई है ?
उत्तर –  जैसे टिड्डी दल चारों और फैल जाता है उसी प्रकार पत्ते खूब गोल – गोल चक्कर काटते हैं।

(ग) हवा के झोंकों से पत्तों पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर  – हवा के झोंकों से पत्ते इधर-उधर गोल – गोल चक्कर काटते प्रतीत होते हैं।

(घ) केचुली उतार कर फिर से जवान कौन बनता है ?
उत्तर – सांप

(ड) पत्तों के टूटने को लेखक ने छुटने की संज्ञा क्यों दी है ?
उत्तर – क्योंकि यह पेड़ से अपना स्थान खाली करके पेड़ में फूटने वाली नई कोंपलो के लिए जगह बनाते हैं।

(च) सांपों के उदाहरण से लेखक क्या स्पष्ट करना चाहता है ?
उत्तर – सांप की तरह पेड़ भी सूखे पत्तों को त्याग कर जवान बनने की तैयारी करते नजर आते हैं।

(छ) लेखक आपसे क्या निहारने के लिए पूछ रहा है ?
उत्तर – पेड़ों की शोभा

(ज) प्रस्तुत गद्यांश के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहता है ?
उत्तर – नवीनता के लिए पुरातनता का त्याग , पुराने विचार त्यागो नए विचार अपनाओ।

(झ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए ?
उत्तर – प्रकृति में परिवर्तन की सहज प्रक्रिया।

(ञ) सरल वाक्य में बदलिए
‘ जैसे सांप अपनी केचुली उतार कर फेंक देता है , वैसे ही वृक्ष भी पतझड़ में पत्ते छोड़ देता है। ‘
उत्तर – सांप की केचुली की तरह पेड़ भी पत्ते छोड़ देते हैं।

(ट) निम्न में से छाँटिए –

उपसर्ग –  प्रक्रिया
उत्तर – प्र + क्रिया

प्रत्यय  – पर्णहीन
उत्तर – पर्ण + हीन

 

2 निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए  –                                       5 marks

बहुत दिनों के बाद
अब की मैंने जी भर देखी
पकी – सुनहली फसलों की मुस्कान
– बहुत दिनों के बाद
बहुत दिनों के बाद
अब की मैं जी – भर सुन पाया
धान कूटती किशोरियों की कोकिल – कंठी तान

– बहुत दिनों के बाद
बहुत दिनों के बाद
अब कि मैं जी – भर छु पाया
अपनी गँवई पगडंडी की चंदनपर्णी धूल
गन्ने चूसे जी भर
अबकी मैंने जी भर भोगे

गंध – रूप – रस – शब्द – स्पर्श सब साथ – साथ
इस भू पर
– बहुत दिनों के बाद

( क )कवि ने बहुत दिनों बाद जी भर क्या देखा ?
उत्तर – सुनहरी पक्की फसलों की मुस्कान

( ख )उसने किसकी तान सुनी ?
उत्तर – धान कूटती किशोरियों की कोकिल कंठी तान , सामूहिक गीत।

( ग ) ‘ बहुत दिनों बाद ‘ कहने का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर – कवि एक लंबे अंतराल के बाद गांव जाने का अवसर मिलता है , प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उन्होंने काफी दिनों बाद लिया।

( घ ) ‘ फसलों की मुस्कान ‘ में कौन सा अलंकार है ?
उत्तर – मानवीकरण अलंकार

( ङ ) इसमें कवि का कौन – सा प्रेम अभिव्यक्त हुआ है ?
उत्तर – प्रकृति प्रेम ग्रामीण परिवेश के प्रति लगाव।

 

खण्ड ‘ ख ‘ Class 12 question paper

 

3  किसी एक विषय पर 100 – 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए –                                           5 

 

दिया और तूफान

अथवा

यदि मेरे पंख होते

 

उत्तर – प्रस्तावना

विषय – वस्तु

प्रस्तुतीकरण

शुद्ध भाषा

उपसंहार ( आदि पर आधारित विवेक से विस्तार से लिखें )

 

 

4 हाल ही में चांद पर अपना दूसरा मिशन चंद्रयान -२  सफलतापूर्वक प्रक्षेपित करने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन गया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष को पत्र लिखिए।                            5 

 

अथवा

नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायती पत्र लिखिए जिसमें आपको पड़ोस में गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारी की सूचना दी गई हो। 

उत्तर – पत्र लेखन को देखने के लिए यहां क्लिक करें

 

5 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –                                                                    4 

 

( क ) उल्टा पिरामिड शैली से क्या समझते हैं ?

उत्तर – उल्टा पिरामिड समाचार लेखन की शैली है। उल्टा पिरामिड शैली में समाचार पत्र के सबसे महत्वपूर्ण तथ्य को प्रथम लिखा जाता है , उसके बाद घटते हुए क्रम में दूसरे तथ्यों को बताया जाता है। अर्थात कहानी की तरह क्लाइमैक्स अंत में नहीं अपितु सूचना आरंभ में ही संपूर्ण रूप से लिखी जाती है।

इस शैली के अंतर्गत समाचार को तीन भागों मे बांटा जा सकता है इंट्रो , बॉडी , समापन .

इंट्रो – समाचार का मुख्य भाग होता है।

बॉडी  –  घटते हुए क्रम में सूचना का ब्यौरा।

समापन  –  अधिक महत्वपूर्ण ना होने पर अपना आकार छोटे रूप में रहता है अर्थात सूचना बहुत ही कम शब्दों में लिखा जाता है।

 

( ख ) फीचर लेखन क्या है ?
उत्तर – सृजनात्मक , आत्मपरक  और वस्तुनिष्ठ का मिश्रण , मनोरंजक लेख आदि फीचर लेखन के क्षेत्र है। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

 

( ग ) संपादकीय किसे कहते हैं ?
उत्तर – संपादक और उसके संपादक मंडल द्वारा तैयार किया गया पृष्ठ। इस पृष्ठ को अखबार की आवाज भी माना जाता है। यह बड़े प्रसिद्ध हस्तियों के विचार तथा ज्वलंत मुद्दों पर गहन चिंतन पर आधारित होता है। इस पृष्ठ के माध्यम से समाचार पत्र की मानसिकता और उसके विचार प्रकट होते हैं। ( विशेष विद्यार्थी अपने विवेक और बुद्धि कौशल का प्रयोग कर विस्तार से लिखें )

 

( घ ) जनसंचार के माध्यम कौन-कौन से हैं ?
उत्तर – प्रिंट , रेडियो , टेलीविज़न , पत्र – पत्रिकाएं आदि।( विस्तार से लिखें )

 

6 ‘ कहानी लेखन ‘ की रचना प्रक्रिया में आवश्यक महत्वपूर्ण तत्वों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।                                          3 

उत्तर – १ कथावस्तु                                    २  पात्र एवं चरित्र चित्रण

३ वातावरण                                     ४ संवाद या कथाकथन

५ भाषा शैली उद्देश्य

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें

 

अथवा

 

‘ नाटक लेखन ‘ की रचना प्रक्रिया में आवश्यक महत्वपूर्ण तत्वों का संक्षिप्त परिचय दीजिए

उत्तर – १ कथावस्तु                                    २  पात्र एवं चरित्र चित्रण

३ वातावरण                                     ४ संवाद या कथाकथन

५ भाषा शैली उद्देश्य

अधिक जानकारी के लिए यहां देखें

 

7 आप एक समाचार एजेंसी में रिपोर्टर हैं। हाल ही में दिल्ली में मनाए गए ‘ हैप्पीनेस उत्सव ‘ पर उल्टा पिरामिड शैली का प्रयोग करते हुए समाचार लेखन कीजिए।  (60 – 70 शब्द)                                                                                                               3 

उत्तर – हल करने का संकेत –

समाचार लेखन में उल्टा पिरामिड शैली का प्रयोग हो। 6 बिंदुओं का प्रयोग करते हुए समाचार लिखा गया हो। हेडलाइंस , शीर्षक  आदि दिया गया हो।
सुझावात्मक – ‘ हैप्पीनेस क्लास का एक साल ‘ सरकारी स्कूलों में खुशी का उत्सव।  आयोजन , समय , स्थान अतिथि गण आदि का प्रयोग करते हुए उत्तर लिखें                                                                      

अथवा

विज्ञापनों की लुभावनी दुनिया विषय पर आलेख लिखिए। 

उत्तर – हल करने का संकेत –  आलेख – लेखन / फीचर विषय वस्तु और भाषा का विशेष ध्यान रखें

खंड  ‘ ग ‘ – Class 12 question paper with full solution

 

8 निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए –                                                                      6 

मां की कुल शिक्षा मैंने दी ,
पुष्प – सेज तेरी स्वयं रची ,
सोचा मन में , वह शकुंतला
पर पाठ अन्य यह , अन्य कला
कुछ दिन तू रह ग्रह तू फिर समोद
बैठी नानी की स्नेह गोद
मामा – मामी का रहा प्यार
भर जलद धरा को ज्यों अपार
वे ही सुख – दुख में रहे न्यस्त ,
तेरे हित सदा समस्त व्यस्त।

 

उत्तर – हल करने का संकेत –

कवि   – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
कविता  –  सरोज स्मृति
प्रसंग  –  पुत्री के विवाह के अवसर पर माता के देहांत के कारण पिता को ही शिक्षा देनी पड़ी। अंतिम सांस नानी की ही गोद में ली।
व्याख्या  –  भाव अनुकूल
विशेष   –  कोई 4

 

अथवा

जो है वह सुगबुगाता है
जो नहीं है वह फेंकने लगता है पचखियाँ
आदमी दशाश्वमेध पर जाता है
और पाता है घाट का आखरी पत्थर
कुछ और मुलायम हो गया है
सीढ़ियों पर बैठे बंदरों की आंखों में
एक अजीब सी नमी है
और एक अजीब सी चमक से भर उठा है
भिखारियों के कटोरा का निचाट खालीपन

 

उत्तर – हल करने का संकेत –

कवि –  केदारनाथ सिंह
कविता –   बनारस
प्रसंग  –   बनारस के वैभव के साथ ठेठ बनारसीपन बनारस की चीजों में बसंत का उतरना
व्याख्या   –  भाव अनुकूल
विशेष      –   कोई 4

 

9 निम्नलिखित में से किन्ही दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए ( CBSE Class 12 question paper ) –              4 marks

 

( क ) ‘ जहां पहुंच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा ‘ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर – भारत अनजान लोगों , पक्षियों आदि को भी सहारा देता है। भारतवासी का विशाल हृदय हैं। ( विद्यार्थी उत्तर को विस्तार से स्वयं के विवेक से लिखें )

( ख ) ‘ एक कम ‘ कविता में कवि ने लोगों के आत्मनिर्भर , मालामाल और गतिशील होने के लिए किन तरीकों की ओर संकेत किया है ? अपने शब्दों में लिखिए। 

उत्तर – अनैतिक , अनुचित तरीके , झूठ , फरेब , धोखाधड़ी जैसे तरीके ( विद्यार्थी उत्तर को विस्तार से स्वयं के विवेक से लिखें )

( ग ) बसंत आया कविता में कवि की क्या चिंता है ?

उत्तर – मनुष्य और प्रकृति के बीच की दूरी को बढ़ाना , बसंत आगमन की सूचना , सहज परिवर्तनों से नहीं कैलेंडर से पता चलती है।  ( विद्यार्थी उत्तर को विस्तार से स्वयं के विवेक से लिखें )

 

10 निम्नलिखित में से किन्ही दो काव्यांशों का काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए  –                                     6 marks

 

( क ) कि अब जब आगे कोई हाथ फैलाता है
पच्चीस पैसे एक चाय या दो रोटी के लिए
तो जान लेता हूं
मेरे सामने एक इमानदार आदमी , औरत या
बच्चा खड़ा है।

उत्तर – ( हल संकेत – इसके आधार पर विद्यार्थी प्रश्न का हल कर सकता है )
भाव पक्ष – किसी से कुछ मांगने वाला व्यक्ति , किसी को धोखा नहीं देता
कला पक्ष –

– मुक्त छंद
– पच्चीस पैसे –  अनुप्रास अलंकार
– तीखा व्यंग्य
– भाषा सहज खड़ी बोली

 

( ख ) सुनते हैं मिट्टी में रस है जिसमें उगती दूब है
अपने मन के मैदानों पर व्यापी कैसी ऊब है।

उत्तर – ( हल संकेत – विद्यार्थी इन बिंदुओं के आधार पर प्रश्न के उत्तर विस्तार से लिख सकते हैं )

भाव पक्ष – मिट्टी की तरह ऊब को हटाकर सृजनात्मकता विकसित करो।
कला पक्ष –
– प्रतीकात्मकता
– तत्सम शब्दावली
– खड़ी बोली

 

( ग ) पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े।
नीरज नयन नेह जल बाढ़े। ।

उत्तर –  ( हल संकेत – इन बिंदुओं के आधार पर विद्यार्थी उत्तर लिखें )

भाव पक्ष – भरत की मनोदशा का मार्मिक चित्रण
– उनकी आंखों से अश्रु धारा बह निकलती है
– आंतरिक दशा का चित्रण

शिल्प पक्ष – नीरज नयन , नेह जल – रूपक अलंकार
– अवधी भाषा
– भक्ति रस
– चौपाई छंद

 

 

11 निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए –                                           5 marks

बालक के मुख पर विलक्षण रंगों का परिवर्तन हो रहा था , हृदय में कृत्रिम और स्वाभाविक भावों की लड़ाई की झलक आंखों में दिख रही थी।  कुछ खाँसकर , गला साफ कर नकली पर्दे के हट जाने पर स्वयं विस्मित होकर बालक ने धीरे – से कहा , ‘ लड्डू ‘ | पिता और अध्यापक निराश हो गए।  इतने लंबे समय मेरा श्वास घुट रहा था। अब मैंने सुख से सांस भरी। उन सबने बालक के प्रवृत्तियों का गला घोंटने में कुछ उठा नहीं रखा था। पर बालक बच गया।

उत्तर – ( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

बालक के मुख………………………………. बच गया।
संदर्भ व प्रसंग –
व्याख्या –
विशेष –
लेखक –  चंद्रधर शर्मा गुलेरी
पाठ     – सुमिरन नी के मनके

 

अथवा

 

ये लोग आधुनिक भारत के नए शरणार्थी हैं , जिन्हें औद्योगिकरण के झंझावात ने अपनी घर – जमीन से उखाड़कर हमेशा के लिए निर्वासित कर दिया है। प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है। बाढ़ या भूकंप के कारण लोग अपना घर – बार छोड़कर कुछ अर्से के लिए जरूर बाहर जाते हैं , किंतु आफत टलते ही वे दोबारा अपने जाने – पहचाने परिवेश में लौट भी आते हैं। किंतु कुछ विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को उन्मूलित करता है , तो वे फिर कभी अपने घर वापस नहीं लौट सकते। आधुनिक औद्योगिकरण की आंधी में सिर्फ मनुष्य ही नहीं उखड़ता , बल्कि उसका परिवेश और आवास – स्थल भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं।

उत्तर – ( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

ये लोग……………………………………….. नष्ट हो जाते हैं

संदर्भ और प्रसंग –
व्याख्या   –
विशेष  –
लेखक –  निर्मल वर्मा
पाठ     – जहां कोई वापसी नहीं

 

 

12 निम्नलिखित में से किन्ही 2 प्रश्नों के उत्तर लिखिए –                                                                    6 

( क ) ‘ अपना सोना खोटा तो परखवैया का कौन दोष ‘ से लेखक का क्या तात्पर्य है ?

उत्तर – जब अपनी ही चीज खोटी हो तो परखने वाले को दोष देना व्यर्थ है। चतुर्मुख शिव की मूर्ति गायब होने पर गांव वालों का शक लेखक पर ही गया। ( अधिक विस्तार से विद्यार्थी स्वयं लिखें )

( ख ) बड़ी बहूरिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी ?
उत्तर – बड़ी बहूरिया नितांत अकेली , असहाय थी। पति की मृत्यु के बाद देवर – देवरानी शहर जा बसे थे। वह आर्थिक संकट में घिर गई थी। ( अधिक विस्तार से विद्यार्थी स्वयं लिखें )

( ग ) फिलिस्तीन के प्रति भारत का रवैया सहानुभूति पूर्ण एवं समर्थन भरा क्यों था ?
उत्तर – फिलिस्तीन और भारत दोनों साम्राज्यवादी शक्तियों के शिकार थे। भारत अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहा था , भारतीय नेताओं का फिलिस्तीनी सम्मान करते थे। ( अधिक विस्तार से विद्यार्थी स्वयं लिखें )

 

13 ‘ रामचंद्र शुक्ल ‘ अथवा ‘ रामविलास शर्मा ‘ के जीवन और रचनाओं का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनकी भाषा शैली की दो प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर  –  साहित्यकार का साहित्य परिचय –

जीवन परिचय –

रचनाएं –
साहित्यिक , भाषा की विशेषताएं –

रामचंद्र शुक्ल
जीवन परिचय
जन्म – उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में , प्रारंभिक शिक्षा उर्दू , अंग्रेजी , फारसी में। नागरी प्रचारिणी सभा से जुड़े।
रचनाएं  –   चिंतामणि ,  हिंदी साहित्य का इतिहास और रस मीमांसा।
साहित्यिक विशेषताएं  – आलोचक , निबंधकार , प्रथम प्रमाणिक हिंदी साहित्य का इतिहास , भावों मनो विकारों पर निबंध रचना।

भाषा  –  प्रौढ़ , प्रांजल , सजीव , तत्सम शब्दावली के साथ-साथ अन्य भाषाओं के शब्द। ( अधिक विस्तार से विद्यार्थी स्वयं लिखें )

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

रामविलास शर्मा
उत्तर प्रदेश में जन्म ,
लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए व पीएचडी , अध्यापन कार्य किया
आलोचक , भाषा विज्ञानी एवं चिंतक के साथ प्रसिद्ध।
रचनाएं  –  भारतेंदु और उनका युग , निराला की साहित्य साधना ,  भाषा और समाज

भाषागत विशेषताएं –  भाषा में जीवंतता , सहृदयता
परिष्कृत एवं परिमार्जित खड़ी बोली
तत्सम शब्दों का प्राचुर्य
स्पष्टता एवं गंभीरता।

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

‘ जयशंकर प्रसाद ‘  तथा ‘ तुलसीदास ‘  के जीवन और रचनाओं का संक्षिप्त परिचय देते हुए , उनके काव्य की दो विशेषताओं को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर –

जयशंकर प्रसाद

जीवन परिचय

– काशी के सुंघनी साहू परिवार में जन्म। छायावाद के चार स्तंभ में से एक।

– बाल्यकाल में पिता का निधन

– व्यवसाय का पूरा भार इन्हीं के कंधों पर आ गया था , इसी कारण शिक्षा दीक्षा घर पर हुई।

– हिंदी , उर्दू , संस्कृत , अंग्रेजी भाषाओं तथा दर्शन साहित्य आदि का स्वाध्याय।

काव्यगत विशेषताएं

– कहानी , नाटक , उपन्यास लिखे परंतु कवि के रूप में अधिक ख्याति प्राप्त हुई।

– देश प्रेम , राष्ट्रभक्ति , स्वर्णिम अतीत के माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों का अंकन।

– प्रकृति प्रेम , मानवीकरण , लाक्षणिकता।

 

रचनाएं

कामायनी महाकाव्य है।  झरना , लहर , आंसू  ,  चंद्रगुप्त ,  स्कंदगुप्त , अजातशत्रु , लिखे हैं।

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

 

तुलसीदास

जीवन परिचय

–  उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के राजापुर गांव में जन्म।

– भक्तिकाल की सगुण मार्गी शाखा के राम भक्त कवि।

– बचपन घोर संकट में बिता। माता-पिता ने त्याग दिया था।  दीक्षा मांग कर अपना जीवन निर्वाह किया।

– गुरु नरहरी दास

 

काव्यगत विशेषताएं

– लोकमंगल की साधना के कवि हैं

– समन्वय वादी कवि हैं

– भागजगत धार्मिक , सांस्कृतिक तथा सामाजिक दृष्टि से व्यापक है।

– मर्मस्थलों की पहचान।

 

रचनाएं

रामचरितमानस , रामलला नहछू ,  जानकीमंगल , पार्वतीमंगल , विनयपत्रिका , गीतावली आदि।

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

 

खंड ‘ घ ‘ – Class 12 question paper

 

14 ” तो हम भी सौ लाख बार बनाएंगे।” सूरदास के इस कथन के आलोक में जीवन मूल्य के रूप में सकारात्मक दृष्टि के महत्व पर अपने विचार प्रकट कीजिए। 

उत्तर – सूरदास के जीवन मूल्य

– सकारात्मक दृष्टिकोण – निर्णय लेने की क्षमता , हार न मानने की प्रवृत्ति , कर्मशील , प्रतिशोध की भावना से मुक्त , एक बार असफल हो जाने पर भी हिम्मत हार नहीं चाहिए।

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

पहाड़ों का जीवन अभी भी काफी कठिन है।  इसे सुगम बनाने के लिए आपकी दृष्टि में सरकार को क्या-क्या काम करने चाहिए ?

उत्तर – पहाड़ों पर जीवन बड़ा कठिन है।  अनेक प्रकार के अभाव हैं जैसे – पक्की सड़कें , रोशनी की समुचित व्यवस्था , खाद्य पदार्थ , वस्त्र , दवाइयों को पहुंचाना , यातायात के साधन तथा शिक्षा एवं रोजगार।

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

15 निम्नलिखित में से किन्ही 2 प्रश्नों के उत्तर लिखिए

( क ) चूल्हा ठंडा किया होता तो दुश्मनों का कलेजा कैसे ठंडा होता ? इस आधार पर सूरदास की मनः स्थिति का वर्णन कीजिए। 
उत्तर – कहते हुए अत्यंत निराशाजनक स्थिति। झोपड़ी जल जाने का इतना दुख नहीं था जितना अभिलाषाओ के राख हो जाने का भय था। दुखी था , विस्मित  था ,निराशा , ग्लानि , चिंता , क्षोभ आदि।

( इस विन्दु के आधार पर उत्तर विस्तार से लिखें )

 

( ख ) सूरदास राख के ढेर को क्यों उड़ाने लगा ? पाठ के आधार पर सूरदास की मनोदशा का चित्रण कीजिए। 
उत्तर – पोटली उसकी सारी आशाओं का आधार थी , उसकी यातनाओं का निष्कर्ष थी। मिठुआ के कहने पर कि – ‘खेल में क्यों रोते हो ‘ ? उसे लगा कि एक खिलाड़ी कभी हार नहीं सकता। उत्साह से भर गया , विजय , गर्व की तरंग के साथ राख उड़ाने लगा।

 

( ग ) यूं तो प्रायः लोग घर छोड़कर कहीं ना कहीं जाते हैं , परदेस जाते हैं , किंतु घर लौटते समय रूप सिंह को एक अजीब किस्म की लाज ,अपनत्व और झिझक क्यों घेरने लगी ?
उत्तर – वह बिना बताए घर से चला गया था। इतने लंबे अंतराल के बाद लौट रहा है। लोग क्या कहेंगे ? शेखर के सामने झिझक हो रही थी क्योंकि इतने वर्ष के बाद भी गांव में पक्की सड़क तक नहीं बन पाई थी।

 

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