Credit card in hindi | क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी

Today you will get full information related to credit card in hindi with advantages and disadvantages.

क्रेडिट कार्ड एक प्रकार से प्लास्टिक मनी कहलाता है। क्योंकि यह पूंजी आपको कार्ड के रूप में मिलती है। यह कार्ड आपको उतने पूंजी की गारंटी देता है जो , आपने कार्ड पर लिया है। यह किसी भी हालात में आपको पैसों का भुगतान करने की क्षमता रखता है। यहां तक कि आपको कैश भी उपलब्ध कराने में सक्षम है।

आज के लेख में हम क्रेडिट कार्ड से जुड़े समस्त बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। इसमें क्रेडिट कार्ड के लाभ – हानि तथा उसके लिए पात्रता और आवश्यकता आदि समस्त बिंदु पर विस्तार से प्रकाश डालने जा रहे हैं। आशा है इस लेख को पढ़ने के बाद आप क्रेडिट कार्ड से जुड़े सभी बिंदुओं पर अपने ज्ञान को विस्तार करते हुए , उससे जुड़े हुए अपने निजी निर्णय ले सकने में सक्षम होंगे।

 

Credit Card in hindi full information – क्रेडिट कार्ड क्या है ?

क्रेडिट कार्ड एक प्रकार से प्लास्टिक मनी है , जो प्लास्टिक के कार्ड के रूप में कार्डधारक के पास उपलब्ध रहता है। यह कार्ड व्यक्ति को पूंजी की गारंटी देता है।  किसी भी समय आवश्यकता पड़ने पर वह कार्ड पैसों का भुगतान करने और पैसे को उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। किसी भी प्रकार की खरीदारी हो अथवा भुगतान हो या फिर कैश चाहिए उन सभी आवश्यकताओं पर क्रेडिट कार्ड कार्य करता है।

यह कार्ड व्यक्ति के आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

वर्तमान समय में क्रेडिट कार्ड का प्रचलन काफी बढ़ गया है।

क्योंकि वैश्विक स्तर पर खरीद – बिक्री और भुगतान का चलन आरंभ हो गया है।

ऐसे में व्यक्ति को चाहे – अनचाहे क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता होती है।

विदेश में किसी भी प्रकार के लेन – देन अथवा भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता पड़ती है।

क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड (ATM) से कई मामलों में भिन्न है , डेबिट कार्ड जहां देश तक सीमित होता है , वही क्रेडिट कार्ड वैश्विक स्तर पर प्रयोग किया जाता है।

 

कैसे बना सकते है?

क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड (ATM) बनवाने की प्रक्रिया लगभग सामान्य है। दोनों के दिए आवेदन बैंक में जाकर करना होता है , उसी प्रकार का आवेदन पत्र भरना होता है जो डेबिट कार्ड को प्राप्त करने के लिए भरते हैं।

क्रेडिट कार्ड के लिए कुछ पात्रता होती है-

  • वह पात्रता पूरी करने के उपरांत ही ग्राहक को बैंक क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराता है।
  • बैंक अपने ग्राहक का  वित्तीय लेनदेन और व्यक्तिगत वित्तीय प्रोफाइल को जचता है।
  • अगर व्यक्ति उस पात्रता को प्राप्त कर लेता है जो , क्रेडिट कार्ड के लिए निर्धारित है।
  • तब बैंक अपने खाता धारक को यह सुविधा उपलब्ध करा देता है।

 

 

कार्ड लेने की क्या योग्यता होती है? Eligibility criteria for credit card in Hindi

लगभग सभी बैंकों में क्रेडिट कार्ड लेने की पात्रता लगभग एक जैसी है। सभी बैंक 3 साल का आइ.टी.आर. इनकम टैक्स रिटर्न मांगते हैं।

यह आपके वित्तीय लेनदेन का प्रमाण होता है।

इस ITR से आपके हैसियत का पता चलता है।

आप क्रेडिट कार्ड के लायक हैं अथवा नहीं और अगर है तो आप किस दायरे में आते हैं।

अर्थात आपको कितना पैसा क्रेडिट कार्ड पर उपलब्ध कराया जाए , इस प्रकार आइ.टी.आर ITR  से बैंक आपको जाँचता है।

अगर आप आइ.टी.आर ITR  नहीं भरते या फिर आप विद्यार्थी हैं या आपको क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता है तो , आपको कुछ बैंक यह सुविधा उपलब्ध कराती है।

भारतीय स्टेट बैंक  की बात करें तो यहां सामान्य व्यक्ति के लिए भी क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध है। इस कार्ड को प्राप्त करने के लिए सामान्य व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट में एक एफ.डी. (फिक्स डिपोजिट) FD कराता है।

इस फिक्स डिपाजिट के अनुसार बैंक अपने ग्राहक को यह क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराता है।

जिसकी निकासी और भुगतान लगभग 90% तक कर सकता है।

अगर आपने ₹25000 का फिक्स डिपोजिट कराया है तो , आप क्रेडिट कार्ड से ₹20000 की राशि का प्रयोग कर सकते हैं।

जो व्यक्ति आई.टी.आर ITR  भरते हैं उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की आवश्यकता नहीं होती।

बस उन्हें कुछ दस्तावेज अपने बैंक में जमा कराने होते हैं

जैसे –

  • 3 साल का आइ.टी.आर ,
  • आधार कार्ड ,
  • पैन कार्ड ,
  • निवास का पता।

 

फिक्स डिपोसिट से भी कार्ड बनता है ?

जी हां फिक्स डिपाजिट FD  से भी क्रेडिट कार्ड बनता है। यह कई बैंक सुविधा देते हैं , जहां फिक्स डिपोजिट कराने पर बैंक उन्हें क्रेडिट कार्ड की सुविधा उस फिक्स डिपाजिट राशि के अनुसार देती है।

भारत में ऐसे कई सारे बैंक हैं जो फिक्स डिपाजिट पर क्रेडिट कार्ड की सुविधा देती है।

विद्यार्थियों के लिए भी बैंक क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराती है , जिसमें गारंटर / परिचयकर्ता उनके पिता या माता होते हैं।

परिचयकर्ता  आधार पर यह क्रेडिट कार्ड विद्यार्थी को उपलब्ध करवाया जाता है।

अगर आपको क्रेडिट कार्ड की नितांत आवश्यकता है , और आप उस पात्रता को पूरा नहीं करते जो क्रेडिट कार्ड के लिए होता है। फिर भी आप अपने बैंक मैनेजर से मिलकर बात करें तो , क्रेडिट कार्ड आपको निश्चित ही मिल सकता है।

 

कार्ड की लिमिट कितनी होती है? Know about limit of credit card in Hindi

प्रत्येक क्रेडिट कार्ड की कुछ लिमिट अर्थात उसका दायरा होता है। आप क्रेडिट कार्ड से कितना खर्च कर सकेंगे और कितना निकासी कर सकते हैं , यह सब आपके आइ.टी.आर ( इनकम टैक्स रिटर्न ) के आधार पर तय होता है।

आपको क्रेडिट कार्ड जारी करने से पूर्व , सभी प्रकार की जानकारी दी जाती है।

जिसमें आपके क्रेडिट स्कोर और आपकी हैसियत को देखते हुए कार्ड जारी किया जाता है।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट 10,000 से लेकर लाखों रुपए तक होती है।

यह आपके ऊपर निर्भर करता है , आपके हैसियत के अनुसार बैंक आपको यह कार्ड की लिमिट देता है।

 

कितने कार्ड बनवा सकते है ?

क्रेडिट कार्ड वित्तीय लेनदेन में अहम योगदान रखता है , यह विदेशी भुगतान के लिए काफी कारगर है।

इसलिए क्रेडिट कार्ड की निगरानी भी बेहद सूक्ष्म रूप से की जाती है।

सभी बैंक यह प्रयत्न करते हैं किसी भी व्यक्ति को एक ही कार्ड एक समय पर उपलब्ध कराया जाए।  अर्थात अगर कोई व्यक्ति के पास एक कार्ड उपलब्ध है तो , बैंक दूसरा क्रेडिट कार्ड देने से परहेज करता है। कुछ परिस्थितियों में बैंक दूसरा कार्ड भी देता है , किंतु यह व्यक्ति के जरूरत और उसके उपयोग करने के तरीके को देखते हुए ही जारी करता है।

आप क्रेडिट कार्ड निश्चित ही 1 से अधिक बनवा सकते हैं , किंतु वह काफी महंगा साबित होता है।

इसलिए अधिकतर लोग एक ही क्रेडिट कार्ड को अपने पास रखते हैं।

 

 

क्रेडिट कार्ड के फायदे – Advantages of Credit card in Hindi

 

क्रेडिट कार्ड बैंकिंग तथा खरीदारी कि उन सभी सुविधाओं को सुलभ करता है , जो ए.टी.एम( ATM) ,  ई-वोलेट आदि अन्य माध्यमों से पूरे नहीं हो सकते। क्रेडिट कार्ड आपके विपरीत परिस्थितियों में भी आपके साथ होता है। ए.टी.एम कार्ड और अन्य माध्यम पैसा न होने के कारण आपको खरीदारी और भुगतान से वंचित रहना पड़ता था। वही क्रेडिट कार्ड ने उन सभी झंझट और समस्या को दूर करते हुए खरीदारी तथा अन्य प्रकार की सारी सुविधाएं सुगम बना दिया है –

 

ई वॉलेट में पैसे ले सकते है

वर्तमान समय में ई – वॉलेट का प्रयोग काफी प्रचलन में है। भारत सरकार ने भी भीम ऐप को बाजार में लांच किया है , जो यू.पी.आई. (UPI)  के नाम से जाना जाता है। आज किसी भी छोटी से छोटी खरीदारी के लिए ऑनलाइन और e-wallet के माध्यम से भुगतान किया जाना संभव हो सका है।

छोटा सा दुकान लगाने वाला व्यक्ति भी ई वॉलेट की सुविधा अपने ग्राहक को देता है।

ई – वॉलेट में पैसा रखना होता है , तभी उसे किसी को भुगतान किया जा सकता है।

कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है , जब व्यक्ति के पास बैंक में पैसा नहीं होता है। तब वह क्या कर सकता है ?

किसी दूसरे व्यक्ति से मदद मांगने के अलावा कुछ नहीं कर सकता।

जिस व्यक्ति के पास क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध होती है , वह अपने ई वॉलेट में क्रेडिट कार्ड से पैसा लोड कर लेता है।

अर्थात ई – वॉलेट में पैसा हस्तांतरित कर लेता है।

क्रेडिट कार्ड का भुगतान व आगे कुछ दिनों में अपने सुविधानुसार कर देता है।

 

बिल का भुगतान कर सकते है

क्रेडिट कार्ड तथा ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से आप घर बैठे किसी भी बिल का भुगतान कर सकते हैं। पूर्व समय में जहां बिजली का बिल और घर का बिल , टेलीफोन का बिल आदि अनेक प्रकार के बिलों का भुगतान करने के लिए विशेष समय निकालकर वहां भुगतान काउंटर पर लाइन लगाना पड़ता था। जिसमे घंटों का समय बर्बाद करना पड़ता था।

  • आज यह सुविधा ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से सुगम हो गई है।
  • व्यक्ति घर बैठे अपना किसी भी प्रकार का बकाया भुगतान कर सकता है।
  • बिजली , पानी , घर और अन्य आवश्यक भुगतान ऑनलाइन के माध्यम से आज उपलब्ध है।
  • इन सभी का भुगतान व्यक्ति कुछ ही क्षण में घर बैठे अथवा कहीं भी फुर्सत से कर सकता है।
  • इस भुगतान के लिए कोई विशेष समय निकालने की आवश्यकता नहीं होती।
  • क्रेडिट कार्ड भी बिल के भुगतान की सुविधा देता है।
  • क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आप तत्काल भुगतान कर सकते हैं।

यह सुविधा भी दिया जाता है , किसी भी बिल का स्वत भुगतान भी संभव है।

अर्थात किसी भी प्रकार का बिल आपके लिए जारी होता है , तो क्रेडिट कार्ड उस बिल का स्वयं भुगतान कर देता है और आपको इसकी जानकारी दे देता है।

इस प्रकार की सुविधा व्यक्ति को और सुगमता प्रदान करती है।

 

ATM से भी पैसे निकल सकते है

क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आप किसी भी ए.टी.एम. मशीन से पैसा निकाल सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड समय पड़ने पर आपके लिए ए.टी.एम. कार्ड ATM CARD बन जाता है।

कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है , जब बैंक अकाउंट में पैसे नहीं होते हैं , और आपको पैसों की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में आपके लिए क्रेडिट कार्ड अपना अहम योगदान पेश करता है। आपको उन कमियों को दूर करने का भरसक प्रयास करता है , आप किसी भी ए.टी.एम. मशीन से पैसे निकाल सकते हो और अपना काम तत्काल कर सकते हो।

 

पैसा किसी से मांगना नहीं पड़ता

जीवन बड़ा ही संघर्ष पूर्ण होता है , इसमें उतार-चढ़ाव आदि आते जाते रहते हैं।

कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती है , जब व्यक्ति के पास पैसे नहीं होते।  वह अपने सगे संबंधी और जानकारों से पैसा मांगता है , किंतु वहां भी उसे निराशा हाथ लगती है।

ऐसे समय में  वह व्यक्ति  लाचार हो जाता है।

ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्रेडिट कार्ड अपना सहयोग एक दोस्त की भांति देता है। ऐसे विपत्ति के समय में क्रेडिट कार्ड बहुत बड़ा मददगार साबित होता है।

क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आप पैसा निकाल सकते हैं तथा किसी को भुगतान भी कर सकते हैं।

आप अपनी सुविधा के अनुसार क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर सकते हैं।

 

लोन ले सकते है

जीवन में कई बार ऐसा क्षण भी आता है जब आपको अधिक पैसों की आवश्यकता होती है। लोन देने वाली कंपनियां आपकी हैसियत और कोई मजबूत जानकार ढूंढती है , देखती है , जांचती परखती  है। ऐसे समय में क्रेडिट कार्ड भी एक अहम योगदान निभाता है। यह आपके क्रेडिट स्कोर को तो बढ़ाता ही है , साथ में एक गारंटर अर्थात जानकार के रूप में भी अपनी भूमिका का निर्वाह करता है।

आपके क्रेडिट कार्ड को लोन कंपनियां देखती है और उसे एक गारंटर के तौर पर जांचती – परखती है। इसके उपरान्त आपको लोन देने के लिए एक कदम आगे बढ़ाती है और सभी प्रक्रियाएं पूरी कर आपको लोन भी दे सकती है।

लोन एक प्रकार का EMI  ही होता है यह ई.एम.आई. आप महीने – महीने इसका भुगतान करते हैं। तो यह EMI  अन्य उत्पादों पर तो उपलब्ध है किंतु लोन में भी यह आपको मददगार साबित होता है।

 

EMI पर सामान ले सकते हैं

बाजार में या ऑनलाइन खरीदारी में कई बार सामान पसंद आ जाता है , या फिर आवश्यकता के अनुसार खरीदारी करते हैं। किंतु पैसे के अभाव में आप उस सामान को खरीदने से बचना चाहते हैं।

  • भविष्य में आपके पास इतने पैसे भी नहीं हो पाएंगे।
  • ऐसी स्थिति में क्रेडिट कार्ड आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।
  • क्रेडिट कार्ड ई.एम.आई ( EMI)  पर भी सामान खरीदने की सुविधा देता है।
  • कुछ कंपनियां यह ई.एम.आई ( EMI) का ब्याज लेती है , और कुछ फ्री में एम आई देती है।
  • ई.एम.आई ( EMI) की अवधि 3 महीने से लेकर 12 महीने तक हो सकती है।
  • व्याज की प्रतिशत 1 % – 15 % तक हो सकती है।
  • दिए गए समय में आप अपने खरीदारी के मूल्य को चुका सकते हैं।

 

विदेश में भी खरीदारी और भुगतान

क्रेडिट कार्ड की सबसे प्रमुख विशेषता है , यह विदेश में खरीदारी को सुविधाजनक बनाती है।

जहां एक देश का एटीएम कार्ड (ATM)  और ई वॉलेट(e-volet)  दूसरे देश में प्रचलित नहीं होता , अथवा मान्य नहीं होता वहां क्रेडिट कार्ड वरदान के रूप में साबित होता है। क्रेडिट कार्ड उन सभी बंधनों को तोड़ता है।

क्रेडिट कार्ड वैश्विक स्तर पर खरीदारी अथवा भुगतान के लिए कारगर साबित होता है।

चाहे विदेशी यात्रा पर हो या विदेश के किसी प्रोडक्ट / सामग्री का भुगतान करना हो।

क्रेडिट कार्ड के माध्यम से यह बेहद ही आसान और सुविधाजनक तरीके से किया जा सकता है।

आज जहां विश्व में ऑनलाइन का प्रचलन बढ़ता जा रहा है , चाहे कोई सामान खरीदना हो या कोई सुविधा या सेवा प्राप्त करनी हो , सभी ऑनलाइन उपलब्ध है।

ऐसे में भुगतान करते समय क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता कई बार पड़ जाती है।

यहां क्रेडिट कार्ड धारक उन सुविधाओं को आसानी से ले सकता है , जो अन्य के लिए दुर्लभ साबित होता है।

 

भारी डिस्काउंट 

क्रेडिट कार्ड से कोई भी खरीदारी करने पर , कई प्रकार के डिस्काउंट मिलते हैं। यह डिस्काउंट ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से भी प्राप्त होता है। जहां कैश और अन्य ( ATM , UPI  , e-volet , etc ) माध्यम से भुगतान करने पर पूर्ण मूल्य को चुकाना होता है वही क्रेडिट कार्ड कंपनियां इस पर भारी डिस्काउंट देती है।

  • यह डिस्काउंट कई  बार 50% तक भी होती है।
  • इस प्रकार का भुगतान क्रेडिट कार्ड धारक को मुनाफा का सौदा साबित होता है।
  • भारी डिस्काउंट त्यौहार या साल के किसी विशेष दिन पर अवश्य रूप से देखने को मिलता है।

 

रिवार्ड पॉइंट भी मिलता है

आजकल ऑनलाइन सारी कंपनियां आपको रिवॉर्ड पॉइंट उपलब्ध कराती है। चाहे आप कोई खरीदारी करते हो या फिर आप डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड अथवा ई वॉलेट का इस्तेमाल करते हो।

हर जगह रिवॉर्ड पॉइंट दिया जाता है , यह रिवॉर्ड पॉइंट एक प्रकार से कैशबैक ही होता है।

आप इन पॉइंट्स का इस्तेमाल किसी सामान को उत्पाद को खरीदने के लिए कर सकते हैं।

इस रिवॉर्ड पॉइंट के माध्यम से आप –

  • उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए उत्पादों को अथवा
  • किसी बिल का भुगतान करने ,
  • मोबाइल को रिचार्ज कराने ,
  • फिल्म की टिकट आदि अनेक प्रकार से प्रयोग कर सकते हैं।

अधिकतर देखने में आया है बैंक , डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड आदि द्वारा दिए गए रीवार्ड प्वाइंट का प्रयोग व्यक्ति किसी उत्पाद को खरीदने में करता है।

क्रेडिट कार्ड अन्य माध्यमों से ज्यादा रीवार्ड प्वाइंट देता है।

यह रिवॉर्ड पॉइंट एक प्रकार से छूट होता है , जो आपको पॉइंट के माध्यम से देता है।

यह डिस्काउंट/ छूट के पैसों को पॉइंट के रूप में एकत्रित करता रहता है , और आपको किसी भी समय के लिए यह पॉइंट कैश के रूप में उपलब्ध कराता है।

इस रिवॉर्ड पॉइंट को आप कैश के रूप में नहीं ले सकते।

इसका प्रयोग केवल भुगतान करने के लिए ही किया जाता है।

चाहे वह शॉपिंग हो अथवा किसी भी प्रकार का बिल हो।

 

क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान करने में कितना समय मिल जाता है

क्रेडिट कार्ड का भुगतान अर्थात क्रेडिट कार्ड से जो आपने राशि अपने प्रयोग में लाई है , वह भुगतान अथवा चुकाने का लगभग डेढ़ – 2 महीने का समय मिल जाता है।

इस भुगतान को चुकाने के लिए आपके मोबाइल पर अथवा ईमेल आई.डी पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां सूचना भेजती है।  दिए गए समय पर आप अपने खाते में उतना पैसा रखे जो आपने क्रेडिट कार्ड से प्रयोग में लाया है तो , वह समय पर स्वतः  ही भुगतान हो सकता है।

 

मोबाइल के द्वारा कार्ड पर नियंत्रण करना

आज सभी बैंक ऑनलाइन आ चुकी है , ऐसे में सभी बैंकों ने अपना एप्लीकेशन बनाया हुआ है।  जिसको विशेष तौर पर ग्राहकों के अनुकूल बनाया गया है। इन एप्लीकेशन के माध्यम से कार्डधारक अपने बैंक के समस्त कार्यों को उन एप्लीकेशन के माध्यम से कर सकता है।

साथ ही साथ क्रेडिट कार्ड पर नियंत्रण करने के साथ उस पर निगरानी भी रख सकता है।

कब कितना और किसको भुगतान करना है , यह सब एप्लीकेशन के माध्यम से संभव है।

इसलिए आज क्रेडिट कार्ड का नियंत्रण मोबाइल के द्वारा संभव है।

 

 

क्रेडिट कार्ड का बिल कैसे जमा करें

क्रेडिट कार्ड का बिल वह होता है , जो आप क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिल का भुगतान करते हैं अथवा खरीदारी करते हैं या किसी भी प्रकार का लेनदेन करते हैं। इस कार्ड पर जो भी आपकी देनदारी बनती है , वह क्रेडिट कार्ड का बिल कहलाता है।

इसका भुगतान निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है –

 

कितनी तारीख को बिल जनरेट होता है?

क्रेडिट कार्ड द्वारा किए गए लेन – देन अथवा भुगतान को चुकाने की एक निश्चित तिथि सुनिश्चित की गई होती है। अधिकतर देखने में आया है बैंक महीने के अंतिम दिनों में लगभग 20 तारीख के आसपास क्रेडिट कार्ड का बिल जनरेट/ जारी करती है। जारी तिथि से लगभग 15 से 25 दिनों का समय दिया जाता है , उस दौरान आप विभिन्न माध्यमों से अपने क्रेडिट कार्ड का बकाया भुगतान कर सकते हैं।

वह माध्यम ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन भी हो सकता है।

अगर आपके पास उस भुगतान को पूरा करने के लिए पूंजी नहीं है तो , बैंक के माध्यम से आप उसको महीने – महीने भी ई.एम.आई EMI के आधार पर कुछ अतिरिक्त ब्याज दे कर भुगतान कर सकते हैं।

बैंक के माध्यम से

अपने क्रेडिट कार्ड का भुगतान आप बैंक के माध्यम से भी कर सकते हैं। जिस प्रकार आप अपने खाते में पैसा जमा करवाते हैं , ठीक उसी प्रकार आप बैंक में जाकर पैसा जमा करवाने की स्लिप भर कर क्रेडिट कार्ड का बकाया जमा कर सकते हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस भुगतान प्रक्रिया में कई बैंक आपसे सेवा शुल्क तथा जी.एस.टी अलग से वसूलते हैं। यह शुल्क ₹100 तक बिना जीएसटी के हो सकता है।  जीएसटी उसी के अनुसार अतिरिक्त होता है।

 

ऑनलाइन

ऑनलाइन अथवा ई वॉलेट के माध्यम से भी आप क्रेडिट कार्ड का भुगतान कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड कंपनियां इस भुगतान को विभिन्न माध्यमों से स्वीकार करती है।

यहां भी आपको वास्तविक मूल्य पर सेवा शुल्क और जी.एस.टी अतिरिक्त देना पड़ता है।

यह प्रक्रिया सरल है किंतु महंगा भी है।

ऑटो मोड में भुगतान

क्रेडिट कार्ड कंपनी आपके जमा खाते अर्थात सेविंग अकाउंट से अपने क्रेडिट कार्ड को लिंक कर देती है। जब भी आपके क्रेडिट कार्ड पर कोई बकाया का भुगतान करना होता है तो , क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपके सेविंग अकाउंट से उस भुगतान की राशि को स्वतः निश्चित तारीख को ले लेती है।

इसके लिए आपको दिए गए तारीख पर अपने सेविंग अकाउंट में उतना पैसा रखना होता है , जो आपके क्रेडिट कार्ड का बकाया होता है। क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपके सेविंग अकाउंट से निश्चित दिनांक / तारीख को ऑटोमेटिक मोड से उस शुल्क का भुगतान वसूल लेती है।

 

क्रेडिट कार्ड के नुक्सान – Disadvantages of Credit card in Hindi

क्रेडिट कार्ड का आपने अनेकों प्रकार से अध्ययन कर लिया। क्रेडिट कार्ड के विषय में विस्तार से जानकारी एकत्रित कर ली है।

अभी तक आपने क्रेडिट कार्ड के फायदे और उसके विषय में ही अध्ययन किया है।

क्रेडिट कार्ड के जोखिम भी अनेकों है , सदैव इसमें नुकसान का खतरा बना रहता है।

इन जोखिमों के प्रति अगर आप सतर्क रहें तो वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता है –

 

धोखाधड़ी की संभावना

क्रेडिट कार्ड का प्रयोग देश ही नहीं अपितु विदेश में भी संभव है। जहां डेबिट कार्ड देश में होने वाले लेन-देन की पूर्ति करता है। वही क्रेडिट कार्ड विदेश में भी लेन-देन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान को सुगमता से करने की क्षमता रखता है।

  • जबकी  क्रेडिट कार्ड का प्रयोग विदेश में भी किया जा सकता है तो ,  इसमें धोखाधड़ी के संभावना निश्चित रूप से बढ़ जाती है।
  • क्रेडिट कार्ड सदैव जोखिम से भरा रहता है ,
  • विदेश में होने वाले लेन-देन अथवा भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड ओ.टी.पी ( one time password ) की सुविधा नहीं देता है।
  • आप इस कार्ड को विदेश में भी लेकर जा सकते हैं और वहां प्रयोग कर सकते हैं।
  • उस समय आपका मोबाइल नंबर आपके साथ हो अथवा नहीं यह कहा नहीं जा सकता।
  • इसलिए विदेशी भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड कंपनी कभी भी ओ.टी.पी नहीं भेजती है ,
  • जो धोखाधड़ी का एक महत्वपूर्ण माध्यम देखा जाता है।

क्रेडिट कार्ड से अधिकतर धोखाधड़ी विदेशों से ही होती है।

 

ATM से पैसा निकालना महंगा

क्रेडिट कार्ड भुगतान अथवा खरीदारी को ध्यान में रखकर बनाया गया था। पूर्व समय में ए.टी.एम ATM  से पैसे निकालने की सुविधा इस पर उपलब्ध नहीं थी। किंतु व्यक्ति की आवश्यकता को ध्यान में रखकर अब ए.टी.एम से पैसे निकालने की सुविधा भी दी जा रही है।

कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है जब व्यक्ति के पास कैश खत्म हो जाता है , बैंक में भी उसके पास पूंजी नहीं होती। तब यह क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर ए.टी.एम से पैसा निकाला जा सकता है। किंतु यह पैसा निकालना महंगा तब साबित होता है , जब समय पर इसका भुगतान ना किया जाए।  तय समय पर इन पैसों को अगर वापस नहीं लौटाया गया तो , कंपनियां इसका 50% तक अधिक वसूल लेती है।

यहां यह सौदा महंगा साबित होता है , जो सामान्य अथवा मध्यमवर्ग के लिए नुकसानदेह माना गया है।

 

विलम्ब शुल्क अधिक होना

क्रेडिट कार्ड का प्रयोग सामान्य व्यक्ति तभी करता है , जब उसके पास धन का अभाव होता है , अर्थात समय पर धन उपलब्ध नहीं होता है। ऐसी स्थिति में क्रेडिट कार्ड उस व्यक्ति को धन उपलब्ध कराती है।

किंतु इस धन का भुगतान करने के लिए लगभग 1 महीने का समय कंपनी देती है।

कई बार ऐसा समय भी आता है कि व्यक्ति के पास 1 महीने के भीतर उतना पैसा नहीं हो पाता जो क्रेडिट कार्ड से लिया हुआ हो। ऐसी स्थिति में क्रेडिट कार्ड कंपनियां तय अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर विलंब शुल्क अधिक वसूल करती है।

यह शुल्क सामान्य व्यक्ति के लिए काफी अधिक होता है।

 

EMI महंगी होना

व्यक्ति किसी भी उत्पाद को ई.एम.आई EMI  पर तब ही लेने को मजबूर होता है , जब उसके पास पैसे की कमी होती है । ऐसी स्थिति में क्रेडिट कार्ड कंपनी व्यक्ति के उस कमी को दूर करती है।  किंतु साथ ही वह इस कमी को दूर करने के बदले मोटे तौर पर ब्याज वसूलती है जो 50% तक हो सकती है।

ऐसी स्थिति का क्रेडिट कार्ड कंपनियां फायदा उठाती है।

जो उत्पाद व्यक्ति पैसे होने के कारण कम पैसों में खरीद सकता है वहीं ई.एम.आई पर उसी उत्पाद का मूल्य अधिक रूप से चुकाता है।

 

विदेशी भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क

कार्ड से विदेशी भुगतान अथवा लेन-देन सुविधाजनक तरीके से संभव है , वही यह काफी खर्चीला भी है। क्योंकि क्रेडिट कार्ड विदेशी मुद्रा को आपकी मुद्रा से बदलता है।  इस अदला-बदली का क्रेडिट कार्ड कंपनी मूल्य वसूलती है। यह मूल्य प्रतिशत पर आधारित होती है और इस पर जी.एस.टी ( GST ) भी लिया जाता है , यह वास्तविक मूल्य के अतिरिक्त होता है।

अगर आप कोई ₹10000 का विदेशी मुद्रा में प्रयोग करते हैं तो , लगभग ₹500 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।

यह व्यक्ति के जेब पर बोझ डालता है।

 

कार्ड बंद करवाते समय की सावधानी

क्रेडिट कार्ड को बंद करवाते समय , बेहद ही सावधानी पूर्वक इस कार्य को करना चाहिए।

ताकि भविष्य में इस विषय को लेकर पछतावा ना रहे।

इसलिए निम्नलिखित कुछ बातों को बता रहे हैं , जिनको ध्यान में रखते हुए आप क्रेडिट कार्ड को बंद करवाएं ,

इसके अनेकों लाभ हो सकते हैं –

 

1. सभी भुगतान पूरे करें

क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आपने जितने भी लेन-देन , खरीद – बिक्री किया है।

वह सब क्रेडिट कार्ड को बंद करवाने से पूर्व , बकाया का भुगतान कर दें , अन्यथा बाद में आपको अधिक भुगतान करना पड़ेगा।

यह आपको सदैव ध्यान रखना चाहिए आप बिना बकाया अपने कार्ड को बंद नहीं करवा सकते।

अगर किसी हालात में आपका कार्ड बिना भुगतान किए ही बंद कर दिया गया है तो , भी बैंक आपसे आपके दस्तावेजों के आधार पर उस बकाया को ब्याज सहित वसूल करेगा। इसलिए भविष्य के कष्टों को ध्यान में रखते हुए कार्ड को बंद करवाते समय , सभी भुगतान पूरे हो चुके हो इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए।

 

2. स्वतः होने वाले सभी बिजली , पानी ,लोन आदि का भुगतान बंद करवाए

Know about how you can stop credit card in Hindi in terms of payment.

इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने लिए सुगमता और सहूलियत का विशेष ध्यान रखता है। इसलिए किसी भी प्रकार का मानसिक कष्ट व्यक्ति लेने से परहेज करता है।  और जब किसी तिथि और भुगतान को विशेष प्रकार से ध्यान रखना हो तो यह व्यक्ति के लिए सिरदर्द बन जाता है।

ऐसे में व्यक्ति अपने

बिजली का बिल ,

टेलीफोन का बिल ,

घर का बिल  आदि जितने भी प्रकार के बिल होते हैं ,

उन सभी को स्वतः  भुगतान के लिए ऑटो मोड में सेटिंग कर देता है।

जिसके माध्यम से कोई भी प्रकार का बिल बनते ही उसका भुगतान हो जाए।

ऐसे सभी भुगतानों  को रोक देना चाहिए जो , आपने अपने क्रेडिट कार्ड से लिंक किया हो। अन्यथा जब वह भुगतान के लिए आपके क्रेडिट कार्ड अकाउंट पर आएगा तो , आप क्रेडिट कार्ड बंद होने के बाद उस भुगतान को नहीं कर पाएंगे।

ऐसी स्थिति में आप  डिफॉल्टर बन जाएंगे ऐसे में उन सभी स्वत भगतान को बंद कर देना चाहिए।

 

3. मिले हुए रिवार्ड पॉइंट का प्रयोग कर लें

Learn to use Reward points you get during use of credit card in hindi in detail.

क्रेडिट कार्ड के द्वारा किए गए भुगतान और लेन-देन के माध्यम से आपको जो रिवॉर्ड पॉइंट मिलता है। उन रिवॉर्ड पॉइंट को क्रेडिट कार्ड बंद करवाने से पूर्व उपयोग कर लेना चाहिए। क्योंकि क्रेडिट कार्ड बंद होने के बाद आप इन रिवॉर्ड पॉइंट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे ,जो आपके लिए नुकसानदेह है।

आप इन रिवॉर्ड पॉइंट का प्रयोग किसी भी मदद कर सकते हैं , चाहे वह मोबाइल रिचार्ज हो या किसी प्रकार का खरीदारी या किसी भी प्रकार का बिल को चुकाना।

4. बैंक से लिखित में संपर्क करें

क्रेडिट कार्ड निश्चित ही जोखिम से भरा रहता है।

आप ऐसे में उन जोखिम ओ से सदैव सतर्क रहकर ही , इसके धोखाधड़ी से बच सकते हैं। जब आप क्रेडिट कार्ड को बंद करवाना चाहते हो तो , आप अपने बैंक में लिखित आवेदन पत्र देकर ही बंद करवाएं तो बेहतर होगा। क्योंकि लिखित रूप से किए गए व्यवहार चाहे , वह कागज पर हो अथवा मेल के द्वारा , यह आपके पास सबूत के रूप में सदैव मौजूद रहता है।

भविष्य में हुए जोखिम में यह सबूत के रूप में कार्य कर सकता है , इसलिए बैंक में कार्ड बंद करवाने का आवेदन लिखित में दें।

 

5. क्रेडिट कार्ड का स्कोर ऑनलाइन जांचे

Learn to know your score of your credit card in Hindi with ease.

आज ऑनलाइन का दौर है , चाहे खरीददारी हो या फिर खाना मंगवाना हो , सब कुछ ऑनलाइन मौजूद है। ऐसे में कई सारी कंपनियां क्रेडिट कार्ड के स्कोर या उसकी स्थिति ,  वैल्यू आदि को जांचने का अवसर प्रदान करती है।

ऐसे कई एप्लीकेशन है , जहां पर आप अपने क्रेडिट कार्ड का स्कोर देख सकते हैं।

आप अपने पैन कार्ड अथवा क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी अपना इसको जान सकते हैं , जो आपको लोन लेने की क्षमता को भी बताता है।

किंतु ऑनलाइन किसी भी प्रकार की निजी जानकारी देने से बचना चाहिए।

क्योंकि यहां धोखाधड़ी की संभावना भी बनी रहती है।

आप उन वेबसाइट या एप्लीकेशन का ही प्रयोग करें , जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त हो।

 

Some more Important details related to Credit card in Hindi

क्रेडिट कार्ड के भुगतान में सदैव जोखिम रहता है , क्योंकि यह वैश्विक स्तर पर भुगतान करने की सुविधा देता है। जिसमें आपकी समझदारी और सूझबूझ से ही क्रेडिट कार्ड के अवैध भुगतान को रोका जा सकता है।

आपकी छोटी सी गलती आपको बहुत बड़ी आर्थिक क्षति पहुंचा सकता है।

इसलिए क्रेडिट कार्ड के प्रयोग में सदैव सतर्कता बरतनी चाहिए।

अगर आपको क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता नहीं है तो , इसे लेने से परहेज करना चाहिए।

अगर आपने क्रेडिट कार्ड को लिया हुआ है तो , निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान से विचार करते हुए उस वित्तीय लेन-देन के घाटे को रोक सकते हैं।

 

मोबाइल के द्वारा क्रेडिट कार्ड पर नियंत्रण – Control with Mobile

मोबाइल के द्वारा अपने क्रेडिट कार्ड पर नियंत्रण रख सकते हैं। आप अपने मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से क्रेडिट कार्ड के सभी लेनदेन और भुगतान तथा उसके समस्त एक्टिविटी/ सक्रियता को स्वयं नियंत्रित कर सकते हैं।

  • एप्लीकेशन में आप सर्वप्रथम विदेशी भुगतान को डीएक्टिवेट कर दें।
  • अगर आपको भविष्य में विदेशी भुगतान करने की आवश्यकता पड़े तो , भुगतान के समय अपने मोबाइल से इसे एक्टिवेट कर सकते हैं।
  • इस प्रक्रिया के माध्यम से आप विदेशी भुगतान से बच सकते हैं।
  • देश में होने वाले सभी भुगतान ओं के लिए आपके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड कम्पनी की ओर से ओ.टी.पी OTP आता है।
  • जिसको लिखने के बाद ही कोई भुगतान संभव है।
  • इसलिए आप ओ.टी.पी को किसी से शेयर ना करें.
  • आप वित्तीय हानि से बच सकते हैं।

 

धोखाधड़ी की हालत में

क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल करते समय कई बार जाने – अनजाने आपके साथ धोखाधड़ी होती है। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं व्यक्ति के जेब /पॉकेट में क्रेडिट कार्ड रखा हुआ है और कहीं विदेश में या देश के किसी कोने से उसके क्रेडिट कार्ड से राशि का भुगतान हो गया।

पैसे का भुगतान उसे मोबाइल पर एसएमएस के द्वारा प्राप्त होता है।

जिसमें व्यक्ति काफी परेशान होता है।

यह लाजमी भी है , क्योंकि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है , वह भी वित्तीय।

जिस पूंजी के लिए व खून पसीने दिन-रात बहाता है , उस पूंजी को एक क्षण में धोखाधड़ी से कोई दूसरा व्यक्ति हड़प लेता है , तो परेशान होना बनता है।

ऐसे में आप घबराए नहीं !

अगर क्रेडिट कार्ड आपके पास है तो नजदीकी बैंक एटीएम में जाकर उस कार्ड को प्रयोग करें।

चाहे आप कोई राशि निकाले या नहीं उस एटीएम मशीन से कोई प्रिंट निकालने , जिससे यह साबित हो सके कि आप धोखाधड़ी के समय किसी दूसरी जगह पर मौजूद थे, वह भी अपने कार्ड के साथ।

अर्थात यह धोखाधड़ी हुई है जिसके लिए आप जिम्मेदार नहीं हैं।

3 बैंक कार्य दिवस के भीतर अपने बैंक में लिखित समस्त जानकारी अपने बैंक मैनेजर को उपलब्ध कराएं तथा नजदीकी पुलिस विभाग में भी उस शिकायत की कॉपी को दे दे। इस प्रक्रिया के बाद आप निश्चिंत हो जाए अगर आपके साथ वास्तविक रूप से धोखाधड़ी हुई है तो उस रकम की भरपाई बैंक स्वयं करेगी।

अर्थात आपको वह पैसे बैंक के द्वारा लौटाया जाएगा।

अगर 30 दिन के भीतर बैंक आपको वह पैसे नहीं लौट आता है तो आप आर.बी.आई भारतीय रिजर्व बैंक में सभी दस्तावेजों के साथ शिकायत कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक आपको यह विश्वास दिलाता है कि , आपके साथ हुए वित्तीय धोखाधड़ी की भरपाई वह अपने स्तर से करवाएगी।

 

क्रेडिट कार्ड का भी इंश्योरेंस – Detail of Insurance process for credit card in Hindi

क्रेडिट कार्ड के साथ धोखाधड़ी की बातें आम है।

आज अमूमन अधिकतर व्यक्ति क्रेडिट कार्ड के साथ धोखाधड़ी को लेकर परेशान रहता है। कई बार इस धोखाधड़ी में व्यक्ति का चाहे – अनचाहे हस्तक्षेप होता है। यह समझे कि कई बार व्यक्ति के स्वयं की गलतियों के कारण भी क्रेडिट कार्ड के साथ धोखाधड़ी होती है।

  • चाहे ओ.टी.पी OTP के साझा करने से या क्रेडिट कार्ड के समस्त जानकारियों के साझा करने से हो।
  • अगर व्यक्ति के स्वयं की लापरवाही के द्वारा धोखाधड़ी होती है तो , बैंक उसके भुगतान की जिम्मेदारी नहीं लेती।
  • अर्थात जो वित्तीय घाटा होता है उसका भुगतान व्यक्ति स्वयं करता है।
  • ऐसे में कई क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड का इंश्योरेंस भी देती है।
  • इस इंश्योरेंस को लेने के बाद व्यक्ति निश्चिंत हो जाता है।

अगर उसके साथ किसी भी प्रकार की कोई धोखाधड़ी होती है तो सर्वप्रथम बैंक उसका भुगतान करने के लिए बाध्य होता है। अगर बैंक किन्हीं परिस्थितियों में उस भुगतान को करने से मना कर देता है तो , यह इंश्योरेंस कंपनी उस धोखाधड़ी के रकम का भुगतान करती है।

इस इंश्योरेंस को लेने के लिए व्यक्ति को मोटी रकम चुकानी पड़ती है।

इंश्योरेंस कंपनियां क्रेडिट कार्ड पर इंश्योरेंस देने के लिए ₹5000 से लाखों रुपए तक वसूलती  है , जो व्यक्ति के लिए काफी महंगा साबित होता है।

 

अगर क्रेडिट कार्ड खो जाता है तो क्या करें?

Below you will know that What you should do in case you lost your credit card in Hindi.

अगर आप का क्रेडिट कार्ड किसी हालात में खो/गुम ( lost ) हो जाता है तो , निश्चित रूप से आप यथाशीघ्र कस्टमर केयर पर फोन करके अपने कार्ड को ब्लॉक करवा दें।

कार्ड ब्लॉक करवाने से किसी प्रकार की धोखाधड़ी आपके साथ नही हो सकती ।

तदुपरांत आप अपने बैंक में लिखित जानकारी देकर अपने कार्ड को ब्लॉक कराते हुए नए कार्ड का आवेदन करें।

यह आपके पास प्रमाणिक रूप से साक्ष्य रहेगा इस व्यवहार को आप लिखित रूप से करें तो बेहतर होगा।

 

क्रेडिट कार्ड लें या नहीं?

निश्चित रूप से उपर्युक्त सभी बिंदुओं पर आपने विचार किया होगा , और अब आपने अपना मन क्रेडिट कार्ड के संदर्भ में बना लिया होगा। यह आपके लिए उपयोगी है , अथवा नहीं इसके विषय में अपने विचार मजबूती से बनाए होंगे। किंतु फिर भी किसी प्रकार का संशय हो तो आपको यह स्पष्ट रूप से मैं बताना चाहता हूं कि , अगर आपको क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं हो तो , किसी भी प्रकार का विदेशी लेनदेन आप नहीं करते तो , क्रेडिट कार्ड को लेने से बचना चाहिए।

क्योंकि यह आपके खर्च को बढ़ाता ही है , साथ ही इससे जुड़े हुए जोखिम भी सदैव बने रहते है। जरूरी नहीं है कि विदेशी भुगतान आप क्रेडिट कार्ड से ही करें , यह भुगतान अधिकतर डेबिट कार्ड से भी आज के हालात में उपलब्ध है।

आपके पास जो एटीएम/ डेबिट कार्ड उपलब्ध है वह भी आपके क्रेडिट कार्ड का ही कार्य करता है।

अंततः आपको क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता नहीं है तो आप इसको लेने से बचें।

 

इनकम टेक्स परेशान करता है?

निश्चित रूप से क्रेडिट कार्ड का लेनदेन वित्तीय क्षेत्र का विषय है। किंतु या पूर्ण रूप से इनकम टैक्स की निगरानी में रहता है , क्योंकि आपका बैंक और आपके पैन कार्ड अथवा अन्य निजी दस्तावेजों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट निरंतर जांचता रहता है।

  • इसलिए उसके पास क्रेडिट कार्ड की संपूर्ण डिटेल उपलब्ध रहती है।
  • आप क्रेडिट कार्ड से किसी भी प्रकार का लेनदेन करते हैं , वह सब लीगल होता है।
  • अर्थात कानूनी होता है और उसका भुगतान आप स्वयं अपने खाते से करते हैं।
  • ऐसे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको किसी भी प्रकार से परेशान नहीं करता।
  • ना ही किसी पूछताछ के लिए आपको बुलाता है।

 

लेखक की राय –

उपर्युक्त क्रेडिट कार्ड के संदर्भ में बताई गई सभी जानकारियां तथ्यों पर आधारित है।

यह निजी अनुभव और प्रयोग के द्वारा लिखा गया है। इसकी सत्यता स्वयं के आधार पर है , क्योंकि हमारे द्वारा प्रयोग किया गया क्रेडिट कार्ड और उसके निहित जोखिम को काफी बारीकी से अध्ययन करके ही इन तथ्यों को यहां इस लेख में उपलब्ध कराया गया है। आप क्रेडिट कार्ड के संदर्भ में सभी जानकारियों से परिचित हुए होंगे , किंतु उसके जोखिमों  को भी आपने बारीकी से अध्ययन किया होगा।

क्रेडिट कार्ड के संदर्भ में उपयुक्त जानकारी मेरे निजी तौर पर अध्ययन के आधार पर उपलब्ध है.

आप अपने प्रयोग में क्रेडिट कार्ड से जुड़े जोखिम और उसके सभी लाभ – हानि के लिए स्वयं के विवेक से ही कार्य करें।

यहां हम किसी कंपनी या उत्पाद का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं।

आप स्वयं के विवेक से बाजार में उपलब्ध सभी उत्पाद और कंपनियों का विश्लेषण करते हुए ही , उसको अपने प्रयोग में लाने के लिए प्रयत्न करें।

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4 thoughts on “Credit card in hindi | क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी”

  1. आपने क्रेडिट कार्ड की बहुत अच्छी जानकारी दी है परंतु मेरा एक सवाल है
    हम अपने क्रेडिट कार्ड में ऑटोमेटिक ट्रांजैक्शन रोक सकते हैं या नहीं

    Reply
    • हर बैंक अपने एक एप्लीकेशन के जरिए आपको सुविधा देता है कि आप ऑटोमेटिक ट्रांजैक्शन रोक सकते हैं।
      वहां पर ऑटोमेटिक ट्रांजैक्शन ऑफ करने का ऑप्शन मिलता है जिसे इस्तेमाल के बाद किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन मुमकिन नहीं है।
      उदाहरण के लिए sbi bank एक एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता है यह सुविधा देने के लिए उसका नाम है Yono app. जो आपको प्ले स्टोर पर मिल जाएगा।

      Reply
  2. क्रेडिट कार्ड पर इतना सुंदर लेख लिखने के लिए धन्यवाद
    मुझे इस लेख से बहुत सारी जानकारियां प्राप्त हुई है जो मुझे पहले नहीं पता थी

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