Hindi stories for kids

Hindi stories class 2 Short hindi stories for class 2 with morals for kids

मेरे नन्हे मित्रों यह कहानी आप लोगों के लिए बनाया गया है। आपका भविष्य उज्वल हो ऐसी कामना में करता हु। वर्तमान में संचार के युग में दादा – दादी की कहानियां भूलते जा रहे  है। इससे आज नैतिकता की कमी देखने को मिलती है। मोबाईल आदि उपकरणों ने बाल मष्तिष्क में आवेग को भर दिया है। छोटी – छोटी बातों पर गुस्सा आप नन्हे बालकों की कमज़ोरी बनती जा रही है।

आप इस कहानी से अपने नैतिक मूल्यों को संजोयेंगे ऐसी आशा करता हूँ।

These are some Hindi stories for class 2 students. Read and enjoy.

 

 

मेरे दोस्त ( स्टोरी इन हिंदी फॉर किड्स )

 

मेरे ढेर सारे दोस्त हैं। कुछ नन्हे-मुन्ने हैं , कुछ उनसे बड़े है , और कुछ उनसे भी बड़े। मेरे कुछ दोस्त पापा के बराबर हैं , कुछ उनसे भी बड़े , मेरे कुछ दोस्त दादाजी की उम्र के भी हैं। मेरे कुछ दोस्तों की मूँछे भी है।  मेरे और भी ढेर सारे दोस्त हैं जिनके पास सिंघ है ,  पूँछ है।  कुछ ऐसे भी दोस्त हैं जो उड़ते भी हैं , उनके प्यारे-प्यारे , रंग-बिरंगे पंख भी हैं।  उन सब में मेरा प्यारा दोस्त कौन है ? बताऊं ? बताऊं ? बताऊं मेरी मां

नैतिक शिक्षा – माँ बालक की दोस्त , गुरु और सब कुछ होता है। स्वर्ग का रास्ता भी माँ के चरणों से होकर जाता है।

Moral of this story – Mother plays of every characters. According to the situation for the sake of well being of her child. Hindi stories class 2 first story ends here.

 

 

 मोटू राजा पतलू कुत्ता ( स्टोरी इन हिंदी फॉर किड्स )

 

एक मोटा राजा था , उसकी तोंद भी निकली हुई थी , वह चल भी नहीं पाता था। उस राजा के  पास एक पतलू कुत्ता था। एक दिन मोटू राजा अपने कुत्ते के साथ बैठा हुआ था। पतलू कुत्ते को एक बिल्ली देखी , वह बिल्ली म्याऊं – म्याऊं चिल्ला रही थी।  पतलू कुत्ता उसके पीछे भागा , पतलू को देखकर बिल्ली भागी और उसे पकड़ने के लिए मोटू राजा भी भागा। मोटू राजा  पतलू कुत्ता दोनों भागते रहे , भागते रहे , चार दिन भागते रहे। आखिर में मोटू राजा ने पतलू कुत्ते को पकड़ लिया , बताओ क्यों  पकड़ लिया ? क्योंकि ! मोटू राजा अब  पतला  हो गया था ना।

नैतिक शिक्षा – बैठे रहने से मोटापा आता है और ढेर सारी बीमारी भी लाता है।

Moral of this story – Do exercise and stay fit always. Hindi stories class 2 second story ends here.

 

 

पतंग से उड़ना सीखो ( स्टोरी इन हिंदी फॉर किड्स )

 

पंद्रह अगस्त का समय था  आकाश में ढेर सारे पतंग उड़ रहे थे।  एक पतंग उड़ कर नीचे की ओर आ रहा था। चिड़िया पेड़ पर अपने घोंसले में बैठी थी , अपने बच्चों को उड़ना सिखा रही थी। चिड़िया के बच्चे उड़ने से डर रहे थे। एक बच्चा बोला पतंग आ रही है मां। 

चिड़िया मां ने कहा डरो मत उसकी डोर को कसकर मुंह से पकड़ लेना। सभी बच्चों ने डोर को मुंह से पकड़ लिया। सबको खूब मजा आया। उड़ते-उड़ते मुंह से पतंग की डोर छूट गई। सभी बच्चे अपने पंख फड़फड़ा कर उड़ने लगे।  उन्हें खूब मजा आया , अब उन्होंने उड़ना सीख लिया था।

नैतिक शिक्षा – डरने से काम का नुक्सान होता है।

Moral of this story – Be fearless in your field. Hindi stories class 2 third story ends here.

 

हिरण का बच्चा ( स्टोरी इन हिंदी फॉर किड्स )

एक जंगल में हिरण का परिवार रहता था। उस हिरण  एक प्यारा सा सुंदर सा बच्चा था। एक दिन खरगोश से दौड़ हुई , हिरण का बच्चा खरगोश से आगे भागने लगा। वह जंगल पार कर गया , खेत पार कर गया , नदी भी पार कर गया , पर पहाड़ पार नहीं कर पाया। चट्टान से टकराकर गिर गया और जोर – जोर से रोने लगा।

बंदर ने उसकी टांग सहलाई पर चुप नहीं हुआ। भालू  दादा ने गोद में उठा कर खिलाया उससे भी चुप नहीं हुआ। सियार ने नाच किया उससे भी चुप नहीं हुआ , फिर हिरण की मां आई उसने उसे प्यार किया और कहा चलो उस पत्थर की पिटाई करते हैं। हिरण का बच्चा बोला नहीं ! वह भी रोने लगेगा। मां हंसने लगी बेटा हंसने लगा , बंदर हंसने लगा , भालू हंसने लगा सब हंसने लगे।

नैतिक शिक्षा – बालकों में संवेदना बड़ों से अधिक होती है। उसे बढ़ावा दे।

Moral of this story – Child is more powerful in terms of emotions then elders.Hindi stories class 2 fourth story ends here.

 

नन्ही परी ( स्टोरी इन हिंदी फॉर किड्स )

एक नन्ही सी परी थी। वह बहुत उदास रहती थी , उसकी मुस्कान चेहरे से गायब हो गई थी। वह एक  दिन चांद के पास गई।  चांद बहुत खुश रहता था , परी ने चांद से खुशी का राज पूछा। चांद ने परी से कहा कि वह रोज धरती पर जाता है। वहां बच्चे उसे मामा कहते हैं। ऐसा सुनकर चांद को खुशी मिलती है। परी ने भी कहा मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगी। धरती पर परी चांद के साथ आई। बच्चों ने चांद के साथ नन्ही परी को देखा और खुशी से गाने लगे – ” चंदा मामा आए साथ में नन्ही परी लाए” |

परी के लिए भी बच्चों ने ढेर सारे गीत गाए। गीत सुनकर परी के खुशी का ठिकाना नहीं था। वह अब उदास नहीं रहती है। वह अब हमेशा खुश रहने लगी है।

नैतिक शिक्षा – खुशिया सभी जगह है आप महसूस करे और खुश रहें।

Moral of this story – Happiness is everywhere. Hindi stories class 2 fifth story ends here.

 

 

रोटी का चक्कर ( स्टोरी इन हिंदी फॉर किड्स )

रोशन के घर में एक कुत्ता था , उसका नाम टाइगर था। एक दिन रोशन अपने दादा जी के साथ टाइगर को रोटी देने गया।  कौवा ने मौका देख कर रोशन से रोटी छीन ली और उड़कर एक आम के पेड़ पर बैठ गया। टाइगर दौड़ कर उसके पास गया और  तेज आवाज में भो-भो किया। कौवा घबरा गया और उसके मुंह से रोटी गिर गई। टाइगर ने लपक – कर अपनी  रोटी वापस ले ली। इससे टाइगर की रोटी उसको वापस मिल गई।

नैतिक शिक्षा – जो जिसका है जिसके नसीब का है वह उसे मिलकर ही रहता है।

Moral of this story – No one gets more then his or her luck or destiny. Hindi stories class 2 last story ends here.

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Conclusion –

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