पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ सम्पूर्ण जीवनी । Pushpendra kulshrestha biodata

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ किसी परिचय का मोहताज नहीं है। व्यक्तिगत रूप से यह कर्मठ है , किसी कार्य के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है। इस लेख के माध्यम से हम पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी को समझने का प्रयत्न करेंगे। उनके जीवन के लगभग समस्त घटनाओं को समाहित करने का प्रयत्न करेंगे।

यह लेख स्वयं अवलोकन तथा विभिन्न साक्षात्कार और सम्मेलन आदि के द्वारा स्वविवेक के आधार पर लिखा जा रहा है। किसी प्रकार की त्रुटि मानवीय भूल हो सकती है।

प्रस्तुत लेख पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के जीवनी रूप में है।  इस लेख में आप उनके आरंभिक जीवन से वर्तमान स्थिति तक जानकारी हासिल कर सकते हैं।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी का जीवन परिचय

युवा के प्रेरणा स्रोत रूप में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ विद्यमान है। आज उनके आदर्शों का अनुकरण युवा समाज करता है। उनका समाज के प्रति समर्पण तथा त्याग की भावना को , समाज सम्मान की दृष्टि से देखता है। यही कारण है वर्तमान समय में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उन्होंने आरंभिक जीवन से लेकर अभी तक काफी संघर्ष किया है।

उनके संघर्षों की कहानी इतनी कष्टदायक है , कोई सामान्य व्यक्ति ऐसे संघर्ष को नहीं सहन कर सकता।

उनकी परवरिश ऐसे जगह पर हुई , जहां दूसरे धर्म का सम्मान संभव नहीं था। डर और भय यह सब माहौल भी समाज में व्याप्त था।

इनकी कर्मभूमि उन जगहों पर रही जहां शायद ही कोई व्यक्ति सहज रह सके।

जीवन में काफी अनुभवों के बाद पुष्पेंद्र जी ने समाज के साथ सीधे तौर पर संवाद आरंभ किया।

यह संवाद उनके अथक परिश्रम को प्रकट करता है।

Pushpendra kulshrestha biodata

pushpendra kulshrestha

जन्म – 2 दिसंबर 1960

स्थान – अलीगढ़

नाम – पुष्पेंद्र कुल्श्रेठ

पिता का नाम

माता का नाम

धर्म – हिन्दू ( सनातन धर्म )

शिक्षा – अलीगढ़ विश्वविद्यालय

व्यवसाय – पत्रकारिता , सलाहकार , वक्ता आदि।

Pushpendra kulshrestha books – जल्द ही सभी जानकारी उपलब्ध होगी।

 

पुष्पेंदर कुलश्रेष्ठ जी का आरम्भिक जीवन कैसा था

पुष्पेंद्र जी का आरंभिक जीवन सामान्य बालकों की तरह था। उन्होंने अलीगढ़ , उत्तर प्रदेश में जन्म लिया था। अलीगढ़ मुस्लिम बहुल इलाका है यहां शासन प्रशासन सभी धर्म विशेष के पक्षधर हैं।

उन्होंने अलीगढ़ से ही अपनी आरंभिक शिक्षा प्राप्त की , तत्पश्चात अलीगढ़ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की।

( शीघ्र ही विस्तार किया जायेगा )

 

शिक्षा

पुष्पेंद्र जी आरंभिक जीवन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। वह पढ़ने में होनहार तथा मेधावी थे। विद्यालय पाठ्यक्रम को बेहद ही सुविधाजनक तरीके से , रुचि लेते हुए जल्द ही समाप्त कर दिया करते थे। उसके पश्चात वह अपने धर्म तथा अन्य प्रकार के साहित्य का अध्ययन करते थे। उन्होंने उस समय तक लगभग सभी महान तथा प्रसिद्ध व्यक्तियों का विचार और जीवन संघर्ष पढ़ लिया था।

संस्कृत , हिंदी , उर्दू तीनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ पुष्पेंद्र जी की थी।

उर्दू पढ़ना उनके लिए अनिवार्य था।अलीगढ़ के सभी विद्यालय , कॉलेज में उर्दू पढ़ाया जाता था।

पुष्पेंद्र जी ने हिंदू धर्म के साहित्य का गहनता से अध्ययन किया।

यह उनके ब्राह्मण धर्म की शिक्षा की।

उन्हें विद्यालय और कॉलेज में अनिवार्य रूप से उर्दू के साहित्य , कुरान  आदि की शिक्षा दी गई थी। उन्होंने इन साहित्य और पुस्तकों का भी बारीकी से अध्ययन किया।

उनकी खूबियों और उनकी कमियों का भी बखूबी अध्ययन किया।

उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का रुख किया। क्योंकि यह विश्व भर में मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में प्रसिद्ध है। यह विश्वविद्यालय प्रसिद्ध तथा काफी पुराना था। इस विश्वविद्यालय से तथाकथित बुद्धिजीवी पढ़े थे।

शायद इसलिए इस विश्वविद्यालय का चयन पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने किया था।

( अन्य विस्तार शीघ्र करेंगे )

पुष्पेंदर कुलश्रेष्ठ जी का पत्रकारिता में योगदान

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ पत्रकारिता के क्षेत्र में जाने-माने शख्सियत है। उनकी पत्रकारिता ने समाज को नयी दिशा दी। अपराध को उजागर करने में कारगर रही। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुलश्रेष्ठ जी ने अपने जीवन का अहम् समय दिया ।

पुष्पेंदर जी की पत्रकारिता ने उन्हें वह मुकाम दिया जिसके वह अधिकारी थे।

पत्रकारिता के लिए उन्हें भारत सरकार के प्रतिनिधि तौर पर ब्यूरो चीफ बनाकर पाकिस्तान भेजा गया था।

पाकिस्तान में पुष्पेंदर जी ने  आज न्यूज़  के लिए काफी समय तक कार्य किया।

भारत में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया PCI में अहम पद पर अपनी सेवाएं लगभग चार साल दी।

जैसा कि हम जानते हैं भारत में कांग्रेसी विचारधारा और वामपंथियों का वर्चस्व मीडिया के क्षेत्र में अधिक है। ऐसे में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ एक राष्ट्रवादी विचारधारा के होते हुए कार्य कर रहे थे। उन्होंने अपनी सेवाएं सुचारू रूप से लगभग चार वर्ष दिया।

उसके पश्चात उन पर गलत आरोप लगाते हुए ( PCI ) पद से बर्खास्त कर दिया गया।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।

उनके ऊपर प्रमुख तीन धाराओं में केस दर्ज कराया गया 420 , 406 , 120 बी।

जांच प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पांच सदस्यों ने किया।

पुलिस और अन्य ब्यूरो एजेंसियों ने भी किया , किंतु कोई भी अपराध पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ पर साबित नहीं हो सके। यह केवल उनके छवि पर दाग लगाने का एक प्रयास मात्र था।

 

समाज के प्रति दृष्टिकोण

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का बचपन ऐसे क्षेत्र में गुजरा जहां दूसरे धर्म की बहुलता थी। वहां मुस्लिम समाज की संख्या अधिक थी। उन्होंने मुस्लिम धर्म संस्कारों को स्वयं से भी जीया था। वह वास्तविक रुप से सर्व धर्म समभाव का भाव रखते हैं।

उन्होंने कभी भी दो धर्मों के बीच भेद नहीं किया उनके नीति और आदर्शों को सदैव माना है।

किंतु आज उन पर आरोप लगाया जाता है , कि वह दूसरे धर्म के प्रति अपना दृष्टिकोण गलत रखते हैं। ऐसा नहीं है उन्होंने केवल उस धर्म के कमियों को बताने का प्रयत्न किया है। जब कोई एक धर्म अनीति अनाचार करते हुए , दूसरे धर्म पर वर्चस्व सिद्ध करने की कोशिश करते हैं। वहां पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जैसे व्यक्ति सीना ताने खड़े हो जाते हैं। उनके इस कृत्य को जब यह व्यक्ति गलत बताता है , तो इनके दृष्टिकोण को गलत माना जाता है।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के करीबियों में अन्य धर्मों के लोग भी हैं। जहां धर्म , जात , ऊंच-नीच आदि की कोई दुर्भावना नहीं है।

पुष्पेंद्र सदैव समाज का आदर करते हैं , एक साथ मिलकर रहने की बात करते हैं।

 

सरकार और राजनैतिक दल के प्रति रुख

पत्रकार होने के नाते पुष्पेंदर उन राजनैतिक दलों को कभी पसंद नहीं करते , जो केवल वादे करते हैं। पुष्पेंद्र अपनी पत्रकारिता से सरकार की कमियों को उजागर करते रहे। समाज के प्रति राजनीतिक दल का लचर रवैया देखकर वह काफी आहत होते हैं। उन्होंने आजीवन जहां समाज के साथ रहकर कार्य किया।

वहीं राजनीतिक दल , इस समाज का राजनीति के लिए प्रयोग करते रहे।

यही कारण है पत्रकारिता के बाद उन्होंने और अधिक प्रखर शब्दों में राजनीतिक दलों का बहिष्कार किया, उनकी आलोचना की। इनके द्वारा बनाए गए कानूनों को , जो समाज के लिए हितकर ना हो उनकी सदैव निंदा की।

धारा 370 अनुच्छेद 35 A , अनुच्छेद 30 तथा 30 A  जैसे विषयों पर सदैव राजनीतिक दलों को अपना निशाना बनाते रहे।

सरकार जनता से वादा करते रही , जब उनको पूरा करने की बात आती , तो वह वादे उन्हें याद ना रहे थे।

इस कारण पुष्पेंद्र और अधिक व्यतीत हो जाते।

सरकार तथा राजनीतिक दल से आहत होकर उन्होंने अब अपना मंच बडा कर लिया । बड़ी संख्या में लोगों को इन कमियों के प्रति ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। सत्ता में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई। उन पर ऐसा दबाव बनाया गया ताकि वह समाज के लिए कार्य कर सकें।

भारतीय जनता पार्टी ने भी जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए।

काफी सारे कानून बदल दिए समाप्त कर दिए , जो अंग्रेजो के द्वारा बनाए गए थे।

धारा 370 अनुच्छेद35 A  को समाप्त कर स्वच्छ राजनीति की मनसा भारतीय जनता पार्टी ने जाहिर की।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने इसका स्वागत किया।

पुष्पेंद्र सदैव से उस पार्टी अथवा राजनीति को सही मानते है , जो जनता के हितों में हो।

चाहे वह कोई भी पार्टी अथवा दल हो।

 

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ – प्रखर वक्ता के रूप में

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ निश्चित रूप से एक प्रखर वक्ता है। यह गुण उनमें जीवन के आरंभिक शिक्षा से ही ग्रहण किया था। जब उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई की , उस समय उन्हें कई मंच प्राप्त हो चुके थे। जिसके माध्यम से उनमें प्रखर वक्ता के गुण आने लगे। पत्रकारिता के क्षेत्र में जब उन्होंने अपने कदम जमा लिए तब वह निश्चित रूप से एक गुणशील प्रखर वक्ता के रूप में प्रसिद्ध हुए।

उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना अहम योगदान दिया।

इस कार्य के क्षेत्र में उन्हें अनेकों-अनेक मंचों पर अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया गया। विभिन्न कार्यक्रमों में वह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित हुए।

उनके विचारों शब्दों को सुनने के लिए पत्रकार जगत के लोग तथा युवा विशेष रूप से उत्सुक रहते थे।

पत्रकारिता के बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से लोगों के साथ सीधे संवाद किए।

उन्होंने स्वयं से प्रतिज्ञा ली वह जन-जागरण के लिए प्रत्येक दिन एक जन संवाद अवश्य करेंगे। आज भी वह प्रतिज्ञा जारी है। मेरी जानकारी के अनुसार वह प्रतिदिन किसी न किसी एक मंच को अपना माध्यम बनाते हैं।

इस मंच के माध्यम से राष्ट्र भक्ति और राजनीति में हो रही अवहेलना , देश के प्रति कुचाल और षड्यंत्र को लोगों के सामने रखते हैं।

धर्म – संस्कृति और उसके मूल्यों को समझाते हैं।

लोग किस प्रकार राजनीति के लालच में स्वयं का नुकसान करते जा रहे हैं।

उन सब को उजागर करते हुए जागरूक होने का आह्वान करते हैं।

आज उनकी प्रसिद्धि प्रखर वक्ता के रूप में है विशेष रूप से उन्हें युवा पीढ़ी सुनना पसंद करती है।

 

धारा 370 के प्रति विरोध

धारा 370 भारतीय संविधान को एक चुनौती थी। यह जम्मू कश्मीर को अलग देश होने की मान्यता देता था। भारत की अखंडता को चुनौती थी। स्वयं का अपना विधानसभा , अपने नियम , झंडे आदि को स्वीकृति प्रदान करता था।

भारत का कोई नियम जम्मू कश्मीर में लागू ना हो उसकी वकालत धारा 370 किया करता था।

धारा 370 की समाप्ति के लिए अनेकों आंदोलन हुए। कितने लोगों की जानें गई , किंतु कोई नतीजा सामने नहीं आया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी धारा 370 की समाप्ति के लिए लाल चौक पर झंडा लेकर पहुंच गए।

किंतु षड्यंत्र के तहत उनकी भी मृत्यु हो गई।

अनेक ऐसे क्रांतिकारी हुए जिन्होंने 370 को समाप्त करने के लिए संघर्ष किया। किंतु किसी प्रकार का राजनैतिक असर नहीं हुआ।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ बचपन से ही धारा 370 के विरोधी रहे।

उन्होंने काफी गहनता के साथ अध्ययन किया , तो पाया यह वास्तव में भारत की अखंडता को चुनौती देता है।

उन्होंने इसे दूर करने का निर्णय लिया और जनसंवाद किया।

कई आंदोलनों को प्रोत्साहित किया।

यही कारण है कि वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कड़ा निर्णय लेते हुए धारा 370 को जम्मू कश्मीर से अलग किया। साथ ही तिब्बत को भी जम्मू-कश्मीर से अलग राज्य का दर्जा दिया।

यह इसलिए किया गया ताकि उसका भी अन्य राज्यों की भांति विकास हो सके।

इससे पूर्व , तिब्बत का क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के अधीन था।

केंद्र सरकार द्वारा दिया गया विकास , शिक्षा , रोजगार आदि का सहायता , तिब्बत को कभी नहीं मिल पाता था।

जिसके कारण से वह कभी विकसित नहीं हो सका।

 

अनुछेद 35 A के प्रति विचार

35A भारतीय संविधान को चुनौती देने वाला अनुच्छेद है। यह जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग होते हुए भी विशेष संवैधानिक अधिकार देता है।

यह जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में 1954 को जोड़ा गया था।

इस अनुछेद को लागु करने के लिए संविधान के साथ अन्याय किया गया था।

इस आर्टिकल के तहत जम्मू-कश्मीर में भारतीय राज्य के अन्य निवासियों को कोई सुविधा नहीं दिया जाता। भारत के लोगों को विदेशी माना जाता है। वह जम्मू – कश्मीर के कभी नागरिक नहीं कहलाते। वहां के नागरिकों पर भी भारत के अन्य राज्यों के साथ रिश्ते रखने पर उनकी नागरिकता संकट में आ जाती थी।

भारत के अन्य राज्य के निवासी वहां जमीन , व्यवसाय आदि नहीं खोल सकते थे।

जम्मू-कश्मीर की नागरिकता भी चंद लोगों को मिली हुई थी।

इस आर्टिकल 35 A के विरोध में कितने ही आंदोलन और कोर्ट-कचहरी हुई।

किंतु कोई सरकार कड़े निर्णय नहीं ले सकी। सरकार भी इसे  अपना वोट बैंक मानती रही।

आजादी के बाद से ( 1954 ) इस अनुच्छेद ने जम्मू कश्मीर को भारत से अलग कर दिया था। जम्मू कश्मीर स्वयं अपने आपको एक देश मानने लग गया।

वह सभी संसाधन , धन-संपदा आदि भारत से लेते हुए भी अपने आपको अलग मानने लगा था।

जबकि जम्मू कश्मीर के राजा हरि सिंह ने कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत का अभिन्न अंग घोषित कर दिया था। पाकिस्तान और पड़ोसी मुल्कों के कारण जम्मू कश्मीर पर लंबे समय तक राजनीति होती रही। इसी का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर का काफी बड़ा भूभाग अपने कब्जे में ले लिया जो वर्तमान में पीओके POK नाम से जाना जाता है।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ इन सभी मक्कारों  से काफी आहत थे।

उन्होंने संदीप कुलकर्णी जो वि.द. सिटीजन के संस्थापक थे।

उनके साथ मिलकर इस अनुच्छेद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए।

मित्र संदीप कुलकर्णी का देहांत होने के उपरांत पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने इस केस की पैरवी की।

सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कह सकते हैं विजय की की प्राप्ति हुई।

क्योंकि 2019 में केंद्रीय सरकार भारतीय जनता पार्टी के रहते नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ।

अमित शाह ने बतौर भारत के गृह मंत्री धारा 370 और अनुच्छेद 35 A को समाप्त करने की घोषणा की।

 

यह भी पढ़ें

Follow us here

Follow us on Facebook

Subscribe us on YouTube

18 thoughts on “पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ सम्पूर्ण जीवनी । Pushpendra kulshrestha biodata”

  1. मैं पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का बहुत बड़ा फैन हूं आपने बहुत अच्छा किया इतना सुंदर लेख लिखकर उनके बारे में सारी जानकारी देकर।

    Reply
  2. जब से मैने पुष्पेनद्र जी को सुन‌ना शुरु किया मै उनके भाषणो से इतना प्रभावित हुया कि अब मै उनके सारे वीडियो देखता हूँ । उनके ओजस्वी भाषण के लिए अपनी संस्था “हिन्द रक्षक” की गोष्ठी मे आमंत्रित करना चाहता हूँ ।

    Reply
  3. पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जी महान देशभक्त हैं में उनके चरणों में सर झुकता हूं उन्हें salute करता हूं
    जय हिन्द जय भारत वन्दे मातरम्

    Reply
  4. आज इस देश को कुलश्रेष्ठ जी जैसे हजारों कुलश्रेष्ठ की जरूरत है। जय हिन्द जय भारत

    Reply
  5. I salute to Sri puspendra ji. He is my inspiration and I am a big fan of him. You have done a great job

    Reply
  6. पुष्पेंद्र जी एक प्रखर वक्ता हैं ओर उनके द्वारा हमारे देश ओर हिन्दू धर्म के सारांश की शानदार व्याख्या काबिले तारिफ़ है जो हमें आगे भी मार्गदर्शन करती रहेगी
    जय हिन्द जय श्रीराम

    Reply
  7. पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जैसा निर्भीक, निर्लिप्त, तथा निस्वार्थ ठोस सनातनी विचारधारा वाला राष्ट्रवादी स्पष्ट वक्ता आज समाज में कहीं दिखाई नहीं देता। हम सब को, विशेष तौर युवाओं को इन से प्रेरणा के कर अपने आपको सशक्त बनाते हुई जुट हो कर राष्ट्र हित में इस प्रकार कार्य करना चाहिए जिससे देश – समाज द्रोही ताकतें अपनी घटिया हरकतें करने की हिम्मत न कर सकें और ना कभी सिर उठा सकें।

    Reply
  8. Bharat per bahut sankat ki Baadal mandra rahey hi hum sabhi Daishwaseyo ko meel ker jes mesan per Puspendra kulsreysth je lagaey huai hi usko agay badhana hi. Bharat mata ki Jai ! SantanDharm ki Jai ho!

    Reply
  9. एक देशप्रेमी विचाराधारा के पक्षधर और देशवासियों को अपने इतिहास से रूबरू कराने की आपकी कोशिश ही हिन्दुस्तानियों को जाग्रत कर देती है ऐसी स्थिति में सच्चा देशभक्त दुबारा से निंद में जा ही नहीं सकता है. आपकी कोशिश को आजकल कई देशप्रेमी लोग मशाल जला कर लोगों को जगाने का काम करने लगे हैं उनमें से एक मैं भी छोटा सा व्यक्ति हूँ. ईश्वर आपको लम्बी एवं वांछित उम्र प्रदान करे और आपका हौंसला सदैव लोगों के लिए प्रेरणा प्रदान करता रहे यहि ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ .
    आपके इस आंदोलन /मुहिम का हर समय आपका समर्थन करता रहूंगा ऐसी मेरी शपथ है.

    Reply
  10. नमस्ते पुष्पेंद्रजी,
    आपकी भाषण श्रुंखला सुनने के बाद मुझे पता चला मैं पढालिखा होने के बावजुद देश के विरोध में इतनी बडी साजिश से अद्न्यानी था.
    आज जान पाया हुँ की नेता को चुनकर देने से हमारी जिम्मेदारी खत्म नही हो जाती
    लेकिन मुझे अब डर ऐसा लगता है की वो फिर से सो ना जाये.
    वाकई आज आप के भाषणों के मुद्दोंपर काम करने वाली सरकार बननीही चाहीये.
    हम सब आपके साथ है.
    जय श्रीराम 🙏

    Reply
  11. Namaste.
    Suggestions for the party who think for Hindustan…
    A way BJP select foreign affairs minister Mr. Subramanium Jaishankar
    To give his best service & knowledge to nation
    he is doing well… You are Also an individual institute you can give your best to the nation, without any position you doing well it will be amaze if you have power…
    Party has the power to do so…
    I hope i can see you in your actul post…. Bhagavan apko lambi umar pradan kare…

    Reply
  12. बेहतरीन पुष्पेंद्र सर जी आप मेरे आदर्श हैं बाकियों का पता नहीं हर हर महादेव

    Reply

Leave a Comment