गुरु दक्षिणा हेतु अमृत वचन।RSS IN HINDI | राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ।

गुरु दक्षिणा हेतु अमृत वचन

 

 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा ” जिस राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर वेदकाल से आज तक हम स्फूर्ति पाते रहे ,जिसमे सदियों के उत्थान – पतन के रोमांचकारी क्षणो की गाथाएँ गुम्फित है , जिसमे त्यागी , तपस्वी , पराकर्मी ,दिग्विजयी ,ज्ञानी ,ऋषि -मुनि ,सम्राट ,सेनापति ,कवी ,साहित्यकार ,सन्यासी ,और असंख्य ,कर्मयोगी ,के चरित्रों ,का स्मरण अंकित है ,जहाँ दार्शनिक उपलब्धियों के साथ जीवन होम करने के असंख्य उदाहरण हमारे स्मृति पटल पर नाच उठते है ,यह परम पवित्र भगवाध्वज ही हमारी अखंड राष्ट्रिय परम्परा का प्रतिक बनकर हमारे सामने उपस्थित होता है।”

RSS गुरु दक्षिणा हेतु अमृत वचन

विद्या ददाति विनयम

कलयुग में शक्ति का एक मात्र साधन ‘संघ ‘ है। अर्थात जो लोग एकजुट होकर संघ रूप में रहते हैं , संगठित रहते हैं उनमें ही शक्ति है।

साथियों संघ के गीत का यह माला तैयार किया गया है , जो संघ के कार्यक्रम में ‘ एकल गीत ‘ व ‘ गण गीत ‘ के रूप में गाया जाता है। समय पर आपको इस माला के जरिए गीत शीघ्र अतिशीघ्र मिल जाए ऐसा हमारा प्रयास है। आप की सुविधा को ध्यान में रखकर हमने इसका मोबाइल ऐप भी तैयार किया है जिस पर आप आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

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1 thought on “गुरु दक्षिणा हेतु अमृत वचन।RSS IN HINDI | राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ।”

  1. RSS is one of the oldest organization, it is motivating all citizen of Hindustan/Bharat for nationalism, patriotism and strengthening cultural, educational and religious values of human being.

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