काव्य का स्वरूप एवं भेद। महाकाव्य। खंडकाव्य। मुक्तक काव्य।mahakavya | khandkaawya |

kavya ka swrup or bhed   भाषा के माध्यम से जीवन की मार्मिक अनुभूतियों की कलात्मक अभिव्यक्ति को साहित्य कहा जाता है। साहित्य को मनोवेगों की सृष्टि भी माना जाता है। उसमें सहीतत्व: अर्थात सहिस्तस्य भवः साहित्यम ; का समावेश होता है।सामान्यत: यह अभिव्यंजना हमें गद्य और पद्य दोनों रूपों में मिलती है। पद्य को …

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