गोदान की मूल समस्या – गोदान एक नज़र में | godan notes in hindi |

“धनी को अपने धन का मद रहता है , अहंकार रहता है, परंतु गरीब की झोपड़ी में, मद और अहंकार के लिए स्थान नहीं रहता। ……………….प्रेमचंद ” मनुष्य जितना छोटा होता है उसका अहंकार उतना ही बड़ा होता है। …………………वाल्टेयर – प्रारम्भिक युग में स्वयं प्रेमचंद आदर्शवाद तथा सुधारवाद से कितने प्रभावित थे। इसके प्रभाव …

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