शिवाजी को नहीं कैद कर पाई ओरंगजेब सलांखे। वीर शिवजी का अदभुत साहस ।

शिवाजी को नहीं कैद कर पाई ओरंगजेब सलांखे 17 अगस्त 1666। “शिवाजी गायब! उसे धरती लील गई या आकाश?” औरंगजेब ने अपना माथा पीट लिया, “एक महा भयंकर वैरी अपने पैरों चलकर आया, पिंजरे में फंसा और गायब हो गया।” 20 नवम्बर 1666। शिवाजी रायगढ़ पहुंचे। औरंगजेब को पत्र लिखा, उसकी अनुमति के बिना आगरा से चले आने पर खेद व्यक्त …

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