Short Hindi stories for kids
Hindi stories for all

9 Short Hindi stories for kids with morals

We are writing today 9 hindi stories for kids , students and children. Hope you will love our work and share it with fellow mates too. We have written lots and lots of hindi stories in our website , you can also check those out in our category tab. यह कहानियां हिंदी में लिखी गयी हैं छोटे छोटे बच्चों के लिए | शब्दों का चुनाव छोटे बच्चों के समझ के अनुसार किया गया है |

Hindi stories for kids

These are short and interesting hindi stories for kids , read and have fun.

1. बिल्लियों की दावत ( Stories for children )

दूर एक गांव में कुछ मोटी बिल्लियां रहती थी। उसी गांव में कुछ चूहे भी रहते थे। आपको क्या लगता है वे आपस में दोस्त थे ?

एक दिन मोटी बिल्लियों ने दावत करने की सोची।

उन्होंने हलवाई को बुलाया , उसने बड़ी सी आग जलाई और भात , पैठा  और कई पकवान पकाए।

बड़े बड़े बर्तनों में से अच्छी खुशबू सब जगह फैल गई।

सबके मुंह में पानी आ गया , अब मोटी बिल्ली ने चूहों को भी दावत में बुलाया।

चूहे खुशबू सूंघ ही रहे थे , इसलिए वे बड़े खुश हुए , उन्होंने अपने मुखिया से दावत में जाने की अनुमति मांगी।

उनके होशियार मुखिया ने कहा तुम जा सकते हो , पर याद रखना की बिल्लियां हमारी दुश्मन है , उनके आस-पास सावधान रहना , किसी को चोट नहीं आने चाहिए।

पहले वहां अपने नीचे एक बिल खोद लेना अगर कुछ गड़बड़ हो तो उस राह से भाग निकलना।

 

चूहे दावत में गए , उन्होंने इधर – उधर देखा और थोड़ा पेठा खाया , चुपचाप से अपने नीचे बिल भी बनाते रहे। संगीत बज रहा था और बिल्ली और चूहे मिलकर नाच रहे थे।

डम – डम बज रहा ढोल और पी- पी बज रही तुरी नाचो – गाओ पकड़ो – खाओ।

मोटी बिल्ली ने गाया , चूहों को इसका मतलब पता था नाचो – गाओ -भाग -जाओ उनका जवाब था।

 

गाते गाते वह अपने बिलों के रास्ते से भाग निकले।

 

मोटी बिल्लियों को हार माननी पड़ी , भूखी और परेशान भी चली गई क्योंकि बिना स्वादिष्ट चूहों के भला दावत कैसी।

Hindi stories for kids – billiyon ki daavat ends here. Lets move to another interesting story below.

Short Hindi stories for kids
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2. अभी नहीं अभी नहीं

राहुल ने दादी से पूछा क्या मैं कुछ लड्डू खा लूं ? अभी नहीं बेटा कल खा लेना।  राहुल ने मम्मी से पूछा क्या मैं यह नए कपड़े पहन लूं ? अभी नहीं बेटा कल पहन लेना।

मैं कल तक रुकना नहीं चाहता , उसने पापा से पूछा क्या मैं उस सुंदर से डिब्बे को खोल लूं ? नहीं नहीं तुम्हें थोड़ा रुकना पड़ेगा।

लेकिन मैं रुकना नहीं चाहता , बड़े हमेशा क्यों कहते हैं अभी नहीं , अभी नहीं ?

उस रात राहुल गुस्से में सो गया अगले दिन

दादी ने कहा तुम यह लड्डू खा सकते हो !

मम्मी ने कहा अब तुम यह कपड़े पहन सकते हो !

पापा ने कहा तुम यह डिब्बा खोल सकते हो !

सभी एक साथ बोले राहुल जन्मदिन बहुत-बहुत मुबारक हो।

 

3. सब उस बिल्ली की गलती है ( Best hindi stories for kids )

कक्षा में मैडम ने टूलटूल से पूछा ! तुमने अपना होमवर्क क्यों नहीं किया ?

मिस – सब उस बिल्ली की गलती है। अगर वह उस पेड़ पर नहीं फसी होती , तो मुझे चढ़ने के लिए सीढ़ी की जरूरत नहीं पड़ती। सीडी की मरम्मत की जरूरत भी नहीं पड़ती।  मैं मरम्मत नहीं करता तो छोटी जगती नहीं।  छोटी अगर जगती नहीं होती तो मां रसोई से बाहर भागी ना होती।

मां बाहर ना नहीं भागी होती , तो बंदर घर के अंदर घुसा ना होता। नहीं बंदर ने सारा खाना खाया होता। अगर बंदर ने सारा खाना ना खाया होता तो मेरे पिताजी दुकान से मुर्गी के गोश्त का सालन और रोटियां नहीं लाए होते।

अगर पिताजी ने दुकान से मुर्गी के गोश्त का सालन और रोटियां नहीं लाए होते तो , कुत्ता उनके पीछे – पीछे घर तक नहीं आया होता। अगर कुत्ता उनके पीछे – पीछे घर नहीं आया होता तो कुत्ते ने होमवर्क नहीं खाया होता।

तो तुम यह कह रहे हो कि कुत्ते ने तुम्हारा होमवर्क खा लिया ?

जी मिस सब उस बिल्ली की गलती है।

 

4. आज बहुत ठंड है ( Short hindi stories for kids )

सुबह बहुत ठंड थी। घना कोहरा भी था। छुट्टी के बाद स्कूल खुलने वाला था।

चुलबुल अभी भी सोना चाहती थी , उसका उठने का मन नहीं कर रहा था। मां ने आवाज भी नहीं लगाई।

पता नहीं माँ ने क्यों नहीं जगाया। चुलबुल ने सोचा लगता है माँ भूल गई है।

कुछ देर और सो लिया जाए , थोड़ी देर बाद चुनमुन को लगा कि अब तो देर हो ही जाएगी।

खुद ही उठ जाना चाहिए , आंख मलते हुए चुनमुन मां के पास दूसरे कमरे में पहुंची।

उसने बड़ी मासूमियत से मां से पूछा आज आपने जगाया क्यों नहीं ? माँ  ने प्यार से सिर पर हाथ फेरते हुए कहा। 2 दिन छुट्टी पड़ गई है , फिर क्या था चुनमुन दुबक गई फिर से रजाई में।

 

5. चांद का तोहफा ( Hindi stories for kids )

हम सब दशहरे का मेला देखने गए , पापा ने चिंटू के लिए खूबसूरत चश्मा खरीदा। मेरे लिए एक चमकती नीली टोपी खरीदी।

घर जाते समय जोर से हवा चली , वह मेरी टोपी उड़ा ले गई। टोपी पुराने पीपल की डाल पर लटक गई। मैं खूब रोया ! मैंने उस रात का खाना भी नहीं खाया।

देर रात में चांद निकला , उसने मेरी टोपी पहन रखी थी। वह खुशी से मुस्कुराया , मैं भी मुस्कुराया ! अगले दिन मां ने मुझे एक नई टोपी दिला दी , उस रात चांद और मैंने अपनी – अपनी टोपिया पहने ! और मुस्कुराए , हम खुश थे।

आपका क्या ख्याल है ? क्या सूरज की टोपी की जरूरत है ?

 

 

6. सूरज और शेर सिंह ( Very short hindi stories for kids )

सूरज के पास एक गेंद है। वह गेंद शेर के जैसी दिखती है।

वह उसे शेर सिंह बुलाता है। एक दिन सूरज और शेर सिंह खेल रहे थे , तभी शेर सिंह हवा में उछाला , फिर सीधे पानी में गिर गया।

छपाक ! वह कुत्ते ने , शेर सिंह को मुंह में दबोच लिया। शेर सिंह ने अपने दोनों हाथों से कुत्ते का मुंह खोला और बाहर कूद गया।

वह एक फिसल पट्टी पर जा गिरा , वहा  जो से नीचे फिसल गया , उसके पीछे एक मोटा लड़का भी फिसल रहा था , धम्म ! मोटा लड़का शेर सिंह पर आ गिरा। शेर सिंह पिचक गया , शेर सिंह ने मोटू को चुटकी काटी , फिर शेर सिंह एक सुरंग में जा गिरा।

वहां वह गोल – गोल घुमा , सुरंग से बाहर निकलते ही उसे सूरज मिल गया। सूरज ने शेर सिंह को गोद में उठा लिया।

 

7. भीमा गधा ( Hindi story for kids )

आज फिर भीमा को अपने मालिक की डांट पड़ी। उसकी आंख आज भी नहीं खुली थी , इसलिए भीमा गधा बहुत उदास था।

पड़ोस की गाय गोरी ने पूछा , भीमा तुम उदास क्यों हो ? भीमा ने बताया मेरी नींद नहीं खुलती !

गोरी ने समझाया कोई बात नहीं मैं तुझे उठा दूंगी , दूसरे दिन गोरी रंभाती रही पर भीमा नहीं जागा।

भीमा चीनू मुर्गे से मिला , भीमा बोला तुम्हारी  आवाज से तो सुबह भी जाग जाते हैं , तुम मुझे भी जगा देना। चीनू बोला ठीक है , अगली सुबह चीनू कुकड़ू कू कुकड़ू कु बांग लगाता रहा , मगर भीमा पर कोई असर नहीं हुआ।

भीमा ने कल्लू कौवे को कांव – कांव  करते देखा उसने , कौवे से भी यही कहा , अगले दिन जगा देना। कालू अगले दिन कांव-कांव करता रहा , पर भीमा नहीं जागा।

भीमा निराश हो गया , अगले दिन सुबह – सुबह एक मक्खी उसकी नाक पर जा बैठी , छींक आते ही बीमा की नींद खुल गई।

 

8. नकलची मुम्मु ( Small stories for children )

एक थी मुम्मु , वह जब भी किसी को कुछ करते देखती , खुद भी वही करने लगती।

एक दिन वह तालाब पर गई , वहां एक लड़की नाव चला रही थी , तालाब के किनारे कुछ बच्चे खेल रहे थे।

तभी उसकी नजर दो बत्तखों पर पड़ी , वह दोनों तालाब में तैर रही थी।

बच्चों की मां किनारे पर टहल रही थी , मुम्मु उन्हें गौर से देखने लगी।

उन्हें देखकर उसका भी मन तैरने को किया , मुम्मु ने बच्चों की  मां से पूछा मैं भी पानी में तैर सकती हूं ?

बत्तख की मां ने – कहा तुम्हें तैरना आता हो तो , तैर सकती हो !

मुम्मु झट से दौड़कर  पानी में कूद गई , उसे तैरना नहीं आता था।

वह पानी में डूबने लगी , वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी ,बचाओ – बचाओ !

बत्तख की मां पानी में गई , वह मुम्मु को बचा कर बाहर ले आई।

मुम्मु अब किसी की नकल नहीं करती।

9. बंटी – बबली

बंटी को तितलियों के साथ खेलना अच्छा लगता है। वह चिड़ियों के साथ भी खेलती है। उसे कागज की नाव बनाना अच्छा लगता है। उसे रेत के किले बनाने में मजा आता है।

खेलने के बाद में बंटी को मां हाथ धोने के लिए कहती है। बंटी उनकी बात नहीं मानती , उसे साबुन अच्छा नहीं लगता।

एक रात उसने सपना देखा , उसके रेत के किले को कीड़ों और कीटाणु ने घेर लिया। सबने किले पर हमला कर दिया।

कीटाणु बंटी के पीछे पड़ गए , वह जान बचाने के लिए भागी और चिल्लाई – बचाओ – बचाओ !

तभी साबुन राजा अपनी झाग की सेना लेकर वहां पहुंच जाते हैं। वह अपनी सेना के साथ कीटाणुओं पर हमला बोल देते हैं।

झाग सेना  झट से कीटाणुओं को सफाया कर देती है।

आजकल बंटी को नहाने में मजा आता है , वह दांत साफ करती है और मल मल कर नहाती है।

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