Hindi prashna patra with solution for class 11

Hindi Question paper and Hindi prashna patra with solution for class 11. – प्रस्तुत प्रश्न पत्र कक्षा ग्यारहवीं के पाठ्यक्रम का है। यहाँ  प्रश्न पत्र हल सहित लिखा गया है , जो विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी है। परीक्षा में अंक इन्हीं बिंदुओं के आधार पर विभाजन किया जाता है। इस प्रश्न पत्र को पढ़कर छात्र विस्तारपूर्वक प्रश्न को लिख सकते हैं।
दिए गए प्रश्न पत्र में , सभी प्रश्नों के उत्तर लिखने के प्रयास किए गए हैं। किंतु बड़े उत्तर को संक्षेप और बिंदुवार समझाया गया है।  विद्यार्थी अपनी समझ और बुद्धि कौशल के आधार पर इन सभी उत्तर को विस्तार पूर्वक परीक्षा में लिखेंगे –

Hindi Question paper with solution for class 11

विषय – हिन्दी ( ऐच्छिक ) 

कक्षा – ग्यारहवीं

निर्धारित समय 3 घंटा                                                                                                                अधिकतम अंक 75

सामान्य निर्देश –
1 सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
2 सभी प्रश्नों के अंक उसके सामने दिए गए हैं।
3 विद्यार्थी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर दें।
4 प्रश्नों के सभी उपभागों के उत्तर क्रम अनुसार दें

 

खंड ‘क’

प्रशन 1 निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –              9 marks

रास्तों पर बिखरी और हवा के साथ उड़ती प्लास्टिक की थैलियां आप रोज देखते होंगे। इनकी वजह से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में भी अक्सर सुनते पढ़ते होंगे। शुरू में प्लास्टिक की थैलियां इतनी सुविधाजनक और किफायती लगी थी , कि इनका इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ गया। मगर इसमें मौजूद हानिकारक तत्वों ने मनुष्य , पशु और जलीय जीव – जंतुओं की सेहत पर बुरा असर डालना शुरू किया , तो इसका विरोध होने लगा।

वैज्ञानिक अनुसंधान और शोध से पुष्ट होता है कि इन थैलियों से पर्यावरण को पहुंचने वाला खतरा भयावह है। अगर समय रहते इन पर रोक नहीं लगाई गई तो नतीजे भयानक होंगे। आज बहुत सारे देश उनके उत्पादन और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा चुके हैं। हमारे देश में भी कुछ राज्यों ने इन प्लास्टिक की थैलियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली भी उन्हीं राज्यों में से एक है , मगर इस सब के बावजूद इनका प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है।

महीन प्लास्टिक की थैलियों को बनने में एक खतरनाक रसायन – डाई का उपयोग होता है , जो हवा के साथ घुल कर पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचाता ही है उसमें रखे खाद्य पदार्थ भी दूषित हो जाते हैं। यह ना तो आसानी से गलती है , ना स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए बगैर उन्हें किसी भी तरह नष्ट करना संभव है। इसलिए इनकी वजह से पर्यावरण और सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोकने का प्रयोग आसान तरीका है प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग बंद कर देना।

( क ) लोग प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल क्यों करते हैं ?

उत्तर सुविधाजनक और किफायती होने के कारण

( ख ) प्लास्टिक की थैलियों का विरोध क्यों होने लगा ?
उत्तर – थैलियों में मौजूद तत्व से मनुष्य,पशुओं और जीव जंतुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के कारण।

( ग ) प्लास्टिक की थैलियों के अत्यधिक प्रयोग के क्या नतीजे हो सकते हैं ?
उत्तर प्लास्टिक की थैलियों का अत्यधिक प्रयोग पर्यावरण को भयावह नुकसान पहुंचा सकता है।

( घ ) प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली में इनका धड़ल्ले से उपयोग क्यों हो रहा है ?
उत्तर – सरकार एवं जनता की इच्छा शक्ति की कमी के कारण तथा जागरूकता ना होने के कारण।

( ड ) प्लास्टिक थैलियों के बनाने में प्रयुक्त खतरनाक रसायन डाई के इस्तेमाल से क्या हानियां हैं ?
उत्तर – यह हवा में भूलकर पर्यावरण को प्रदूषित करता है इसमें रखे खाद्य पदार्थ भी प्रदूषित हो जाते हैं।

( च ) प्लास्टिक की थैलियों से पर्यावरण और सेहत पर पड़ने वाले प्रभावों को कैसे रोका जा सकता है ?
उत्तर – इन थैलियों का उपयोग बंद करके

( छ ) शब्दों में उपसर्ग बताइए –

प्रदूषित  , अनुसंधान

उत्तर – प्र + दूषित

अनु + संधान

( ज ) शब्दों का संधि विच्छेद कीजिए
पर्यावरण , दुष्प्रभाव

उत्तर  – परि + आवरण
दूष + प्रभाव

( झ ) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए
उत्तर – प्लास्टिक की थैलियों के दुष्परिणाम , पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक की थैलियां या अन्य उपयुक्त शिक्षक विद्यार्थी स्वयं लिख सकते हैं।

 

प्रश्न 2 निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए                                    5

अपना देश सवारे हम
अपनी इस पावन धरती का , आओ रूप निखारे हम।
अपना देश सवारे हम।

नए सृजन के संवाहक हम
प्रगति पंथ के राही हैं
हम प्रतिबद्ध पहरुए युग के
हम सन्नद्ध सिपाही हैं
जो भी मिले चुनौती , उत्तर दें , उसको स्वीकारें हम।
अपना देश सवारे हम।

कर्म हमारे बने कुदाली कर्म हलों के फाल बनें
कर्म बने तलवार शत्रु को कर्म देश की ढाल बने
नए भगीरथ बन , वैचारिक गंगा नई उतारे हम
अपना देश सवारे हम।

हमें देश की रक्षा करनी है
प्रतिकूल हवाओं से
हमको है घर – द्वार सजाने
नई – नई आशाओं से
अंधकार से जूझ देश की गली – गली उजियारे हम
अपना देश सवारे हम।

 

( क ) नए भगीरथ और वैचारिक गंगा का क्या अभिप्राय है स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर – ‘ नई पीढ़ी ‘ को नए भगीरथ कहा गया है , जिस प्रकार भगीरथ कठोर तपस्या कर गंगा को धरती पर लाया थे उसी प्रकार आज के युवकों को देश के विकास के लिए कठोर परिश्रम करना होगा।
‘ वैचारिक गंगा ‘ से अभिप्राय अच्छे विचारों का प्रवाह

(ख ) देश को संवारने के लिए वैचारिक गंगा की जरूरत क्यों है ?
उत्तर – देश और समाज का विकास में विचारों से होता है। देश को सुंदर , संपन्न और सफल बनाने के लिए वैचारिक क्रांति की आवश्यकता होती है।

(ग ) आज देश के सामने कौन-कौन से प्रतिकूल परिस्थितियां है ?
उत्तर – विदेशी शक्तियां , गरीब , अशिक्षा , संप्रदायिकता तथा सामाजिक बुराइयां आदि अनेक प्रतिकूल परिस्थितियां है।

( घ ) कवि ने समस्याओं का समाधान क्या बताया है ?
उत्तर – कवि के अनुसार हम सबके द्वारा किया जाने वाला परिश्रमी इन समस्याओं का समाधान है।

( ड ) कर्म को कुदाली और हलो को फाल बनाने की बात क्यों कही गई है ?
उत्तर – इनके माध्यम से खुद परिश्रम करने की बात कही गई है , ताकि देश तथा समाज की उन्नति हो सके।

 

खंड ‘ ख ‘

प्रशन 3 सैकड़ों यात्री किसी प्लेटफार्म पर रेलगाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अचानक उद्घोषणा में बताया गया कि वह गाड़ी किसी अन्य प्लेटफार्म पर आ रही है , उसके बाद के घटनाक्रम का लगभग 150 शब्दों में दृश्य वर्णन कीजिए।                     5 marks

अथवा

विद्यालय में आयोजित मेगा पी.टी.एम ( PTM ) के दौरान अपनी कक्षा का दृश्य लगभग 150 शब्दों में लिखिए। 

 

 

प्रशन 4 अपने नगर के जल विभाग के अधिकारी को पत्र लिखकर सूचित कीजिए कि आजकल समय से जलापूर्ति नहीं हो रही है जो जल भेजा जा रहा है वह भी कीटाणुओं से युक्त होता है। लगभग 150  शब्दों में                                                                             5 

उत्तर – यहाँ क्लिक करके देख सकते है 

अथवा

किसी प्रमुख समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखकर गांव में चिकित्सा सुविधा के अभाव का उल्लेख कीजिए और कुछ गांवों के बीच विशेष चिकित्सा सुविधाओं वाले अस्पताल खोलने का सुझाव दीजिए। लगभग 150 शब्दों में

उत्तर – यहाँ क्लिक करके देख सकते है 

 

प्रशन 5 निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए –                                              4 marks

( क )भारत का पहला समाचार वाचक किसे माना जाता है ?
उत्तर – देव ऋषि नारद को

( ख ) टेलीविजन जनसंचार का कैसा माध्यम है ?
उत्तर – दृश्य – श्रव्य माध्यम

( ग ) फोटो पत्रकारिता का क्या महत्व है ?
उत्तर – जो बात हजार शब्द स्पष्ट नहीं कर सकते , उसे एक फोटो स्पष्ट कर देती है।

यह बहुत प्रभावशाली माध्यम है।

( घ ) पत्रकार की बैसाखियाँ किन्हे माना जाता है ?
उत्तर – सच्चाई , संतुलन , निष्पक्षता , स्पष्टता इन मूल्यों को पत्रकार बैसाखियाँ कहा जाता है।

 

 

प्रशन 6  शब्दकोश से शब्द के विषय में क्या-क्या जानकारियां मिलती है ?                                                                    3

अथवा

निम्नलिखित शब्दों को शब्दकोश क्रम में लिखिए –
जिज्ञासु , अंक , परिक्रम , उद्योग , हिमाश्र्या , हृदयंगम

उत्तर – अंक , उद्योग , जिज्ञासु , परिक्रम , हृदयंगम , हिमाश्र्या

 

 

खंड ‘ ग ‘

 

प्रशन 7 निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों में कीजिए –                                                      6 

झहरि झहरि झीनी बूँद है परति मानों,
घहरि घहरि घटा घेरी है गगन में।
आनि कह्यो स्याम मो सौं ‘चलौ झूलिबे को आज’
फूली न समानी भई ऎसी हौं मगन मैं॥
चाहत उठयोई उठि गई सो निगोड़ी नींद,
सोय गये भाग मेरे जानि वा जगन में।
आँख खोलि देखौं तौं न घन हैं, न घनश्याम,
वेई छाई बूँदैं मेरे आँसु ह्वै दृगन में॥

उत्तर – झहरि झहरि   ……………………………………………..  दृगन में

संदर्भ – कवि – देव , कविता – सपना

प्रसंग –

  • गोपी की स्वप्नावस्था का चित्रण।
  • सावन मास में वर्षा की रिमझिम के मध्य कृष्ण का आगमन व गोपियों के संग झूला झूले ने का आग्रह
  • स्वप्न भंग की स्थिति

व्याख्या –

  • गोपी की स्वप्नावस्था
  • वर्षा का मनमोहक वातावरण
  • स्वप्न के मध्य कृष्ण द्वारा गोपी को झूला झुलाने का प्रस्ताव
  • उठने के प्रयास में गोपी का स्वप्न भंग
  • स्वप्न भंग होते ही कृष्ण मिलन के सुख का गायब होना गोपी की आंखों में आंसू भर आना

विशेष –

  • कोमलकांत पदावली युक्त ब्रजभाषा
  • श्रृंगार के संयोग , वियोग दोनों पक्षों का चित्रण
  • कवित्त , छंद , गेयता , चित्रात्मक , तुकांता
  • पुनरुक्ति प्रकाश , झहरि झहरि , बहरि बहरि में
  • अनुप्रास अलंकार निगोड़ी नींद , झहरि झहरि झीनी।
  • ‘ फूला न समाना ‘ मुहावरे का प्रयोग

 

अथवा

खेलत मैं को काको गुसैयाँ ।
हरि हारे जीते श्रीदामा, बरबसहीं कत करत रिसैयाँ ॥
जात-पाँति हम ते बड़ नाहीं, नाहीं बसत तुम्हारी छैयाँ ।
अति धिकार जनावत यातैं, जातैं अधिक तुम्हारैं गैयाँ !
रुहठि करै तासौं को खेलै, रहे बैठि जहँ-तहँ सब ग्वैयाँ ॥
सूरदास प्रभु खेल्यौइ चाहत, दाउँ दियौ करि नंद-दहैयाँ ॥

उत्तर –
संदर्भ  – कवि  –  सूरदास  ,   कविता – पद

प्रसंग –

  • खेल में श्री कृष्ण द्वारा हार जाने पर भी अपनी हार स्वीकार न करना
  • कृष्ण का हार स्वीकार न करना
  • साथियों द्वारा खेल में बड़ा छोटा ना होने की बात कहना
  • कृष्ण द्वारा अधिकार जताने पर साथियों का विरोध
  • रूठने वाले साथी के साथ ना खेलने की बात कहना
  • कृष्ण के मन में पुनः खेलने की चाह अतः नंद बाबा की दुहाई देकर दांव लगाना।

विशेष –

  • बृज भाषा का प्रयोग , माधुर्य गुण , गेयता , तुकात्मक्ता ,
  • बाल मनोविज्ञान का स्वभाविक चित्रण
  • वात्सल्य रस
  • अनुप्रास अलंकार – को काको , हरी हारे।

 

प्रश्न 8 निम्नलिखित में से किन्ही 2 प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक 30 40 शब्दों में दीजिए            4 

( क ) सूरदास जी द्वारा कृष्ण के अधरों की तुलना सेज से क्यों की गई है ?
उत्तर – बांसुरी के सातों छिद्रों पर इधर-उधर आती-जाती उंगलियों के द्वारा ऐसा एहसास कराना मानो वे श्रीकृष्ण के होठ रूपी शैया पर लेटी बांसुरी की सेवा में संलग्न हो।

( ख ) संध्या के बाद कविता के आधार पर लाला के मन में उठने वाली दुविधा का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए –
उत्तर – छोटी एवं संकुचित दुकान देखकर लाला द्वारा स्वयं को अपमानित वह दुखी महसूस करना।
संकुचित आय , सुख का अभाव,  परिवार के मूलभूत जरूरतों की भी पूर्ति ना होना , आदि ( उदाहरण के माध्यम से विस्तार से लिखें )

( ग ) कबीर को निभाने और नींद ना आने का क्या कारण है ?
उत्तर – परमात्मा के सानिध्य का ना मिलना
विभोग अवस्था में हृदय की व्याकुलता के कारण।

 

प्रश्न 9 निम्नलिखित में से किन्ही दो काव्यांशों का काव्य सौंदर्य प्रत्येक 40 – 50 शब्दों में स्पष्ट कीजिए –  6

( )

हौं तो स्याम – रंग में चुराई चित चोरी ,

बोरत तौं बोरयौ पर निचोरत बनै नहीं। ।

 

उत्तर – 

भाव सौंदर्य –

  • कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम का भाव
  • कृष्ण के प्रेम में सराबोर रहने की चाह
  • वस्त्र निचोड़ने पर कृष्ण प्रेम से अलग होने की अनुभूति

शिल्प सौंदर्य –

  • ब्रजभाषा , कोमलकांत , पदावली , माधुर्य गुण
  • काव्य में प्रवाह और चित्रात्मकता
  • श्याम रंग में श्लेष अलंकार
  • अनुप्रास अलंकार

 

( ख )

स्वर्ण चूर्ण – सी उड़ती गोरज
किरणों की बादल – सी जलकर
सनन तीर – सा जाता नभ मे ,
ज्योतित पंखों कंठों का स्वर। 

उत्तर – 

भाव सौंदर्य –

  • सूर्यास्त के समय ग्रामीण परिवेश का चित्रण
  • चरगाहों  से लौटते पशुओं के पैरों की धूल का सोने के चूर्ण की तरह उड़ना
  • धूल के कारण सूर्य की किरणों का बादल की तरह दिखना
  • पक्षियों के चमकते पंखों और कंठ स्वर का आकाश में तीर की तरह जाना

शिल्प सौंदर्य –

  • संध्याकालीन ग्रामीण परिवेश का सजीव चित्रांकन
  • भाषा सरल , सहज एवं प्रभावशाली
  • तत्सम शब्दावली का प्रयोग
  • उपमा अलंकार स्वर्ण चूर्ण – सी , बादल – सी , तीर – सा

 

( ग )

हिंदुन की हिन्दुवाई देखी तुरकन की तुरकाई। 
कहै कबीर सुनो भाई साधो कौन राह हवै जाई। । 

उत्तर – 

भाव सौंदर्य –

  • कबीर द्वारा हिंदुओं और मुसलमानों के द्वारा किए जाने वाले आडंबरों पर व्यंग्य  किया है
  • कबीर की दृष्टि में दोनों की धार्मिक राह व्यर्थ जो मानव ने अपने सहूलियत के लिए बनाया है।

शिल्प सौंदर्य –

  • तत्सम शब्दावली का सटीक एवं भावानुकूल प्रयोग
  • लाक्षणिक प्रयोग
  • प्रतीकात्मकता
  • शांत रस , छंद – पद

 

प्रश्न 10 निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या डेढ़ सौ शब्दों में कीजिए –     5 

बुढ़िया का क्रोध तुरंत स्नेह में बदल गया , और स्नेह भी वह नहीं जो प्रगल्भ होता है और अपनी सारी कसक शब्दों में बिखेर देता है। यह मुक स्नेह था , खूब ठोस , रस और स्वाद से भरा हुआ। 

उत्तर –

संदर्भ  – पाठ   –  ईदगाह                   लेखक  –  प्रेमचंद

प्रसंग –

  • बूढ़ी अमीना का चिमटा देखकर क्रोधित होना।
  • हामिद का जवाब सुनकर की ” रोटी सेंकते समय तुम्हारी उंगलियां तवे से जल जाती थी। ” इसलिए चिमटा लाया अमीना का हृदय में स्नेह का अवर्णनीय स्रोत फूटना।

व्याख्या –

  • हामिद का जवाब सुनकर अमीना का हृदय मोम की तरह पिघल जाना।
  • स्वाभाविक स्नेह का स्रोत फूटना
  • शब्दों से परे अवर्णनीय स्नेह का अनुभव

विशेष –

  • सरल , सहज , प्रवाह पूर्ण एवं प्रभावी भाषा
  • वात्सल्य रस से भरी हुई ममतामई दादी की मनोदशा का सजीव चित्रण।

 

अथवा

और यह गूंगे ………………अनेक – अनेक हो संसार में भिन्न-भिन्न रूपों में छा गए हैं  जो कहना चाहते हैं , पर कह नहीं पाते। जिनके हृदय की प्रतिहिंसा न्याय और अन्याय को परखकर भी अत्याचार को चुनौती नहीं दे सकती क्योंकि बोलने के लिए स्वर होकर भी स्वर में अर्थ नहीं है ………….. क्योंकि वह असमर्थ है। 

 

उत्तर –

संदर्भ    – पाठ –  गूंगे            ,  लेखक – रांगेय राघव

प्रसंग –

  • लेखक द्वारा मुख बधिर बालक की मनोदशा का वर्णन करते हुए उसकी व्यथा , शोषण तथा आक्रोश का वर्णन।

व्याख्या –

  • सड़क पर लड़कों द्वारा गूंगे का सिर फोड़ने पर गूंगे की चित्कार
  • किसी के द्वारा इस अन्याय पर प्रतिक्रिया व्यक्त ना करना
  • आज के मानव के गूंगे पन पर व्यंग की वह सामाजिक अन्याय को देखकर भी आवाज नहीं उठाता
  • न्याय – अन्याय में भेद करके भी अन्याय का विरोध ना करना।

विशेष –

  • सरल एवं सुबोध भाषा शैली
  • समाज की मानसिकता पर सटीक व्यंगय

 

 

प्रश्न 11 निम्नलिखित में से किन्ही 2 प्रश्नों के उत्तर लगभग 50 शब्दों में दीजिए –                  6 marks

( क ) ज्योतिबा फुले व सावित्रीबाई का दांपत्य जीवन किस प्रकार आधुनिक दंपतियों को प्रेरणा प्रदान करता है ?
उत्तर –

  • एक – दूसरे के प्रति समर्पण का भाव
  • एक – दूसरे की भावनाओं को समझना उनका सम्मान करना
  • अच्छे कार्यों में परिवार व समाज का विरोध सहकर भी , कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करना
  • आजीवन एक – दूसरे को सहयोग देना साथ निभाना आदि।

( ख ) राम चंद्र मोहन और मुंशी जी खाते समय रोटी ना लेने के लिए बहाने करते हैं , उसमें कैसी विवशता है ? ‘ दोपहर का भोजन ‘ कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए  –
उत्तर –

  • राम चंद्र मोहन और मुंशी जी द्वारा दो – दो रोटी खाकर तृप्त हो जाने का अभिनय / नाटक करना
  • गरीबी से उत्पन्न बदहाली को समझना
  • घर में इससे अधिक रोटी नहीं है , इस कटु सत्य को जानना।

( ग ) लेखक ने टॉर्च बेचने वाली कंपनी का नाम सूरज ही क्यों रखा ?
उत्तर

  • सूरज प्रकाश का प्रतीक होना
  • धर्म प्रचारकों द्वारा अपने आपको लोगों के मन का अंधेरा दूर करने वाला मानना।
  • टॉर्च बेचने वाले द्वारा टोर्च की तुलना सूरज से करना और अपना धंधा चलाना
  • धर्म प्रचारक द्वारा आत्मा के अंधकार का भय दिखाकर खुद को प्रकाश का स्रोत बताकर धंधा करना।

 

प्रश्न 12 ‘ प्रेमचंद ‘ अथवा ‘ रांगेय राघव ‘ का संक्षिप्त जीवन परिचय देते हुए उनकी दो कृतियों एवं साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।  ( लगभग 150 शब्दों में )                  5 

उत्तर –

प्रेमचंद –  जीवन परिचय

  • जन्म –  सन 1880 में वाराणसी जिले के लमही ग्राम में।
  • मूल नाम धनपत राय।
  • प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी में।
  • असहयोग आंदोलन में भाग लेने के लिए सरकारी नौकरी से त्यागपत्र
  • उर्दू में नवाब राय के नाम से लेखन कार्य।
  • मृत्यु सन 1936 में

रचनाएं – ‘ मानसरोवर ‘ ( 8 भाग ) – कहानी संग्रह
उपन्यास –  निर्मला , सेवासदन , प्रेमाश्रय , रंगभूमि , कर्मभूमि , गबन , गोदान आदि

साहित्यिक विशेषताएं –

  • जनसाधारण की वेदना तथा सामाजिक कुरीतियों का मार्मिक चित्रण।
  • भारत की संस्कृति एवं ग्रामीण जीवन के विविध रंगों से सराबोर रचनाएं
  • सजीव मुहावरेदार तथा बोलचाल के निकट की भाषा।
  • उर्दू तथा फारसी शब्दों का प्रयोग

 

अथवा

रांगेय राघव – जीवन परिचय

जन्म –

  • सन 1923 में उत्तर प्रदेश आगरा जिला में।
  • मूल नाम तिरूमल्लै नम्बाकम वीर राघव आचार्य ,
  • रांगेय  ‘ राघव ‘ नाम से साहित्यिक रचना।

रचनाएं – कहानी संग्रह –   रामराज्य का वैभव , देवदासी , समुद्र के फेन , अधूरी मूरत ,आदि
उपन्यास – घरौंदा , मुर्दों का टीला , कब तक पुकारूं ,आदि

साहित्यिक विशेषताएं –

  • यथार्थ का मार्मिक चित्रण
  • भाषा सरल , सहज , प्रवाहपूर्ण
  • मुहावरे एवं लोकोक्तियां का प्रयोग

 

अथवा

‘ कबीर ‘ अथवा ‘ पद्माकर ‘ का संक्षिप्त जीवन परिचय देते हुए उनकी दो रचनाओं और काव्यगत विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। लगभग 150 शब्दों में

कबीर   –  जीवन परिचय

  • जन्म सन 1398 काशी में
  • नीरू और नीमा नामक जुलाहा दंपति द्वारा लालन-पालन किया
  • गुरु का नाम रामानंद
  • पढ़े-लिखे नहीं थे
  • मगहर में सन 1518 में देहावसान

रचनाएं –  बीजक ( साखी , सबद , रमैनी ) कुछ रचनाएं ‘ गुरु ग्रंथ साहब ‘ में संकलित की गई है

काव्यगत विशेषताएं –

  • भक्ति काल के निर्गुण काव्य धारा के प्रतिनिधि कवि
  • समाज में फैली कुरीतियों एवं आडंबर पर प्रहार
  • साधुककडी भाषा
  • अलंकारों का स्वाभाविक प्रयोग।

 

अथवा

पद्माकर  –  जीवन परिचय

  • जन्म सन 1733 में बांदा जिला में
  • पिता का नाम मोहनलाल भट्ट
  • पिता व अन्य वंशज कवि होने के कारण इनके वंश का नाम कवीश्वर पड़ा
  • बूंदी नरेश , पन्ना महाराज से सम्मान की प्राप्ति
  • जयपुर नरेश से कविराज शिरोमणि की उपाधि के साथ जागीर भी।
  • मृत्यु सन 1833 में

रचनाएं – गंगालहरी , पदमाभरण , जगद्विनोद , रामरसायन आदि

काव्यगत विशेषताएं –

  • रितिकालीन कवि
  • रचनाओं के प्रेम और सौंदर्य का सजीव चित्रण
  • भाव अनुकूल एवं विषय अनुकूल ब्रज भाषा का प्रयोग
  • मुहावरे और लोकोक्तियां का सुंदर प्रयोग
  • सवैया एवं कविता छंदों का सुंदर प्रयोग

 

प्रश्न 13-  ‘ पराया पन तो लगता ही है भाभी ‘ अपने भाई भाभी के कमरे में श्याम को परायेपन का एहसास क्यों होता है ? श्याम की भाभी के घर में सफाई रखने वाले कार्य से आप क्या प्रेरणा लेते हैं ? लगभग 120 शब्दों में लिखें –

उत्तर –

  • भाभी के आने से कमरे का नक्शा बदल जाना।
  • पहले जो चीजें व्यवस्थित नहीं थी वह सब अब अपने स्थान पर और व्यवस्थित नजर आती थी।
  • करीने से सजा हुआ , साफ-सुथरा कमरा होने के कारण पूर्व की अव्यवस्था से मेल न खाना इसलिए पराए पन का एहसास होना।

प्रेरणा –

  • घर को साफ – सुथरा रखना
  • हर चीज व्यवस्थित और करीने से रखना
  • फूहड़पन छोड़ सुघडता का परिचय देना

अथवा

कला के प्रति लोगों का नजरिया पहले कैसा था ? उसमें अब क्या परिवर्तन आया है ? अपना उत्तर लगभग 120 शब्दों में लिखें –

उत्तर –

  • कला को राजाओं , महाराजाओं का शौक माना जाता था
  • आर्ट का केंद्र संपन्न लोगों का होना। जिनके पास खाली समय हुआ करता था , रोटी कमाने के चिंता नहीं
  • आम लोगों की दिनचर्या का हिस्सा ना होना
  • समय के साथ बदलाव आम आदमी में कला के प्रति रुचि उत्पन्न होना
  • पूर्ण व्यवसायिक रूप से प्रतिष्ठा को प्राप्त करना
  • कलाकारों को सम्मान की नजर से देखना

 

प्रश्न 14 निम्नलिखित में से किन्ही 2 प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक 120 शब्दों में लिखें

( क ) ‘ अंडे के छिलके ‘ एकांकी में अम्मा की जो तस्वीर उभरती है , अंत में वह बिल्कुल बदल जाती है।  टिप्पणी करें –

उत्तर –

  • एकांकी में अम्मा की तस्वीर परंपरावादी विचारों वाली महिला के रूप में उभरना
  • घर के लोगों द्वारा अम्मा से चोरी-छिपे अपने शौक पूरा करना।
  • अंडे खाना , चंद्रकांता संतति पढ़ना आदि
  • वीना  द्वारा हलवा ( अण्डे का )बनाए जाते समय अम्मा का अचानक कमरे में आना
  • घर के सभी सदस्यों द्वारा इसे छुपाने का प्रयास करना
  • एकांकी के अंत में यह पता लगना की अम्मा को घर में छिपकर होने वाली सभी चीजों की खबर है
  • अम्मा के उदार हृदय होने का पता चलना
  • घरवालों के प्रति उनके स्नेह और समय के अनुसार ढलने की प्रवृत्ति का पता चलना घर में आत्मीयता एकता और शांत वातावरण बनाए रखना।

( ख ) धूम्रपान के दुष्परिणाम लिखिए –
उत्तर –

  • स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
    टीवी , कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा
  • धूम्रपान का धुआं पीने वाले के अलावा आसपास मौजूद सभी के लिए हानिकारक होना
  • स्वास्थ्य के साथ-साथ धन की भी हानि

( ग ) लेखक जन्मजात कलाकार है हुसैन की कहानी अपनी जुबानी आत्मकथा में सबसे पहले कहां उद्घाटित होता है ?
उत्तर –

  • विद्यालय में ड्राइंग मास्टर द्वारा ब्लैक बोर्ड पर बनाई गई चिड़िया की तस्वीर से लेट पर हूबहू उतार कर
  • गांधी जयंती के अवसर पर गांधी जी का पोर्ट्रेट ब्लैक बोर्ड पर बनाकर

 

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इतिहास प्रश्न पत्र हल सहित कक्षा 11 | Class 11 history solved question paper

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