Internet kya hai fayde aur nuksan

Internet kya hai ? Internet ke fayde aur nuksan in hindi

Today we will learn about Internet kya hai – Internet ke fayde aur nuksan in hindi in form of essay. This post will be helpful for students and also people who just want to know.

इंटरनेट के फायदे व नुकसान – दोस्तों आज हम लोग इंटरनेट क्या है? और इसके फायदे तथा नुकसान पर विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं। आशा है आप इस पोस्ट को पढ़ने के बाद इंटरनेट के समझ का विकास कर पाएंगे।  इंटरनेट के फायदे अथवा नुकसान के बारे में विस्तार से जान सकेंगे।

 

Contents

Internet kya hai – इंटरनेट के फायदे और नुकसान

 

आधुनिक युग में संचार की क्रांति इंटरनेट के आगमन के उपरांत हुई है। अतः इंटरनेट के बिना आज का समाज अधूरा होता। इंटरनेट के विस्तार से आज सामाजिक क्रांति संभव हो चुकी है , समाज का वह कोई क्षेत्र बाकी नहीं रहा जहां इंटरनेट ने अपनी दखल ना दी हो। बालक से लेकर प्रौढ़ तक इंटरनेट का प्रयोग करते हैं।

इंटरनेट क्या है ?

इंटरनेट संचार का वह जाल है , जो पूरे विश्व में फैला हुआ है। इस जाल के माध्यम से पूरा विश्व आपस में जुड़ा हुआ है। यह उपयोगकर्ता को तार अथवा तरंग के माध्यम से आपस में जोड़े हुए रखता है। जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता अपने संदेश अथवा मनोरंजन के साधनों को आसानी से देख और समझ पाता है। आसान भाषा में इसको हम वर्ल्ड वाइड वेब के नाम से जानते हैं। जब हम लोग वेबसाइट पर कुछ सर्च करते हैं तो डब्लू डब्लू डब्लू www. लिखकर सर्च करते हैं। जिसका अर्थ world-wide-web होता है। यह फाइबर ऑप्टिकल केबल के माध्यम से आपके संदेशों को डिजिटल रूप में रूपांतरित करके आपके द्वारा भेजे गए गंतव्य तक पहुंचा देता है।

सर्विस प्रदाता को इसके लिए कुछ विशेष प्रकार का खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती। जो खर्च केबल के रखरखाव और उसको बिछाने में आता है , अथवा इसके अतिरिक्त इसके रखरखाव तथा कभी टूट जाने पर उसकी मरम्मत में जो लागत आती है वही मुख्य लागत होती है। इंटरनेट सर्विस प्रदाता अपने ग्राहकों से उसी के अनुसार मूल्य वसूलते हैं।

 

इंटरनेट का आविष्कार कब हुआ ?

इंटरनेट का आविष्कार 1960 के दशक में अमेरिका के विश्वविद्यालय में एक प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए प्रोटोकॉल के रूप में आरंभ किया गया था। इसके उपरांत 1969 में टीम बर्नर्स ली ने इस प्रोजेक्ट से प्रेरणा लेकर इंटरनेट को सामान्य व्यक्ति के प्रयोग के उपलब्ध कराने हेतु इस दिशा में कार्य किया और उस पर कार्य पर सफलता हासिल की।

1971 में पहला ईमेल अमेरिका के कैंब्रिज नामक स्थान पर टोमलिनसन नामक एक इंजीनियर द्वारा भेजा गया था , जिसे आधिकारिक रूप पर पहला ई-मेल माना जाता है। यह  एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में भेजा गया था। इस प्रयोग के सफल होने के बाद 1979 मे ब्रिटिश कंपनी ने अपने डाकघर में इस सुविधा को स्थापित किया इसकी सफलता ने भविष्य का मार्ग खोल दिया।

 

इंटरनेट का प्रचलन आज के संदर्भ में ?

इंटरनेट का प्रचलन आज इतना बढ़ गया है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अथवा प्रत्येक क्षेत्र इसके अंतर्गत आता है। कोई भी ऐसा क्षेत्र बाकी ना रहा होगा , जहां इंटरनेट ने अपनी पहचान वहां स्थापित ना की हो।  शिक्षा , कृषि , स्वास्थ्य , सूचना , मनोरंजन , संदेश आदान-प्रदान आदि सभी क्षेत्र इंटरनेट के अंतर्गत जुड़े हुए हैं।

इंटरनेट का प्रचलन इतना बढ़ गया है की आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं , आज एक साधारण व्यक्ति के हाथों में स्मार्टफोन की मौजूदगी है जो इंटरनेट से जुड़ा हुआ है।

Internet kya hai fayde aur nuksan
Internet kya hai fayde aur nuksan in hindi

इंटरनेट का उपयोग कैसे करते हैं ?

इंटरनेट का उपयोग करने के लिए साधारण तौर पर व्यक्ति को ब्राउज़र की मदद लेनी पड़ती है जिसके माध्यम से वह इंटरनेट का उपयोग अपने मन अनुरूप कर सकता है। जिसे सर्च इंजन भी कहते हैं यह सर्च इंजन – गूगल सर्च इंजन, याहू सर्च इंजन, यूसी ब्राउजर, मोज़िला अथवा अनेक प्रकार के सर्च इंजन इंटरनेट पर उपलब्ध है।

व्यक्ति एप्लीकेशन के द्वारा अपने मोबाइल में इंटरनेट का उपयोग कर सकता है और अपने मनोरंजन अथवा रूचि के अनुसार बिना किसी की सहायता वह इंटरनेट का उपयोग आसानी से कर सकता है।

इंटरनेट आज के समय इतने सस्ते और साधारण व्यक्ति तक पहुंच चुके हैं कि इंटरनेट के फायदे और नुकसान पर विचार करना भी आवश्यक हो गया है। आज से 5 वर्ष पूर्व भी हम देखते हैं तो इंटरनेट की सुविधा काफी महंगी थी और आम व्यक्ति की पहुंच से दूर थे। और उनके पैकेज इतने महंगे थे कि जो व्यक्ति इसको उपयोग करता था वह भी सोच समझकर और अपने जरूरत के अनुसार सतर्कता के साथ करता था। किंतु आज इंटरनेट इतने सस्ते हो गए हैं कि व्यक्ति अपने जरूरत के बाद भी मनोरंजन अथवा समय की बर्बादी तक उलझा रहता है। कोई कार्य हो अथवा नहीं , वह इंटरनेट के लत से छुटकारा नहीं पाता। इसलिए आज आवश्यक हो गया है कि हम फायदे और नुकसान के बारे में जाने और अपने बच्चे तथा समाज को इसके बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं।

 

इंटरनेट के फायदे

 

1. तत्काल जानकारी

किसी भी घटना अथवा सूचना की तत्काल जानकारी व्यक्ति तक पहुंच पाती है। इंटरनेट से पूर्व के समय में किसी भी घटना की जानकारी महीने अथवा वर्षों में प्राप्त होती थी कभी – कभी सुचना मिलती ही नहीं थी । वही इंटरनेट के माध्यम से तत्काल जानकारी उपलब्ध हो जाती है। अतः व्यक्ति किसी भी वैश्विक घटना को तत्काल जान सकता है।

 

2. संपर्क तथा सूचना का आदान-प्रदान

आज से कुछ वर्ष पूर्व तक आपने महसूस किया होगा कि अपने सगे संबंधी अथवा रिश्तेदारों से संपर्क करने के लिए पत्र का सहारा लेना पड़ता था।  यह पत्र कितने दिनों में पहुंचता था , यह भी आप जानते होंगे। कई बार पत्र भेजने के बावजूद भी वह आपके भेजे गए गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते थे। आपका पत्र बीच में कहीं लुप्त हो जाता था। ऐसे में इंटरनेट के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान सुलभ हो गया और संपर्क करने की सुविधा आसान हो गई है।

 

3. तत्काल संदेश का आदान-प्रदान

इंटरनेट के आगमन से संदेश का आदान-प्रदान बेहद सुविधाजनक हो गया है। आज व्यक्ति देश के किसी भी कोने में बैठ कर तत्काल अपने संदेश को अपने मित्र अथवा परिवार में भेज सकता है और तुरंत उनका जवाब भी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए इंटरनेट द्वारा ईमेल की सुविधा प्रदान की जाती है।

 

4. अपने हुनर को दुनिया के सामने प्रकट करने में सुविधा

इंटरनेट के माध्यम से आज समाज में एक क्रांति सी छाई हुई है। पूर्व समय में जहां व्यक्तिगत प्रतिभा उसके साथ ही समाप्त हो जाती थी। इंटरनेट के आगमन से आज प्रत्येक व्यक्ति अपने हुनर को विश्व के सामने प्रकट कर रहा है। इंटरनेट ने इस क्षेत्र की सीमा को पार करते हुए वैश्विक स्तर पर किसी भी व्यक्ति को पहचान दिलाने में उसकी मदद की है। आज ऐसे कई प्लेटफार्म है जहां पर व्यक्ति अपने हुनर को प्रकट कर रहा है जिसमें एक सबसे बड़ा माध्यम – यूट्यूब , फेसबुक , टिक टॉक आदि भी है।

 

5. इंटरनेट से होने वाले समय की बचत

व्यक्ति स्वभाव से जिज्ञासु होता है , उसकी जिज्ञासा  हमेशा जागृत रहती है। माना जाता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति सदैव जिज्ञासु प्रवृत्ति का होता है।  वह अपनी जिज्ञासा को तुरंत ही शांत करना चाहता है। पूर्व समय में किसी भी समस्या अथवा जिज्ञासा को शांत करने के लिए अपने से बड़े अथवा किताब आदि माध्यमों का सहारा लेना पड़ता था , जिसमें काफी समय लग जाता था। आज इंटरनेट के माध्यम से व्यक्ति अपने जिज्ञासाओं को तत्काल शांत कर पाता है।उसके सभी प्रश्नों का जवाब इंटरनेट पर उपलब्ध रहता है।

अतः उसे किसी भी विषय में कोई कठिनाई अथवा जानकारी प्राप्त करनी होती है तो तत्काल इंटरनेट पर वह प्राप्त हो जाती है जिसके माध्यम से उसके समय की बचत होती है।

 

6. मनोरंजन का साधन

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है , समाज में रहते हुए उसे जहां ज्ञान – विज्ञान तथा कार्य के प्रति अपना समय लगाना पड़ता है , वहीं उसे मनोरंजन की भी आवश्यकता होती है।  पूर्व समय में मनोरंजन के लिए दो व्यक्तियों की आवश्यकता होती थी। किंतु आज इंटरनेट की सुविधा होने के अपना मनोरंजन ऑनलाइन अथवा इंटरनेट के माध्यम से कर लेता है। कोई भी व्यक्ति – हास्य , चलचित्र, कहानी , फिल्म , कविता आदि अनेक प्रकार के माध्यमों से अपने मनोरंजन की सामग्री ढूंढ लेता है।

अगर कहा जाए कि आज इंटरनेट मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है , तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। मनोरंजन के लिए बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इंटरनेट पर जुड़े रहते हैं। जहां बच्चे खेल तथा कार्टून आदि सामग्री इंटरनेट पर देखते हैं। वहीं बुजुर्ग भक्ति – भजन अथवा समाचार आदि अनेक प्रकार के सामग्री द्वारा अपना मनोरंजन करते हैं।

 

7. ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति

इंटरनेट के आगमन से समाज को एक नई दिशा मिली है , जहां आज इंटरनेट के माध्यम से समाज एक – दूसरे के खोज को साझा करते हैं और उसे क्षेत्र में उससे अधिक बेहतर और सुविधाजनक खोज के लिए प्रयत्नशील रहते हैं। जिसके कारण इंटरनेट ने ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति उत्पन्न की है। इंटरनेट के माध्यम से वैश्विक स्तर पर ज्ञान – विज्ञान के क्षेत्र में भागीदारी बढ़ी है।

 

8. घर बैठे सभी सुविधाओं का लाभ लेना

व्यक्ति सदैव ही अपने कार्यों में समय की बचत चाहता है , जिसके लिए इंटरनेट ने व्यक्ति को सुविधा प्रदान की है। जहां पहले लोग अपने घर के छोटे-मोटे काम के लिए भी पूरा दिन लगा दिया करते थे , वही इंटरनेट की सहायता से आज झटपट कहीं भी रहते हुए वह कार्य आसानी से हो जाता है।

उदाहरण के लिए पहले जहां घर का बिल बिजली का बिल तथा टेलीफोन के बिल के लिए व्यक्ति दिन भर का समय बर्बाद करता था।  वही आज इंटरनेट के माध्यम से वह एक  मिनट में कार्य पूर्ण हो जाता है। इसके कारण व्यक्ति का पूरा दिन बच जाता है और वह अपने समय का कहीं और उपयोग कर सकता है।

 

9. बैंकिंग सुविधा

इंटरनेट के माध्यम से बैंकिंग सुविधा में भी काफी बदलाव हुआ है। आज के दौर में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जो इस सुविधा का लाभ नहीं ले रहा हो। इंटरनेट के आगमन से पूर्व सभी कार्य किताब अथवा रजिस्टर के माध्यम से पूरे किए जाते थे। इसके लिए लंबी-लंबी लाइने तथा समय की बर्बादी अधिक हुआ करती थी और पैसे का लेनदेन भी ठीक प्रकार से नहीं होता था। इंटरनेट के आगमन के उपरांत आज व्यक्ति अपने घर बैठे भी किसी को पैसा दे सकता है अथवा उससे प्राप्त कर सकता है। यहाँ तक कि देश – विदेश के किसी भी कोने में तत्काल पैसे का लेनदेन सम्भव है।  यह सब कार्य चंद मिनटों में पूरा हो जाता है।

किसी भी भुगतान को घर बैठे पूरा किया जा सकता है इसके लिए व्यक्ति को बैंक जाने की और वहां पर लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं होती।  व्यक्ति स्वयं ही सारा ब्योरा ऑनलाइन इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।

 

10. शिक्षा के क्षेत्र में इंटरनेट

शिक्षा के क्षेत्र में इंटरनेट ने एक नई क्रांति को जन्म दिया है। इस क्रांति के माध्यम से विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा सुविधा प्राप्त हुई है। जहां पूर्व समय में विद्यार्थी एक ही विषय को पढ़ने के लिए ढेरों किताबें पढ़ा करते थे , और उसके लिए महंगा मूल्य चुकाते थे। कभी-कभी तो पुस्तकें बाजार में उपलब्ध भी नहीं होती थी , जिसके अभाव में विद्यार्थी पूर्ण ज्ञान की प्राप्ति नहीं कर पाता था। आज इंटरनेट के माध्यम से विद्यार्थी को पुस्तकों की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि सभी सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध है। विद्यार्थी जब चाहे तब अपने मोबाइल – लैपटॉप अथवा कंप्यूटर के माध्यम से कहीं भी बैठकर पढ सकता है। यहां तक कि सफर के दौरान भी सहूलियत के अनुसार पढ सकता है। किताबें जहां विद्यार्थी को कहीं भी ले जाने में तकलीफ देती थी , वही उन सभी बोझ को कम करते हुए सारा ज्ञान और जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध हो जाती है।

 

11. कृषि के क्षेत्र में इंटरनेट की उपयोगिता

आज का समाज जिस प्रकार से आधुनिकता की ओर अग्रसर होता जा रहा है तो किसान इसमें पीछे नहीं है। वह अपने कृषि के लिए उन्नत तकनीक का प्रयोग करने लगे हैं , तथा इंटरनेट के द्वारा अपने कृषि के अच्छे उत्पादन के लिए नवीनतम ज्ञान तथा जानकारियों को हासिल कर अच्छी पैदावार कर पहले से अधिक कमाई करने लगे हैं। अतः इंटरनेट की उपयोगिता कृषि के क्षेत्र में भी काफी सफल रही है। आज कृषि वैज्ञानिक ऑनलाइन किसानों की सहायता करने के लिए तैयार रहते हैं। सरकार द्वारा कॉल सेंटर स्थापित किया गया है , जहां किसान उनसे उन्नत किस्म की खेती करने का तकनीक सीख सकते हैं।

 

12. मौसम विज्ञान के क्षेत्र में इंटरनेट की उपयोगिता

मौसम विज्ञान के क्षेत्र में इंटरनेट की उपयोगिता काफी अधिक बढ़ गई है।  मौसम वैज्ञानिक किसी भी प्राकृतिक परिवर्तन तथा उसके प्रभावों को इंटरनेट की सहायता से पहले ही जान लेते हैं और उनके संभावित खतरों के लिए समाज में जागरूकता फैलाते हैं , अथवा सूचना देते हैं। इंटरनेट के माध्यम से वह किसी भी घटना के पूर्व ही सटीक जानकारी हासिल कर लेते हैं , जिसके कारण भारी होने वाली क्षति से बचाते हैं।

 

13. बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव की जानकारी

बाजार में हानि – लाभ , उतार-चढ़ाव आदि प्रक्रिया सतत रूप से चलती रहती हैं। व्यापारी तथा निवेशक इंटरनेट के माध्यम से बाजार में हो रहे घटनाओं से अवगत रहते हैं। इंटरनेट एक ऐसा माध्यम हो गया है जहां बाजार में होने वाली छोटी से छोटी घटना भी तुरंत उपलब्ध होती है। अतः इंटरनेट की सुविधा से व्यापारी निवेशक तथा खरीदार सभी को सुविधा मिल पाती है।

 

14. खरीदारी

भारतीय परंपरा में बाजार का अधिक महत्व रहा है , पारंपरिक रूप से लोग अभी तक बाजार में व्यक्तिगत रूप से जाकर कोई भी सामान अथवा वस्तु को खरीद कर लाते हैं। किंतु इंटरनेट की क्रांति ने बाजार पर भी अपना आधिपत्य जमा लिया है। आज अधिक से अधिक व्यक्ति इंटरनेट पर सामान की खरीदारी कर लेता है।

ई-कॉमर्स कंपनियों ने बाजार में अपने ऐसे प्लेटफार्म स्थापित किए हैं , जहां पर व्यक्ति अपने पसंदीदा अनेकों सामान देख सकता है और उसमें से अपने मनपसंद की वस्तुएं खरीद सकता है। निर्धारित समय पर वह वस्तु व्यक्ति के घर पहुंचा दी जाती है। इसलिए दीपावली , दशहरा  ,  ईद जैसे बड़े त्यौहार में भी बाजारों में वह रौनक अब नहीं रही जो पहले हुआ करती थी।  क्योंकि आज ऑनलाइन ही सारी वस्तुएं उपलब्ध है व्यक्ति कम समय में अधिक से अधिक सामान को देखकर उनमें से अच्छे वस्तुओं को चयन कर सकता है। यह सुविधा इंटरनेट के माध्यम से ही उपलब्ध हुई है।

 

15. व्यापार

इंटरनेट के माध्यम से आज व्यक्ति को व्यापार करने में काफी सहूलियत हुई है। आज कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने सामान की खरीद – बिक्री कर सकता है। एक दुकानदार भी अपने दुकान की वस्तुएं ऑनलाइन बेच सकता है। तथा एक गृहिणी अपने घरेलू उत्पाद को बाजार में बेच सकती है।  यह सब इंटरनेट के माध्यम से सुलभ हो गया है , इसमें अधिक पूंजी की आवश्यकता नहीं होती है।

 

16. नौकरी

इंटरनेट की क्रांति में नौकरी भी शामिल है , इंटरनेट के आगमन से बाजार में नौकरियां जहां घट रही है वहीं इंटरनेट के माध्यम से रोजगार पाने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन गुणात्मक रूप से बढ़ती जा रही है। आज व्यक्ति वीडियो , फोटो , अथवा ब्लॉग के माध्यम से लाखों रुपए कमा रहे हैं।  जो कि नौकरी में कभी भी संभव नहीं था , व्यक्ति कम पूंजी अथवा अपनी योग्यता के अनुसार कमाई कर सकता है। इंटरनेट ने अनपढ़ और गवार व्यक्ति भी इंटरनेट के माध्यम से पैसे कमा रहा है। टिक – टॉक , यूट्यूब , फेसबुक आदि जैसे प्लेटफार्म आपने देखे होंगे उसमें वीडियो बनाने वाले व्यक्ति जरूरी नहीं है कि अधिक पढ़े लिखे हो या वह विद्यालय भी गए हो , किंतु हां वीडियो बना रहे हैं इसीलिए वहां वह पैसे कमा रहे हैं। इसलिए वह रोजगार का भी एक माध्यम बना हुआ है।

 

17. इंटरनेट से ऑनलाइन पैसा भी कमाया जाता है

इंटरनेट का उपयोग करके लाखों लोग ऑनलाइन पैसा कमा रहे हैं। अगर आपको यह जानना है कि ऑनलाइन पैसा किस प्रकार कमाया जाता है तो आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं – Online paise kaise kamaye

इंटरनेट से पैसा कमाने का जो सबसे चर्चित और पसंदीदा तरीका है वह ब्लॉगिंग है। अगर आपको ब्लॉगिंग के ऊपर पूरी जानकारी चाहिए तो यह पोस्ट पढ़े – Blogging kya hai 

कुछ अन्य पोस्ट जो आपके काम आ सकते हैं –

SEO kya hai ? SEO in hindi की पूरी जानकारी एक जगह पर

Hosting konsi kharide ? Sasti hosting kese kharide

How to register a company in India

Website kaise banaye in hindi

 

इंटरनेट से होने वाले नुकसान

 

इंटरनेट से आपने उपरोक्त ढेर सारे फायदों को पढ़ा है , किंतु इंटरनेट से फायदे के साथ-साथ इसके नुकसान भी हैं। जब किसी भी चीज की अति होती है , तो वह नुकसानदेह होना लाजमी  है।  यह चाणक्य ने भी सिद्ध किया था कि – अति सदा वर्धते।  इंटरनेट के निश्चित रूप से फायदे हैं अगर उसके दायरे में रहकर प्रयोग करें। अतः व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम बहुत सारे नुकसानों के चपेट में आ जाता है। कुछ मुख्य बिंदुओं को हम नीचे लिख रहे हैं –

 

1. तनाव

इंटरनेट के अधिक उपयोग से तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है , जिसके कारण व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर और विक्षिप्त हो जाता है। वह समाज में अपने आपको सबसे अलग महसूस करता है , यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब अपने समाज सगे – संबंधियों से दूर रहकर वह अधिक से अधिक समय इंटरनेट में गुजारता है।  अपने मनोरंजन , खाने-पीने आदि पर ध्यान नहीं देता , जिसके कारण उसके सेहत में गिरावट आती है। लम्बे अंतराल तथा  एक सीमा के बाद तनाव की स्थिति में आ जाता है। इसलिए जरूरी है कि इंटरनेट का उपयोग उतना ही करें जितनी आपकी आवश्यकता है।

 

2. लत पडना तथा आदत

इंटरनेट आज के समय में एक लत हो गया है , अर्थात यह एक आदत हो गई है। जिस प्रकार व्यक्ति को भूख लगती है , चोट लगने पर दर्द होता है , ठीक उसी प्रकार इंटरनेट के उपयोग न करने से उसे किसी कमी का आभास होता है। पहले व्यक्ति अपने जेब में मोबाइल नहीं रखा करता था।  तो वह निश्चित रूप से स्वतंत्र और बिना किसी रोक-टोक के घूमता रहता था। किंतु आज अगर व्यक्ति के पास मोबाइल ना हो का मन कहीं खोया हुआ प्रतीत होता है यह एक आदत है।

 

3. अश्लीलता की ओर झुकाव

इंटरनेट पर जहां ज्ञानवर्धक चीजें उपलब्ध है , वही अश्लीलता की सामग्री भी भरपूर है। वीडियो , फोटो अथवा पोस्ट के रूप में इंटरनेट पर ढेर सारी अश्लील सामग्रियां उपलब्ध है। आज अधिक से अधिक फिल्में , सीरियल आदि बन रहे हैं जिसमें अश्लीलता की पराकाष्ठा दिखाई देती है। ना चाहते हुए भी व्यक्ति के सामने कुछ ऐसा लिंक उपलब्ध हो जाता है , फोटो उपलब्ध हो जाता है जिसके माध्यम से वह अश्लील सामग्रियों के चपेट में आता है। इस प्रक्रिया में धीरे-धीरे यह अपनी और आकर्षित करता जाता है और व्यक्ति के चरित्र का हनन होता है।

 

4. हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा

इंटरनेट ने आज एक बच्चे को भी अपनी चपेट में ले लिया है। इंटरनेट प्रयोग करने वाले व्यक्ति अत्यधिक हिंसक प्रवृत्ति के होते जा रहे हैं।  क्योंकि खेल , वीडियो , फोटो आदि जितने भी सामग्री इंटरनेट पर उपलब्ध है , लगभग 50% भाग हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले ही होते हैं।  इसलिए बच्चे को अगर मां इंटरनेट अथवा मोबाइल से दूर रहने का सलाह देती है तो बच्चे अपनी मां अथवा पिताजी के प्रति उग्र स्वभाव दिखाते हैं।  यह सब इंटरनेट के माध्यम से ही बच्चों के स्वभाव में आता है।

 

5. धोखाधड़ी

इंटरनेट के माध्यम से धोखाधड़ी के मामलों में और वृद्धि आई है। आज व्यक्ति की संपूर्ण जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध रहती है। कोई भी वेबसाइट अथवा एप्लीकेशन के उपयोग करने से पूर्व वेबसाइट अथवा एप्लीकेशन के मालिक उसके फोन के सभी डाटा को प्रयोग करने की अनुमति ले लेते हैं। और उसके बाद वह सभी डाटा कंपनी अपने फायदे के लिए प्रयोग करती है। कभी-कभी तो इसकी आड़ में फर्जी लोग भी इस डेटा का प्रयोग करते हैं और जानकारी हासिल कर गोपनीय तथा निजी यहां तक कि आर्थिक रूप से भी व्यक्ति को अपना शिकार बना रहे हैं।

इंटरनेट अथवा मोबाइल आदि के माध्यम से व्यक्ति की बैंक अथवा निजी जानकारियां हासिल की जाती है और यह उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इंटरनेट के प्रयोग के बाद आर्थिक रूप से धोखाधड़ी के मामले में गुणात्मक वृद्धि हो रही है। दिन – प्रतिदिन होने वाली इन घटनाओं के ग्राफ में अधिक वृद्धि आई है।

 

6. समय की बर्बादी

इंटरनेट एक आदत की भांति व्यक्ति के जीवन में शामिल हो गया है। चाहे उसे जरूरत हो अथवा नहीं वह इंटरनेट का प्रयोग किए बिना नहीं रह सकता।  क्षण – क्षण वह अपने नेट के माध्यम से मोबाइल अथवा लैपटॉप पर अपने मनोरंजन अथवा दोस्तों से जुड़े रहता है। वह अपने निजी जिंदगी को सब के साथ शेयर करता है , जिसके लिए वह अपने फोटो अथवा जानकारी को सभी लोगों के साथ साझा करता है और फिर उसके माध्यम से आने वाली प्रतिक्रियाओं का इंतजार करता है। इस लत अथवा आदत के कारण वह अपने समय की बर्बादी इंटरनेट पर करता है। बड़े-बड़े सर्वे में यह साबित हुआ है कि व्यक्ति जरूरत ना होने के बावजूद भी अपने मोबाइल अथवा इंटरनेट के प्रयोग करने से बाज नहीं आता। वह अपने इन उपकरणों से अधिक समय तक दूरी नहीं बना सकता। अतः वह ज्यादा से ज्यादा 15 से 20 मिनट अपने इन उपकरणों से दूर रह सकता है अथवा सोते समय।

 

7. विज्ञापन की अधिकता

इंटरनेट पर सबसे ज्यादा ग्राहक मौजूद होते हैं। आज इंटरनेट की मौजूदगी प्रत्येक व्यक्ति के पास लगभग हो चुकी है , इसलिए माना जा सकता है कि प्रत्येक व्यक्ति इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। और ऐसे हर एक व्यक्ति जो इंटरनेट से जुड़ा हुआ है उन पर एक समय में एक ही मैसेज से अपने विज्ञापन भेज सकते हैं। इसलिए कंपनियां इन तकनीकों को प्रयोग करके एक ही क्षण में असंख्य व्यक्ति तक अपने प्रोडक्ट उत्पादन अथवा सामग्री का विज्ञापन कर सकती है। अपने मोबाइल , कंप्यूटर लैपटॉप आदि को प्रयोग करते समय देखा होगा आपको ना चाहते हुए भी विज्ञापनों की बहुलता देखने को मिलती है। यह सब कंपनी के द्वारा किया गया विज्ञापन होता है , जिससे आकर्षित होकर आप उस वस्तु को देखने अथवा खरीदने के लिए बाध्य हो जाते हैं।

 

8. धन की बर्बादी

कंपनियां आजकल आपके डेटा को अपने लिए प्रयोग करती है , अथवा दूसरे को बेच भी देती है। आप किसी भी ई कॉमर्स कंपनी पर कोई सामग्री देखते हैं , तो आपको वह सामग्री आपके वहां से हटने के बाद भी काफी दिनों तक दिखता रहता है। तो आप समझ जाइए आपने उस प्लेटफार्म पर क्या सर्च किया था और आपको कंपनी वह सब क्यों दिखा रही है। क्योंकि वह कंपनी आपके रूचि के अनुसार आपको उस प्रोडक्ट के लिए आकर्षित कर रही है।  एक क्षण ऐसा आता है , जब आपका मन उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए बन जाता है। इसमें कंपनी का फायदा होता है और आपके धन की बर्बादी होती है। आपको ना चाहते हुए भी वह सामान खरीदने के लिए आकर्षित होते हैं।

 

9. गोपनीय सूचनाओं का साझा करना

आपने धोखाधड़ी की घटनाओं को सुना ही होगा कि कभी उस व्यक्ति के बैंक से पैसे निकल गए , अथवा उसके निजी फोटो कहीं सोशल मीडिया पर फैल गया। जी हां यह सब संभव है ! जब आप किसी फोन , एप्लीकेशन अथवा लैपटॉप को प्रयोग करते हैं और अपने गुप्त फोटो , सूचना , मेल आदि को संजोकर अपने पास रखते हैं। किंतु आपको कुछ दिनों बाद पता चलता है कि वह फोटो , वीडियो , सूचना आपके बिना शेयर किए हुए किसी अन्य व्यक्ति के पास उपलब्ध है।

यह सब इसलिए होता है , क्योंकि इंटरनेट पर आप सुरक्षित नहीं रहते। आप जो भी उपयोग करते हैं , प्रयोग करते हैं उन सभी की जानकारी आपके मोबाइल , एप्लीकेशन अथवा लैपटॉप के मालिक के पास उपलब्ध रहती है। वह आपसे आरंभ में ही आप की रजामंदी ले लेता है , ताकि भविष्य में आप उसके ऊपर किसी कानून के तहत उस पर मुकदमा दायर न कर सके अथवा क्लेम ना कर सके। इसलिए आपकी निजी जानकारी सार्वजनिक हो जाती है।

 

10. जासूसी

इंटरनेट पर जासूसी के मामले बढ़ते जा रहे हैं , क्योंकि आप जिस मोबाइल को उपयोग करते हैं जिस एप्लीकेशन को प्रयोग में लाते हैं वह सब थर्ड पार्टी तक आपकी सारी जानकारी उपलब्ध कराता है। आपके फोटो , मैसेज , वीडियो , बैंक से जुडी सभी जानकारी आदि जितने भी आपके मोबाइल में सेवा प्रदाता अथवा तीसरे व्यक्ति जो आपको बिजनेस के रूप में उपयोग कर सकता है।  वह सभी आपके डाटा को देखते हैं जिसके माध्यम से आप की जासूसी की जाती है।

जासूसों को इतना आपके विषय में जानकारी होती आप क्या खाते है , क्या पहनना पसंद करते है , कितनी देर कोन का एप्लीकेशन प्रयोग करते है और कहाँ आते जाते है।

 

11. विद्यार्थियों में एकाग्रता की कमी

इंटरनेट की लत ऐसी है कि उससे कोई भी व्यक्ति बचा नहीं है , इसके अधिक प्रयोग से व्यक्ति में एकाग्रता की कमी आती है .वह सोचते – सोचते उन सभी बातों को भूल जाता है जो कुछ देर पूर्व उसने क्या विचार किया था और उसे क्या करना है इस प्रकार व्यक्ति तथा विद्यार्थियों में एकाग्रता की कमी आती है।

इंटरनेट पर सभी प्रकार की जानकारियां उपलब्ध होती है। विद्यार्थी को जिस विषय में अथवा जिस बिंदु पर समस्या होती है। वह तुरंत इंटरनेट के माध्यम से उन सभी समस्याओं का समाधान कर लेता है। जिसके कारण वह इंटरनेट पर आश्रित हो जाता है। वह अन्य पुस्तकों अथवा अध्ययन से वंचित रह जाता है , जिसके कारण भी विद्यार्थियों में एकाग्रता की कमी अथवा गिरावट आ रही है .इससे छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय इस प्रकार के उपकरणों से दूरी बनाकर अथवा संयमित होकर उपयोग करना ही है।

 

12. महिलाओं के स्वभाव में उग्रता का समावेश

आज के दौर में महिलाएं भी इंटरनेट के चपेट से बाहर नहीं रह पाई हैं , क्योंकि जितने भी फिल्म , सीरियल अथवा इंटरनेट पर सामग्री उपलब्ध है वह महिलाओं में चिड़चिड़ापन अथवा उग्र स्वभाव को जागृत करता है। इंटरनेट की लत के द्वारा महिलाएं उग्र स्वभाव की होती जा रही हैं।  उसमें दिखाई जाने वाली सामग्री तो एक माध्यम है किंतु इंटरनेट से दूर रहने के कारण भी महिलाएं उग्र बर्ताव करती हैं। शोध में पाया गया है कि महिलाएं अगर 2 घंटे से अधिक अपने स्मार्टफोन से दूर रहें तो वह स्वभाव से उग्र बर्ताव करती है।

Other hindi essays

टेलीविजन की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए | Importance of television in hindi

अप्रैल फूल क्या है | क्यों मानते है। what is april fool 

नदी तथा जल संरक्षण | nadi ka sanrakshan | bhaarat ki nadiya | River protection

पर्यावरण की रक्षा। ग्लोबल वार्मिंग। ताप वृद्धि का कारण।Global warming

Chhath pooja kahani aur mahtva

Diwali in hindi info quotes and wishes

Sharad poornima | kojaagri poornima

Dussehra nibandh | vijyadashmi |

Phoolwalon ki ser

Holi in hindi Info , quotes , wishes and sms in hindi

Gudi Padwa in hindi गुड़ी पड़वा भारतीय त्यौहार

Hanuman jayanti 2019 date, mantras, Puja vidhi in hindi

Ramjan mubarak 2019 status dp quotes images importance

 

निष्कर्ष –

समग्रत: हम कह सकते हैं कि इंटरनेट आज के दौर में एक आवश्यक सामग्री अथवा माध्यम बन गई है।  निश्चित रूप से इंटरनेट के अनेकों – अनेक फायदे हैं , किंतु इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि इसके बेहद ही नुकसानदेह परिणाम भी सामने देखने को मिलते हैं। अगर इंटरनेट का प्रयोग नियमित , संयमित अथवा विवेक से किया जाए तो यह निश्चित तौर पर आपके लिए फायदेमंद साबित होता है। अगर जरा सी भी असावधानी , अथवा  संयमित होकर इंटरनेट का उपयोग न करने से आपकी निजी तथा गोपनीय और यहां तक कि आप स्वयं इसके शिकार हो जाते हैं .आपकी निजी जिंदगी तो खराब होती ही है , आपका सेहत भी प्रभावित होता है। जिसके कारण आपकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।

अतः इंटरनेट के फायदों का लाभ लेना चाहिए , उसके नुकसान से सदैव अपने आपको बचना चाहिए और संयमित होकर विवेक का प्रयोग करते हुए ही इंटरनेट का इस्तेमाल करें।  निश्चित तौर पर इंटरनेट के फायदे आपको आपके समाज में उन्नति प्रगति का माध्यम बनेगी।

Follow us here

Follow us on Facebook

Subscribe us on YouTube

Leave a Comment

You cannot copy content of this page